सभी लोग यही चाहते हैं की अपनी लाइफ एकदम खुशहाल रहे और हम एक स्वस्थ शरीर और स्वस्थ दिमाग के मालिक हों लेकिन हमेशा ऐसा नहीं होता ! हमारे व्यक्तित्व की कुछ ऐसी आदतें होती हैं जिनसे हमारा जीवन बहुत तनाव भरा और नीरस हो जाता है ! आइये आपको बताते हैं लोगों के व्यक्तित्व की कुछ ऐसी आदतें जिन्हें त्यागना बहुत जरुरी है ताकि हमारा जीवन खुशहाल बन सके !

बचकाना व्यवहार

कुछ लोग बड़े होने के बावजूद भी बचकाना व्यवहार नहीं छोड़ते, बात बात पर किसी पर भी गुस्सा हो जाना और दूसरों से अलग हो जाना उनसे बात ना करना उनके व्यवहार में शामिल हो जाता है जिससे दूसरे लोग उनके साथ असहज महसूस करते हैं ! ऐसे में किसी परिस्थिति में बचकाना व्यवहार ना कर दूसरों से एक बेहतर और शिष्ट तरीके से किसी बात का समाधान निकालें !

छल

कई लोगों की आदत होती है अपना काम निकालने के लिए अक्सर दूसरे लोगों के साथ छल कपड़ करते हैं लेकिन ऐसा करने से वो लोगों का सम्मान खो देते हैं और दूसरे लोग भविष्य में ऐसे लोगों की बातों पर भरोसा करना छोड़ देते हैं जो छल करने वाले लोगों के लिए ही नुकसानदायक हो सकता है !

ईर्ष्या

ईर्ष्या करना सभी के व्यवहार में होता है लेकिन कुछ लोग ज्यादा ही ईर्ष्यावादी होते हैं वो अक्सर दूसरे लोगों से ईर्ष्या की भावना रखते हैं लेकिन ऐसे लोगों के जीवन में हमेशा निराश ही रहती हैं वो खुद अपने आप को दूसरों से कम आंकने लगते हैं ! दूसरों से ईर्ष्या कभी हमें जीवन में सफलता नहीं दिला सकती इसलिए हमेशा दूसरे लोगों से ईर्ष्या करने की बजाय उनसे प्रेरित होकर कुछ सीख लेनी चाहिए ताकि हम भी वो मुकाम पा सकें !

अहंकार

जब किसी को सफलता मिल जाती है चाहे वो आसानी से मिली हो या कड़ी मेहनत के बाद कुछ लोगों में अहंकार आ जाता है और वो दूसरों को खुद से नीचा और अक्षम समझने लगते हैं लेकिन ऐसा करने से वो लोग दूसरों की नजरों में गिरते हैं और सम्मान खो देते हैं ! इसलिए अपनी सफलता पर कभी अहंकार ना करें और अपने साथ के लोगों से समानता का व्यवहार करते हुए बेहतर रिश्ते निभाएं !

प्रायश्चित

अपने जीवन में हमेशा प्रायश्चित करने का मौक़ा ही ना आने दें क्योंकि आप अगर किसी से दुर्व्यवहार करते हैं तो भले ही आपको बाद में पछतावा हो लेकिन दूसरे लोग आपसे घृणा करने लगते हैं जिसे आगे बेहतर सम्बन्ध बनाये रखना मुश्किल हो जाता है ! लेकिन अगर आपको कभी प्रायश्चित हो की आपने कुछ गलत कर दिया है तो आप उसे एक बेहतर माहौल और अपनी गलती मानते हुए लोगों से अपनी बात करें और उनसे बेहतर व्यवहार बनायें !