क्या आपको याद है अपने बचपन की होली

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होली के करीब आते ही बच्चों में उत्साह देखते ही बनता है। मगर क्या कभी आपने अपने बचपन के बारे में सोचा है जब हम में भी वही उत्साह रहता था वो सुबह होने का इंतज़ार और भी बहुत कुछ। तो चलिए आज इस लेख के द्वारा हम आपको दुबारा आपके बचपन में लिए चलते है।

1. वो रात को सपनो में भी सुबह इंतज़ार करना और बार बार उठ कर घडी में समय देखना।

2. सुबह होते ही रात को जो पानी के गुब्बारे भरे थे उनकी दुबारा से गिनती करना और ये सोचना की कमी तो नहीं रह गयी।

3. वो माँ का बार बार नहाने को बोलना और हमारा मना करना।

4. बार बार खिड़की से नीचे झाकना की कही औरों ने होली खेलना तो शुरू नहीं कर दिया।

5. सुबह सुबह पेट भर के खा लेना जिससे ज़्यादा से ज़्यादा समय होली खेल सकें।

6. घर से बाहर निकलते ही दोस्तों के साथ जमकर होली खेलना।

7. एक बात तो सबने करी होगी वो सिल्वर रंग लगा कर सबसे अलग दिखने की कोशिश करना।

8. सबसे अलग पिचकारी लाने की कोशिश ताकी सबसे अलग दिखा जा सके।

9. दोस्तों के साथ पानी के गुब्बारों की लड़ाई लड़ना।

10. रंगों में खुद को इतना रंग लेना की कोई पहचान ही ना सके।

क्योँ याद आ गया ना बचपन तो इस बार ऐसे ही होली मनाइये। …होली की शुभकामनायें।

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