कुछ अलग है बरसाने की होली, जानिए क्या है ख़ास

509

जैसा की हम सब जानते है की होली में अब कुछ ही दिन बचे है और फिर वो दिन आएगा जब सारा माहोल रंगबिरंगा हो जायेगा। होली पर हम सब एक दूसरे को रंग लगाते है मगर क्या आप जानते है की भारत में कई ऐसी जगह भी हैं जहाँ होली मनाने का तरीका बिलकुल अलग है।

जी हाँ हम बरसाने की होली की बात कर रहे है जहाँ पर महिलाएं परुषों को होली में लाठी से पीटती है। जैसा की इसके नाम से ही पता चल जाता है लठ मार यानि की लाठी से पीटना। ये माना जाता है की भगवान कृष्ण ने इस प्रथा की शुरुआत की थी जब उन्होंने सर्वप्रथम राधा जी को रंग लगाया था।

चलिए आपको पूरी कथा बताते है, जैसा की हम सबको पता है की कृष्ण भगवान गोपियों के साथ होली खेलने जाते थे और उस समय जब गोपिया उनका पीछा करके उन्हें भगाती थी तब से इस प्रथा की शुरुआत हुई।

इसी प्रथा को आज भी जीवित रखने के लिए नांदगाओं (कृष्ण भगवान के गांव) के लोग बरसाना (राधा जी के गांव) होली खेलने जाते है जहाँ उनका स्वागत लाठियों से किया जाता है। नंदगांव के पुरुष सदस्य बरसाने की महिलाओं को पहले परेशान करते है जिसके एवज़ में उन्हें लाठियां पड़ती है।

यह प्रथा सदियों से चली आ रही है और यह दोनों गांव इस प्रथा को जीवित रखे हुए है। यहाँ पर होली का नज़ारा देखते ही बनता है। हमारा दावा है अब आपका भी मन कर रहा होगा की एक बार बरसाने जरूर जाएँ।

Add a comment