अकेलापन दूर करने के उपाय

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हर किसी को जीवन के हर मोड़ पर साथी की जरुरत होती है जिसकी कमी परिवार और दोस्त बखूबी पूरा भी करते हैं लेकिन कई बार ऐसी परिस्थितियाँ भी आती है जहाँ आप खुद को एकदम अकेला महसूस करने लगते हैं। इसका कारण कुछ भी हो सकता है जैसे आपके सभी दोस्त अपनी अपनी लाइफ में बिजी हो और आपके पास व्यस्त रहने का कोई कारण अब तक न हुआ हो, या फिर आप असफल रहने के कारण निराशा की स्थिति से गुजर रहे हो। ऐसे में खुद को दुनिया में बिलकुल अकेला महसूस करने के ख़्याल मन में घर करने लगते हैं जो तन और मन की सेहत के लिए बेहद नुकसानदायक भी होते हैं और कई बार ग़लत निर्णय लेने के पीछे उत्तरदायी भी होते हैं। ऐसे में समय रहते अकेलेपन को दूर कर देना बहुत जरुरी होता है। तो चलिए, आज आपको बताते हैं कि अकेलेपन को कैसे अपने जीवन से दूर किया जा सकता है –

अकेलेपन का कारण ढूंढिए –
अकेलापन होने का कोई न कोई कारण तो जरूर होता है और उस कारण को आपसे बेहतर और कोई नहीं जानता। इसलिए समय रहते इस अकेलेपन के कारण को ढूंढ निकालिये ताकि इसे दूर करना आपके लिए आसान हो जाये। अगर किसी से बात करके आप बेहतर महसूस करते हैं तो उस व्यक्ति के साथ अपने इस अनुभव को साझा कीजिये और अगर आप अब तक अपनी इस मानसिक अवस्था से अनजान थे तो अब सचेत हो जाइये और जल्द से जल्द इसे ठीक कर लीजिये।

बाहर निकलना है ज़रूरी –
कई बार आप ये सोचकर घर से बाहर नहीं निकलते कि आपके साथ बाहर जाने के लिए कोई साथी नहीं है। बस इसी विचार के कारण आप खुद को घर तक सीमित रखना शुरू कर देते हैं और अकेले एक ही जगह पर रहते हुए आपके अंदर अकेलापन घर करने लगता है। इससे बचने के लिए आप खुद बाहर की सैर पर निकलना शुरू करे और अगर आप खुद को अपना साथी समझेंगे तो बाहर जाने में बिल्कुल अकेला महसूस नहीं करेंगे।

नयी जगहों की सैर पर निकल जाए –
अकेले रहते रहते आपके विचारों में नकारात्मकता की अधिकता हो जाती है और आप अपने जीवन में कुछ नए और बेहतर अनुभव नहीं ले पाते हैं। नयी नयी जगहों की सैर पर निकल जाइये। अलग अलग मौसम और माहौल आपको ये सोचने की फुर्सत ही नहीं देंगे कि आप कितने अकेले हैं।

कुछ नया सीखिए –
बात चाहे अकेलापन दूर करने की हो, या फिर मन के विचारों को संयमित करने की, कुछ नया सीखते रहना दोनों ही स्थितियों में जरुरी होता है। अपने पसंद की कोई नयी स्किल सीखने में आप इतने व्यस्त हो जायेंगे कि अकेलपान आपको नहीं खलेगा, साथ ही आपको उस काम को सीखने में बहुत मज़ा भी आने लगेगा। वो काम आपकी पसंद का कोई भी काम हो सकता है जैसे कोई नयी भाषा सीखना या फिर डांस जैसी कोई नयी कला।

अपनेआप को अभिव्यक्त कीजिये –
आप अपने मन के ख़्यालों और विचारों को, ये सोचकर स्वयं तक सीमित कर लेते हैं कि आपके पास कोई नहीं है जिसके साथ आप अपने मन की बातें बाँट सकें। लेकिन खुद को अभिव्यक्त करने के लिए और भी कई तरीके अपनाये जा सकते हैं जैसे आप ब्लॉग लिखकर अपने विचार बाहर दुनिया तक पंहुचा सकते हैं, आप फोटोग्राफी के ज़रिये अपना नजरिया दिखा सकते हैं और डांस करके भी आप अच्छा महसूस कर सकते हैं।

किताबें है ना आपकी साथी –
किताबें इंसान की ऐसी दोस्त होती हैं जो कभी उसका साथ नहीं छोड़ती और हमेशा सही राह ही दिखाती है। इसलिए रोज़ाना अच्छी किताबें पढ़ने की आदत डालिये और आप खुद देखेंगे कि आप में पॉजिटिव बदलाव आने शुरू हो गये हैं।

नए दोस्त बनाइये –
दोस्त बनाने की कोई उम्र नहीं होती। हो सकता है कि आपके सभी दोस्त अपने काम और अपनी लाइफ की वजह से इतने बिजी रहते हो कि आपसे बैठकर बात करने का वक़्त नहीं निकाल पाते हो। ऐसे में नए दोस्त बनाना एक अच्छा विकल्प हो सकता है। लेकिन इसके लिए आपको बाहर की दुनिया का हिस्सा बने रहना होगा जहाँ रोज़ आपकी मुलाक़ात नए नए लोगों से हो, जिन्हें आप अपना दोस्त बना सके।

संगीत भी है अच्छा साथी –
म्यूजिक हमेशा से आपके मूड को बेहतर बनाने का एक बेहतरीन ज़रिया रहा है। अकेलेपन की स्थिति में आपका मन भले ही गंभीर और दुःख से भरे गाने सुनने का करता हो, लेकिन आप ऐसा संगीत सुनिए जो आप में नया उत्साह और ऊर्जा भर सके और आप खुद को पॉजिटिव एनर्जी और ताज़गी से भरा महसूस कर सके।

योग का सहारा लें –
अकेलेपन की अवस्था आपको निराश, निष्क्रिय और उत्साह हीन बना देती है और इससे बाहर निकलने के लिए आप योग का आश्रय ले सकते हैं। रोज़ सुबह की ताज़ी हवा में आसान- प्राणायाम करने से आप अपने अंदर स्फूर्ति का अहसास करने लगेंगे और मन में अकेलेपन से जुड़े नकारात्मक विचारों का आना भी धीरे धीरे कम होता जायेगा।

अकेलेपन को नए नज़रिये से देखें –
अकेलापन आपको निराश रहने के लिए भले ही प्रेरित करता हो लेकिन अगर आप इसे नए नज़रिये से देखना शुरू कर दे तो ये आपको इतना तकलीफ़देह नहीं लगेगा। यही वो समय है जो आप खुद के साथ बीता सकते हैं, स्वयं की अच्छाइयां और खामियाँ देख सकते हैं और खुद को नजदीक से जान सकते है। इस समय को आप स्वयं को जानने समझने में जितना लगाएंगे, उतना ही फायदा आपको आगे चलकर अपने रिश्तों को अच्छे से निभाने में मिलेगा।

हर किसी के जीवन में अकेलेपन का ये दौर किसी भी उम्र में आ सकता है, जिसे जल्द से जल्द दूर कर देना ही आपके व्यक्तित्व के लिए बेहतर होगा इसलिए अभी इसी पल से अपने इस अकेलेपन के कारणों को जानिये, अपने आप के साथ वक़्त बिताइए और ऐसे कामों में स्वयं को व्यस्त कर लीजिये जो कुछ वक़्त बाद आपको एक बेहतरीन व्यक्तित्व का धनी बना सके।

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