गंभीर बीमारी का संकेत – लो ब्लड प्रेशर

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ब्लड प्रेशर का सामान्य बना रहना अच्छी सेहत के लिए बेहद ज़रूरी होता है। लेकिन आज के इस तनाव भरे जीवन में ब्लड प्रेशर या तो हाई रहता है या फिर लो। वैसे तो हाई ब्लड प्रेशर भी शरीर को काफी नुकसान पहुँचाता है लेकिन ब्लड प्रेशर का लो रहना गंभीर बीमारियों का संकेत देता है। हाइपोटेंशन यानी लो ब्लड प्रेशर कोई बीमारी नहीं है लेकिन ये शरीर में होने वाली कई बीमारियों का शुरुआती लक्षण ज़रूर होता है। हृदय और तंत्रिका तंत्र में चल रही अनियमितताओं की ओर इशारा करता है लो ब्लड प्रेशर।

सामान्य ब्लड प्रेशर जहाँ 120/80 होता है वहीँ हाइपोटेंशन में ये अनुपात घटकर 90/60 रह जाता है। पहले 60 साल से अधिक उम्र वाले 15-20% लोगों को हाइपोटेंशन की शिकायत रहती थी लेकिन आज हर उम्र के लोग इससे पीड़ित होने लगे हैं और इनकी संख्या दिन पर दिन बढ़ती जा रही है।

लो ब्लड प्रेशर की स्थिति में ऑक्सीजन और पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में मस्तिष्क तक नहीं पहुँच पाते हैं जिसके कारण साँस फूलना, धड़कनों का अनियमित होना, छाती में दर्द होना, थकान रहना और गर्दन में अकड़न जैसे लक्षण दिखाई देने लगते हैं। लम्बे समय तक हाइपोटेंशन की स्थिति में रहने से बेहोशी भी आने लगती है।

लो ब्लड प्रेशर के कारण –

पोषण की कमी –
शरीर में विटामिन-बी 12 की कमी होने पर ब्लड प्रेशर लो हो जाता है ।

पानी की कमी –
डिहाइड्रेशन की स्थिति का लम्बे समय तक रहना भी लो ब्लड प्रेशर के लिए उत्तरदायी होता है।

हृदय सम्बन्धी विकार –
हृदय सम्बन्धी किसी भी प्रकार की समस्या जैसे वाल्व ख़राब होना, दौरा पड़ने की स्थिति में भी ब्लड प्रेशर सामान्य से कम हो जाता है।

थाइरॉइड –
शरीर में थाइरॉइड हॉर्मोन की मात्रा में बदलाव होने पर भी ब्लड प्रेशर कम हो जाता है।

प्रेग्नेंसी –
प्रेग्नेंसी के दौरान शरीर में कई प्रकार के बदलाव होते हैं जिनके कारण लो ब्लड प्रेशर हो जाता है लेकिन डिलीवरी के बाद यह सामान्य भी हो जाता है।

डायबिटीज –
डायबिटीज रोग में शरीर में रक्त में ग्लूकोस की मात्रा काफी कम हो जाने से भी ब्लड प्रेशर लो हो जाता है।

इनके अतिरिक्त किसी प्रकार की एलर्जी या रक्त का संक्रमण होने पर भी ब्लड प्रेशर कम हो जाता है।

लो ब्लड प्रेशर की स्थिति में सबसे पहले ज़रूरी है कि आप अपने डॉक्टर से परामर्श लें और ब्लड प्रेशर की नियमित जांच कराते रहें। इसके अलावा अपने भोजन में नमक की मात्रा बढ़ा लें और पर्याप्त मात्रा में पानी पीये। इसके साथ ही लो ब्लड प्रेशर की स्थिति में किये जाने वाले आसन-व्यायाम और पैदल चलने, साइकिल चलाने जैसे अभ्यास भी फायदेमन्द साबित होंगे और भोजन का पौष्टिक होना तो आवश्यक है ही।

इसके अलावा लो ब्लड प्रेशर में आप इन घरेलू नुस्खों को भी आज़मा सकते हैं –

1. नींबू को पानी या सलाद के साथ रोज़ खाया जाए तो राहत मिल सकती है।

2. लहसुन का नियमित सेवन लो ब्लड प्रेशर में काफी आराम पहुँचाता है।

3. अदरक के बारीक कटे हुए टुकडों में नींबू का रस व सेंधा नमक मिलाकर, भोजन से पहले अगर थोडी-थोडी मात्रा में दिन में कई बार लिया जाए तो ये समस्या दूर हो जाती है।

4. अगर लो ब्लड प्रेशर के कारण चक्कर आते हैं तो आंवले के रस में शहद मिलाकर चाटने से जल्दी आराम मिलता है।

5. रात्रि में 2-3 छुहारे दूध में उबालकर पीने या खजूर खाकर दूध पीते रहने से लो ब्लड प्रेशर में सुधार होता है।

6. लो ब्लड प्रेशर को सामान्य बनाने के लिए रोज़ाना सुबह-शाम चुकंदर का रस पीने से 7 दिन में ही सुधार महसूस होने लगता है।

7. आंवले या सेब के मुरब्बे का प्रतिदिन सेवन लो ब्लड प्रेशर में लाभ पहुंचाता है।

8. रात को बादाम की 3-4 गिरी पानी में भिगों दें और सुबह उनका छिलका उतारकर 15 ग्राम मक्खन और मिश्री के साथ मिलाकर बादाम-गिरी को खाने से लो ब्लड प्रेशर की समस्या दूर हो जाती है।

9. 200 ग्राम मट्ठे मे नमक, भुना हुआ जीरा व थोडी सी भुनी हुई हींग मिलाकर प्रतिदिन पीते रहने से लो ब्लड प्रेशर की स्थिति में काफी राहत मिलती है।

रोग या समस्या किसी भी प्रकार की और कितनी भी बड़ी क्यों न हो, अगर उसके कारणों को जान लिया जाए और सही तरीके से उसके निदान की दिशा में बढ़ा जाए तो कोई भी समस्या या रोग ठीक हो जाता है और अब तो आप जान ही गए है लो ब्लड प्रेशर होने के कारण और इसे दूर करने के उपाय। तो बस, देर किस बात की ! अभी से इन उपायों पर गौर फरमाइए और इस मुश्किल का हल भी निकाल लीजिये।

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