पढ़ाई करने के कुछ ऐसे तरीके जो आपके रिजल्ट में चार चाँद लगा देंगे

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पढ़ाई करने का दौर चाहे स्कूल का रहा हो या फिर कॉलेज या किसी प्रतियोगी परीक्षा का, आपको मेहनत तो बहुत करनी होती है । पढ़ने का सबका तरीका भी अलग अलग होता है। किसी को एक शांत जगह की ज़रूरत होती है तो किसी को गाने सुनते हुए पढ़ना पसंद होता है। कुछ बच्चे घंटों की पढ़ाई के बाद भी अच्छा स्कोर नहीं कर पाते जबकि कई बच्चे कम समय की पढ़ाई और खेलकूद के साथ भी अच्छा स्कोर बना लेते हैं। आख़िर ये कैसे संभव है ? तो चलिए, आज आपको बताते हैं पढ़ाई करने के कुछ ऐसे तरीके, जो आपके रिजल्ट में चार चाँद लगा देंगे –

आपका पढ़ने का तरीका कौनसा है –
भले ही किताबें सबकी एक जैसी ही हो, लेकिन हर स्टूडेंट के पढ़ने का तरीका एकदम जुदा होता है। किसी को किताबों के ढ़ेर के बीच बैठकर पढ़ना पसंद आता है, किसी को दोस्तों के साथ पढ़ना, तो किसी को म्यूजिक के साथ पढ़ाई करना पसंद होता है। कुछ बच्चे तो खेलते-कूदते भी पढ़ाई करने में माहिर होते हैं। अब आपको ये चुनना है कि आपके लिए कौनसा तरीका बेहतर है, जिसमें आप सबसे ज़्यादा सीख सके और याद रख सकें, साथ ही उस तरीके में आपको मज़ा भी आये।

रात की एक अच्छी नींद ज़रूर लें –
अक्सर पढ़ाई करने के दौरान नींद को समय की बर्बादी मान लिया जाता है और ज़्यादा से ज़्यादा पढ़ लेने की कोशिश में रात की अच्छी नींद नहीं मिल पाती है। हावर्ड यूनिवर्सिटी की एक स्टडी के अनुसार – रात को अच्छी नींद लेने से दिमाग को नयी जानकारियों को याद करने में मदद मिलती है और रात में पर्याप्त नींद लेने वाले स्टूडेंट्स की लर्निंग 35% तक बढ़ जाती है, बजाए उनके जो रात की अच्छी नींद नहीं लेते हैं।

अपना फोकस बनाइये –
मोबाइल के इस समय में स्टूडेंट के लिए सबसे बड़ी मुश्किल तब खड़ी हो जाती है जब उसे मैथ्स जैसे सब्जेक्ट्स पर पूरा फोकस करने की ज़रूरत होती है लेकिन उसका मोबाइल सारा फोकस अपनी तरफ खींच लेता है। ऐसे में आप अपने फोन को बंद कर दीजिये और लाइब्रेरी जैसी कोई शांत जगह पर जाकर पढ़िए ताकि आपका सारा ध्यान आपके विषय पर लग सके क्योंकि बिना फोकस के पढ़ने से कोई फायदा नहीं होता।

पोमोडोरो तकनीक को अपनाइये –
ये तकनीक टाइम मैनेज करने का एक तरीका है जिसमें काम के बीच में अंतराल भी होता है। अपनी अलार्म क्लॉक को 25 मिनट के लिए सेट कर दीजिये और इन 25 मिनटों में अपना सारा ध्यान अपनी पढ़ाई पर लगाइये । 25 मिनट बाद जब अलार्म बजे, तब 5 मिनट का ब्रेक लीजिये और फिर अगले 25 मिनट के लिए फिर से अलार्म सेट करते हुए अपनी पढ़ाई कीजिये। बीच बीच में मिलने वाला ये ब्रेक आपकी लर्निंग को बढ़ाएगा और आप फ्रेश महसूस करेंगे।

कठिन विषय सबसे पहले –
पढ़ाई की शुरुआत करते समय सबसे पहले कठिन विषय को चुनिए, उसके बाद आसान विषय पढ़िए। रात की एक अच्छी नींद के बाद सुबह आपकी इच्छा शक्ति भी स्ट्रांग रहेगी जो कठिन विषय को हल करने में मदद करेगी और ऐसा कर लेने के बाद पूरे दिन आप मोटिवेटेड फील करेंगे और बाकी के सारे आसान सब्जेक्ट्स को पढ़ना आपके लिए बहुत आसान हो जाएगा।

व्यायाम और ध्यान भी करें –
अब तक शायद आप सोचा करते होंगे कि एक्सरसाइज और मेडिटेशन करने से बेहतर होगा कि ज़्यादा समय पढ़ाई कर ली जाए, लेकिन अब इस सोच को बदल लीजिये क्योंकि व्यायाम और ध्यान करने से आपके दिमाग में नए न्यूरॉन्स बनने लगते हैं जो दिमाग की क्षमता को बढ़ाते हैं और अकेले रहकर पढ़ते रहने की बजाए अपने दोस्तों के साथ की जाने वाली बातचीत भी आपके दिमाग को एक्टिव बनाती है।

किताबों के अलावा व्यावहारिक ज्ञान भी लीजिये –
विज्ञान जैसे विषय में अगर आप केवल किताबों से ही सारा ज्ञान लेते आये हैं तो इस तरीके को थोड़ा बदलने की जरुरत है। इसके साथ अगर आप उस विषय से जुड़ी जगहों पर भी जाए तो आप प्रैक्टिकल नॉलेज ले सकेंगे जो आपको ज़्यादा अच्छे से समझ आ सकेगी।

अपने पढ़ने की जगह को बदलते रहिये –
स्टूडेंट्स के 2 ग्रुप्स को जब कुछ शब्द याद रखने को दिए गए, तो एक समूह को क्लास रूम में ही पढ़ाया गया जबकि दूसरे ग्रुप को क्लास रूम की बजाए अलग कमरों में पढ़ाया गया। परिणाम ये हुआ कि अलग जगह पर पढ़ने वाला ग्रुप 40% ज़्यादा अच्छा परफॉर्म कर पाया, बजाए उस ग्रुप के जिसने क्लास रूम में ही पढ़ाई की।

पढ़ाई के साथ खेलने से भी होगा फ़ायदा –
मॉडर्न साइंस के मुताबिक, अगर आप दिन के कुछ समय में अपनी पढ़ाई के साथ खेल को भी शामिल कर लें तो आपको इसके बेहतर परिणाम ही मिलेंगे। फिर चाहे आप मैथ्स पढ़ने के लिए बॉल के साथ खेलें या फिर गाने सुनते हुए अपने सब्जेक्ट को समझे।

दोहराना भी होता है जरुरी –
किसी भी विषय के किसी भी टॉपिक को लम्बे समय तक याद रखने के लिए कुछ निश्चित समय के बाद उसे दोहराना ज़रूरी होता है तभी वो आपको अच्छे से याद रह पाता है। इसके लिए आप अपने याद किये हुए टॉपिक को पहले 1-2 दिन में दोहराइये, उसके बाद 1 सप्ताह में और फिर 1 महीने बाद।

अपना टेस्ट खुद ही लीजिये –
एक बार अच्छे से अपना सब्जेक्ट पढ़ लेने के बाद अब अपना छोटा सा टेस्ट ज़रूर लीजिये। चाहे उसका सारांश दोहराइये जो आपने पढ़ा है या फिर उससे जुड़े सवाल खुद से पूछिए और उनके जवाब दीजिये। ऐसा करने से पढ़े गए टॉपिक को याद रखने में आपको 30% ज़्यादा फायदा मिलेगा।

पढ़ने के लिए खुद पर दबाव मत बनाइये –
आप खाना तभी खाते है ना जब आपको भूख लगती है, बिल्कुल ऐसा ही पढ़ने के मामले में भी होता है। जब आप पढ़ने के लिए खुद को प्रेरित नहीं कर पा रहे है, उस समय पढ़ने बैठना बिल्कुल ज़रूरी नहीं है। कुछ समय के लिए ब्रेक ले लीजिये और अपना मनपसंद काम कीजिये। आप देखेंगे कि इस छोटे से ब्रेक के बाद आपका मन पढ़ने के लिए तैयार हो गया है और इस बार आपको सब कुछ बहुत अच्छे से समझ भी आ रहा है।

पढ़ाई करना ज़रूरी है, ये तो हम सब जानते हैं लेकिन पढ़ने के बेहतर तरीकों से शायद अब तक अनजान थे लेकिन अब आप जान चुके है कि कैसे हँसते खेलते पढ़ा जा सकता है और उसे अपने दिमाग में स्थायी भी किया जा सकता है। तो बस, देर किस बात की ! आज जब पढ़ने बैठे, तो इन्हीं तरीकों को अपनाइये और अपने रिजल्ट को बेहतर बना लीजिये।

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