यह था विश्व का सबसे खूंखार राष्ट्रपति

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आज हम आपको एक ऐसे शासक के बारे में बताएंगे जो आज तक के सभी क्रूर शासकों में से सबसे ज्यादा खतरनाक थे। हिटलर के बारे में तो आपने सुना ही होगा लेकिन यह शासक उनसे भी ज्यादा क्रूर माना जाता है और इन्होंने क्रूरता की सारी हदें ही पार कर दी थी। ईदी अमीन विश्व के सबसे क्रूर शासकों में से एक थे तो चलिए इनके बारे में विस्तार पूर्वक जानते है।

युगांडा का यह क्रूर शासक बुचर ऑफ अफ्रीका के नाम से भी जाना जाता है। यह नाम इन्हें ऐसे ही नहीं दिया गया यह शासक बीसवी सदी के अंत में क्रूर शासकों की श्रेणी में शामिल हुआ था। ईदी ने अपनी सत्ता के दौरान करीबन एक लाख निर्दोष लोगों को मौत के घाट उतार दिया था।

विश्व के सबसे बदनाम कातिलों में से अगर किसी एक क्रूरतम कातिल को चुना जाए तो वह ईदी ही होंगे। वह 8 सालों तक राष्ट्रपति के रूप में युगांडा पर अपना शासन चलाते रहें और इस शासन काल के दौरान उन्होंने इतने जुल्म ढाए की सुनने वालों की आंखें नम हो गई।

आपको यह बात जानकर हैरानी होगी कि यह शख्स इतना क्रूर था कि यह इंसान का मांस खा जाता था। सिर्फ इतना ही नहीं इनके फ्रिज में इंसानों के कटे हुए सर और अन्य अंग बरामद किए गए थे। अब आप यह बात सोच रहे होंगे कि यह कैसे मुमकिन है और कोई शक्स कितना क्रूर कैसे हो सकता है। लेकिन आपको बता दें कि यह बात बिल्कुल सच है इस इंसान की क्रूरता और पागलपन इतने चरम पर थी कि इसे मैड मैन ऑफ अफ्रीका भी कहा जाता था।

इस क्रूर शासक ने अपनी सत्ता को बचाने के लिए कई कत्ल करवाए। इन मारे गए लोगों में कई प्रतिद्वंदी पत्रकार और गणमान्य व्यक्ति शामिल थे। इस व्यक्ति के आदेश पर पूरे के पूरे गांव नष्ट कर दिए जाते थे और लोगों की लाशें नदी नालों में बहा दी जाती है।

इस व्यक्ति ने कूरता की सारी हदों को पार कर दिया था यह अपनी हवस पूरी करने के लिए लड़कियों को जबरन उठा लिया करता था और उनकी हत्या करने के बाद उनको जिंदा गाड़ दिया करता था या फिर भूखे मगरमच्छों के आगे फेंक दिया करता था। यह माना जाता है कि यह सिर्फ तानाशाह नहीं यह एक आदमखोर हैवान था।

यह व्यक्ति अपने व्यवहार में इतना पागल हो गया था कि उसे सत्ता के अलावा कुछ और नजर ही नहीं आता था। वह इंसानियत को भूल बैठा था वह किसी भी व्यक्ति की राय नहीं लेता था बस अपनी मनमर्जी चलाता था फिर वह चाहे सही हो या गलत जो भी उस के रास्ते में आता था वह उसे तबाह कर देता था।

1979 में तंजानिया और अमीन विरोधी युगांडा सेना ने अमीन के शासन को जड़ से उखाड़ फेंका। इसके बाद उसकी तानाशाही समाप्त हो चुकी थी 2003 में उसकी मौत हो गई लेकिन आज भी उसकी क्रूरता के किस्से सुनकर लोग सिहर उठते हैं।

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