यह गांव रातों रात बना करोड़पति

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ऐसी बातें आपने फिल्मों में तो जरूर सुनी होंगी कि एक गांव रातोरात करोड़पति बन गया हो। लेकिन असलियत में ऐसी बातों पर यकीन करना मुश्किल होता है। आज हम आपको ऐसे गांव के बारे में बताने वाले हैं जो रातोरात करोड़पति बन गया।

अगर आप यह सोच रहे हैं कि इस गांव की कोई लॉटरी निकली है तो ऐसा कुछ नहीं है। इस गांव के रहने वाले एंटोनियो फर्नांडिस ने मुश्किल परिस्थितियों को पीछे छोड़ते हुए बिजनेस का साम्राज्य तैयार किया और हजारों करोड़ की संपत्ति कमाई। लेकिन अंत में यह सारी संपत्ति अपने गांव के नाम कर दी।

एंटोनियो का जन्म 1917 में एक छोटे से गांव सेरेजेल्स डेल कोंडाडो गांव में हुआ था। वह अपने माता पिता की ग्यारहवीं संतान थे जो की बहुत गरीब था।

उन्होंने अपना बचपन बहुत गरीबी में गुजारा जिसके कारण उन्हें 14 साल की उम्र में पढ़ाई भी छोड़नी पड़ी। 1939 मैं सिविल वर्क खत्म होने के बाद एंटोनियो ने लियोन आने का फैसला किया जहां पर उनकी मुलाकात सिनिया गोंजालेज नाम की महिला से हुई और यही उनकी जिंदगी का एक अहम वक्त था जिनसे उन्होंने शादी करली।

32 साल की उम्र में पाब्लो नाम के एक व्यक्ति ने उन्हें मेक्सिको आने का न्योता दिया। पाब्लो एंटोनियो की पत्नी के अंकल थे और वह उनको कुछ काम देना चाहते थे। 1971 के आते-आते एंटोनियो सफलता की इबादत लिख चुके थे और अपनी कड़ी मेहनत और प्रयासों के चलते उन्होंने कोरोना नामक मेक्सिको की मशहूर बीयर बनाना शुरु कर दिया था।

एंटोनियो ने कोरोना को एक बहुत बड़ा ब्रांड बना दिया। इस साल अगस्त में जब वह 99 वर्ष की उम्र के हो चुके थे तब उनका निधन हो गया उनके पास करीबन 169 मिलियन पाउंड की संपत्ति थी। अपनी मृत्यु के बाद उन्होंने अपने गांव के लोगों के लिए खास इंतजाम किए और अपनी 14 हजार करोड़ की संपत्ति गांव वालों में बांट दी।

अगर अंदाजा लगाया जाए तो इस हिसाब से हर गांव वाले के पास 17 करोड़ रुपए की भारी-भरकम राशि आई। यह बात जगजाहिर है कि इस फैसले के बाद एंटोनियो के गांव वाले भी हैरान रह गए और इस बात पर यकीन नहीं कर पाए वह एंटोनियो की तारीफों के पुल बांधते नजर आते हैं।

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