आप कल्पना भी नहीं कर सकते इतना फायदेमंद है बादाम

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बदलते मौसम में हर वक्त खुद का ध्यान रखना थोड़ा मुश्किल है लेकिन नामुमकिन नहीं। बल्कि दिनचर्या में थोड़ा बहुत बदलाव कर के बहुत आसानी से खुद को हेल्दी रखा जा सकता है। शरीर तभी स्वस्थ रह सकता है जब नियमित रूप से ख़ान-पान और रहन-सहन के प्रति ख्याल रखा जाए। इसी देखभाल में एक नाम आता है बादाम का, जो सेहत के लिहाज से इतना फायदेमंद है की आप कल्पना भी नहीं कर सकते। सूखे मेवे में सबसे ऊपर बादाम का ही नाम लिया जाता है क्योंकि यह पौष्टिकता से भरपूर है। मुट्ठी भर बादाम शरीर के जरूरी पोषण की जरूरतें अच्छे से पूरी करता है। यहाँ तक कि डायबिटीज के पेशेंट भी इसका उपयोग कर सकते है। बादाम में मिलने वाला फ़ैट हृदय के अनुकूल होता है। बादाम में मोनोसैचुरेटिड फैटी एसिड होने के कारण यह खराब कोलेस्‍ट्रॉल लेवल को शरीर से दूर करता है, जिससे हृदय हर तरह कि समस्‍याओं से सुरक्षित रहता है। इस कारण यह दिल के मरीजों के लिए भी लाभकारी है। इसकी सबसे अच्छी खासियत यह है की इससे किसी भी तरह के मरीजों को परहेज रखने की आवश्यकता नहीं। बादाम में पोटेशियम और फास्फोरस होता है इसलिए अगर किसी को किडनी की समस्या है तो अपने डॉक्टर से सलाह जरूर ले।

ऐसे क्या गुण होते है बादाम में –

एक स्टडी के अनुसार बादाम के सेवन से एक्सट्रा फ़ैट को भी कम किया जा सकता है। इसमें उच्च श्रेणी का वसा, मिनरल और विटामिन्स होते है जिस कारण इसे ब्रेन फुड का नाम दिया गया है। इसमें जिंक, मैग्नीशियम, कैल्शियम, ओमेगा-3, ओमेगा-6, प्रोटीन, फाइबर, विटामिन-ई, पोटेशियम और फास्फोरस जैसे गुण प्रचुर मात्रा में हैं। बादाम में उच्च कोटि का वसा और विटामिन होता है जिस कारण मुट्ठी भर बादाम की मात्रा पेट को भरा-भरा रखती है और जल्दी से भूख नहीं लगती। इससे वजन कम करने में सहायता मिलती है। विटामिन ई बालों और त्वचा के लिए फायदेमंद है जो बढ़ती उम्र को भी चेहरे पर झलकने नहीं देता। बादाम कैल्शियम का इतना अच्छा स्त्रोत है की यह हड्डियों की सेहत के लिए भी बहुत लाभकारी है। जो नियमित बादाम खाते है उन्हें हड्डियों की समस्या यानी ओस्टियोपोरोसिस, गठिया जैसा खतरा भी कम हो जाता है साथ ही कैल्शियम दाँतों को भी मजबूती प्रदान करता है। एंटी ऑक्सिडेंट का अच्छा स्त्रोत होने के कारण यह शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाता है और खून को भी साफ करने का काम करता है।

कई शोध के आधार पर बादाम भोजन के बाद रक्त में शर्करा के स्तर को कम करने में भी मदद करता है। बादाम में मौजूद जिंक, प्रोटीन, विटामिन-बी6, विटामिन-ई आदि होने के कारण यह यह ब्रेन सेल्स को डैमेज होने से बचाता है। मेटाबोलिज़म को दुरुस्त रखता है जो ब्रेन सेल्स को रिपेयर करने में जरूरी होता है। इसमें पाया जाने वाला अल्फा एमीनो एसिड पार्किंसंस रोग के खतरे को कम करता है और ऐसे केमिकल्स को बढ़ाता है जिससे दिमाग की स्मरण शक्ति, ध्यान, सतर्कता और परेशानी को दूर करने की स्किल्स को बढ़ावा मिलता है। इसलिए सदियों से चली आ रही यह कहावत सौ फीसदी सही साबित होती है की दिमाग तेज करने के लिए और याददाश्त को दुरुस्त रखने के लिए नियमित बादाम का सेवन करे। नियमित बादाम के सेवन से कब्ज, पेट का कैंसर, सिने की जलन आदि समस्या भी ठीक हो जाती है।

बादाम का सेवन कैसे करे –

कई लोग बादाम को घी या तेल में भूनकर खाते है जबकि इसमें प्राकृतिक तेल होता है, इसलिए एक्सट्रा तेल स्वास्थ्य के लिए हितकर नहीं। स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए इस तरह से बादाम का सेवन नियमित ना करे। बादाम को आप सूखे भी खा सकते है लेकिन बादाम की तासीर गर्म होती है इसलिए अगर आप इन्हें रात को भिगोकर सुबह खाए तो बहुत फायदेमंद होगा। बादाम के छिलको में बहुत फाइबर होता है तो हो सके तो भीगे बादाम को भी छिलकों के साथ खाने की कोशिश करे। बादाम को भिगोने से काफी हद तक उसके छिलकों का गुण बादाम में पहुँच जाता है इसलिए अगर आप छिलका पसंद नहीं करते तो निकाल दे। बादाम को आप किसी भी सूखे मेवे, दूध या फिर नाश्ते के साथ खा सकते है। 8-10 बादाम का सेवन रोजाना करे।

इस तरह से भी बादाम का सेवन उत्तम है –

बादाम को साथ में ही खाया जाए यह आवश्यक नहीं। आप सूखे बादाम को इलायची के साथ पीसकर पावडर बना के रख ले और दूध के साथ मिलाकर पिए, बहुत ही लाभ मिलेगा। बादाम, भूनी मूँगफली, भुने चने, भुने मुनक्के, भुने काजू और किशमिश के साथ मिलाकर एक मिश्रण बना ले। यह मिश्रण अपने आप में एक संपूर्ण आहार है। डायबिटीज के मरीज इस मिश्रण में किशमिश ना मिलाए।

बादाम, मिश्री और हरी सौंफ को बराबर मात्रा में मिलाकर पीसकर रख ले। सुबह शाम एक छोटी चम्मच के अनुपात में दूध के साथ ले। इस मिश्रण से दिमाग तरोताजा रहता है। दिमाग तेज और याददाश्त प्रबल होती है। शरीर को भी शीतलता मिलती है। आप इन तरीकों से भी बादाम का सेवन बड़े आराम से कर सकते है।

बादाम से नहीं होती बार बार भूख लगने की समस्या –

फाइबर, अच्छा फ़ैट और प्रोटीन अधिक होने के कारण बादाम पचने में समय लेता है। जिससे बार-बार भूख की तलब नहीं होती और पेट भी भरा-भरा सा रहता है क्योंकि इसमें कार्बोहाईड्रेट बहुत ही कम होता है जिस कारण हर वक्त कुछ खाने की इच्छा नहीं होती। इसी गुण के कारण बादाम वजन को नियंत्रित करने में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

सौ ग्राम बादाम में 600 कैलोरी, 18% प्रोटीन और 58% फ़ैट होता है जो हमारी प्रतिदिन खुराक की आवश्यकता की पूर्ति भी करती है। बादाम का उपयोग तेल के रूप में भी किया जा सकता है जिससे दिमाग हल्का और ठंडा रहता है और त्वचा सुंदर व चमकदार हो जाती है। बादाम के संपूर्ण फायदों का लाभ उठाए और इसका सेवन किसी भी रूप में करे। वैसे तो बादाम से कोई नुकसान नहीं होता लेकिन अति कई बार क्षति का कारण भी बनती है। अगर आपको किसी भी तरह की कोई भी समस्या हो तो अपने डॉक्टर से सलाह जरूर ले क्योंकि किसी भी परिस्थिति में डॉक्टर से अच्छा कोई मार्गदर्शक नहीं होता। आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है। हमने यह लेख प्रैक्टिकल अनुभव व जानकारी के आधार पर आपसे साझा किया है। अपनी सूझ-बुझ का इस्तेमाल हमेशा करे। आपको यह लेख कैसा लगा? अगर इस लेख से आपको कोई भी मदद मिलती है तो हमें बहुत खुशी होगी। अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे। हमारी शुभकामनाएँ आपके साथ है। हमेशा स्वस्थ रहे और खुश रहे।

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