जानें शिक्षा के क्षेत्र में क्या है भारत की स्थिति

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कहते हैँ कि शिक्षा वह माध्यम है, जिसकी मदद से मनुष्य सफलता ही उंचाईयोँ को छू सकता है। लेकिन यह दुखद है कि भारत की एक बडी संख्या आज भी अशिक्षित है। इतना ही नहीँ, वैश्विक स्तर पर भी भारत बहुत पीछे है। तो आईए जानते हैँ भारत मेँ अशिक्षा के कारणोँ और उसकी वर्तमान स्थिति के बारे मेँ-

बहुत हैँ दुष्प्रभाव

भारत मेँ इतनी बडी संख्या मेँ अशिक्षित लोगोँ के होने के कारण सिर्फ उन लोगोँ के जीवन पर ही विपरीत प्रभाव नहीँ पडता, बल्कि इसके कई दूरगामी दुष्प्रभाव हैँ। सबसे पहले तो इसका समग्र असर देश की अर्थव्यव्स्था व विकास पर पडता है, वहीँ अशिक्षा और अज्ञानता के कारण देश मेँ कुप्रथाएँ व कुरीतियाँ भी अपने पैर पसार लेती हैँ। जिसका असर देश के विकास पर भी पडता है। बाल विवाह से लेकर बेरोजगारी जैसी समस्याओँ की जड कहीँ न कहीँ अशिक्षा ही है। शिक्षा के महत्व को लेकर नेल्सन मंडेला ने भी कहा था कि शिक्षा एक ऐसा महत्वपूर्ण औजार है, जिसके जरिए आप चाहेँ तो दुनिया बदल सकते हैँ।

कम नहीँ है प्रयास

भारत मेँ लोगोँ को शिक्षित करने के लिए केन्द्र व राज्य सरकारोँ द्वारा अनेक प्रयास किए गए हैँ। इनमेँ मुख्य रूप से सर्व शिक्षा अभियान व आंगनवाडी केन्द्रोँ को खोलना है। चूंकि भारत मेँ शिक्षित लडकियोँ का स्तर लडकोँ की अपेक्षा काफी कम है, इसलिए उन्हेँ प्रोत्साहित करने के लिए बेटी पढाओ, बेटी बचाओ अभियान भी शुरू किया गया है। भारत भी शिक्षा के महत्व को भली- प्रकार समझता है, शायद यही कारण है कि शिक्षा के अधिकार को हमारे मौलिक अधिकारोँ मेँ भी शामिल किया गया है।

कुछ अन्य तथ्य

भारत मेँ लगभग 287 करोड व्यस्क अनपढ है। इस लिहाज से यदि भारत को अनपढ व्यस्कोँ की सबसे बडी आबादी का घर कहा जाए तो गलत नहीँ होगा।

ब्रिटिश शासन के अंत के बाद 2011 तक साक्षरता दर मेँ छह गुना वृद्धि हुई है। जहाँ 1947 मेँ यह दर 12% है, वहीँ 2011 तक यह बढकर 74% तक पहुंच गई। लेकिन फिर भी भारत निरक्षरोँ का हब है। यहाँ पर दुनिया की सबसे बडी आबादी निरक्षर है।

लेगाटम समृद्धि सूचकांक के अनुसार, भारत शिक्षा के क्षेत्र मेँ 99वे नम्बर पर है। इस सूची मेँ 142 देशोँ को शामिल किया गया था। इस लिस्ट मेँ कई अन्य विकासशील देश जैसे फिलीपींस, मलेशिया, श्रीलंका भी भारत से आगे है।

भारत मेँ अब भी 60 लाख बच्चे ऐसे हैँ, जो स्कूल और शिक्षा से दूर हैँ।

महिला साक्षरता के मामले मेँ भारत की स्थिति बहुत खराब है। 135 देशोँ की महिला साक्षरता दर मेँ भारत 123वेँ स्थान पर है। इतना ही नहीँ, दुनिया मेँ कुल जितनी महिलाएँ अशिक्षित हैँ, उनमेँ से एक-तिहाई से अधिक भारतीय है।

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