एक हाथ और पैर गवाने के बाद भी कम नहीं हुआ हौसला

0
268

जिंदगी जिंदादिली का नाम है यह बात आपने सुनी तो बहुत होगी लेकिन आज हम आपको यह दिखाने जा रहे हैं। कभी-कभी हम सभी को विषम परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है लेकिन असली इंसान वही है जो इन सबसे बढ़कर अपने आप को साबित करें।

pappu-ram1 एक हाथ और पैर गवाने के बाद भी कम नहीं हुआ हौसला

हम जिस इंसान के बारे में आपको बताने जा रहे हैं उन्होंने अपनी मेहनत मजदूरी से मिलने वाले फल को ही सर्वोपरि माना है। वह मेहनत करने में ही विश्वास करते हैं किसी के आगे हाथ फैलाना उनको गवारा नहीं। हरियाणा के कुरुक्षेत्र के रहने वाले पन्नू राम जिन्होंने अपनी गरीबी और दिव्यांग होने को अपने हौसलों के आगे नहीं आने दिया। वह जब मात्र 12 साल के थे तब उन्हें अपना एक पैर और हाथ गवाना पड़ा लेकिन इतनी विषम परिस्थितियों के होने के बावजूद भी उन्होंने कभी अपना हौसला नहीं हारा।

pappu-ram2 एक हाथ और पैर गवाने के बाद भी कम नहीं हुआ हौसला

वह रिक्शा चलाकर जीवन यापन करते हैं उनका एक हाथ और पैर नहीं है फिर भी वह आसानी से रिक्शा चला लेते हैं और किसी पर भी निर्भर नहीं है। 2 वर्ष पहले उनकी पत्नी का देहांत हो गया था वह अपने दो बेटों राहुल और शुभम की परवरिश और उनकी जिम्मेदारी भी उठा रहे हैं। उनका यह सपना है कि उनके बच्चे पर एक बेहतर इंसान बने और किसी के आगे हाथ न फैलाएं। वो 1 दिन में 50 किलोमीटर रिक्शा चलाते हैं और करीबन 150 से 200 रूपये ही कमाते है वो मानते है की यह म्हणत की कमाई उन्हें एक सकूं देती है।

pappu-ram3 एक हाथ और पैर गवाने के बाद भी कम नहीं हुआ हौसला

हम सलाम करते हैं ऐसे इंसान को जो अपनी सारी विषमताओं के बावजूद अपने जीवन को एक लक्ष्य के साथ जी रहा है हम आशा करते हैं आप सभी लोग उनसे प्रेरणा जरुर लेंगे।

Source

शेयर करें
पिछला लेखमेजर बनी राजपूत बहू, कहा भारतीय बेटियां किसी से कम नहीं
अगला लेखयह है नेकी की दीवार जानिए क्या है खास

रोचक जानकारियों के लिए सब्सक्राइब करें

Add a comment