कब्ज को दूर करने के असरदार घरेलू उपाय

183

यह एक ऐसी साधारण समस्या है जो किसी को किसी भी उम्र में हो जाती है. लेकिन महिलाओं और बुजुर्गो में यह समस्या ज्यादा होती हैं. यह समस्या कई घातक बीमारियों की जननी भी है. अगर आप लंबी अवधि से इस समस्या से दुखी है तो इसका इलाज जल्द करवाए. अन्यथा! यह समस्या गंभीर रूप ले लेती है. शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति होगा जो इस समस्या से पीड़ित ना रहा हो. अधिकांश लोग इस समस्या को छुपाते है और खुलकर कहने से शरमाते है. लेकिन यह रोग छुपाने का नहीं बल्कि उचित इलाज करवाने का है. इसे कान्सटीपेशन के नाम से भी जाना जाता है.

कब्ज क्या है और इसके क्या कारण है?

पेट का ठीक से साफ ना होना कब्ज की मुख्य पहचान है. यह समस्या मल को त्यागने में रोधक बनती है यानी पीड़ित को मल निष्कासन में बहुत कष्ट होता है. इस समस्या से पीड़ित लोग एक से तीन दिनों तक पेट साफ नहीं कर पाते. जिस कारण आँतों में मल की सड़न पैदा हो जाती है इस सड़न से जहर बनता है और खून में मिल जाता है. चिकित्सा प्रणाली में इसीलिए इसे रोगों की जड़ कहाँ गया है. पेट में शुष्क मल का जमा होना ही कब्ज है. समय रहते अगर इसका इलाज नहीं किया गया तो यह मधुमेह, मिर्गी, उच्च रक्तचाप आदि कई बड़ी समस्याओं को भी जन्म देती है. हम सब जानते है पेट से ही सारी बीमारियों का जन्म होता है इसलिए पेट को साफ रखने का हर संभव प्रयास करे. अन्यथा कब्जियत से शारीरिक और मानसिक क्षति निश्चित है. व्यक्ति को स्वस्थ रहने के लिए दिन में दो बार नहीं तो एक बार मल त्याग करना चाहिए.

कारण – अनियमित जीवनशैली व खान-पान में अनियमितता, पानी कम पीना, पौष्टिक भोजन की कमी, व्यायाम में लापरवाही, बासी भोजन का सेवन, शारीरिक श्रम में कमी या अधिक आराम की आदत, तनाव, कुछ खास दवाओं के सेवन से, तला हुआ या मसालेदार भोजन, भोजन के बाद तुरंत विश्राम, अनियमित शौच, पेट की मांसपेशियाँ का कमजोर होना, आँतों की कमजोरी, धूम्रपान और मादक पदार्थ, भोजन के बीच खूब पानी पीना, भोजन के बाद अधिक बैठे रहना, कब्ज बनाने वाले पदार्थो का असमय सेवन, स्वभाव में उग्रता, चबाकर भोजन ना करना जिससे भोजन का अच्छे से ना पचना, बिना भूख भोजन, अधिक उपवास, फाइबर- कैल्शियम जैसे पोषक तत्वों की कमी आदि कारणों में असावधानी का ही परिणाम है कब्ज!!

कब्ज के लक्षण क्या है

पेट में दर्द, सूजन, भारीपन या फूलने की समस्या, गैस या एसिडिटी, भूख कम लगना, स्वभाव में चिड़चिड़ापन, बवासीर, खट्टी डकारे, तनाव, मुहाँसे, उल्टी जैसा लगना, पेट साफ करने की इच्छा होना लेकिन साफ ना कर पाना, सिर दर्द, मुँह में छाले, मल निष्कासन में कष्ट, स्टूल हार्ड या कम होना, पाचन शक्ति कमजोर हो जाना, मुँह से बदबू आना, जी घबराना, जीभ का मटमैला होना, अनिद्रा, रक्तहिनता, अरुचि, आँखों की समस्या, मनोभ्रम होना, शरीर थका हुआ सा भारी-भारी लगना, कमर में दर्द आदि मुख्य लक्षण है.

घरेलू व आयुर्वेदिक उपाय

1. नींबू – एक कप गुनगुने पानी में एक नींबू का रस मिलाकर सुबह खाली पेट पिए. इस पानी को शाम को भी पिए. इस पानी में शहद और सेंधा नमक भी मिलाया जा सकता है. दिनभर पानी अधिक मात्रा में पीते रहे.

2. त्रिफला – हल्के गुनगुने पानी में दो चम्मच त्रिफला का चूर्ण रात को सोते वक्त ले या छः ग्राम त्रिफला चूर्ण को शहद के साथ मिलाकर रात को सोते समय ले और ऊपर से गर्म दूध पी लें. कब्जियत गायब.

3. टमाटर – पके टमाटर का एक कप रस पिए. यह जिद्दी आंतों में जमे मल को साफ करने का अचूक इलाज है. सलाद में टमाटर को जरूर शामिल करे.

4. अंजीर – यह फाइबर और कैल्शियम का अच्छा स्त्रोत है. ताजा या सूखे हुए कोई भी दो अंजीर को दो या तीन बादाम के साथ कुछ घंटों के लिए भिगो दे. फिर बादाम के छिलके निकालकर दोनों का पेस्ट बना लें और रात को सोते समय इस पेस्ट को एक चम्मच शहद के साथ ले. अंजीर स्थाई कब्ज को दूर करने का बेहतरीन उपाय है.

5. नीम – स्वाद से कड़वा होते हुए भी यह संक्रमण नाशक है. नीम के फूलों को सुखाकर चूर्ण बना ले और रात को सोते समय पानी के साथ फांकी ले.

6. तिल – यह मॉश्चराइ ड्राई मोशन की समस्या को दूर करता है. इसका उपयोग भोजन, सलाद या पीसकर कॉफ़ी में भी कर सकते है.

7. गुड़ – यह विटामिन और मिनरल्‍स का भंडार है. रात को सोने से पहले या रात्रि भोजन पश्चात गुड के सेवन से कब्ज दूर होती है. अगर आप इसे गर्म करके खाते है तो लाभ जल्द होगा. समान मात्रा मे गिलोय का चूर्ण और गुड मिलाकर दो छोटी चम्मच के नाप से रात को सोते वक्त सेवन करने से कब्ज रोग दूर हो जाता हैं.

8. सौंफ – यह कब्ज, सूजन, अपच को दूर करती है क्योंकि यह पाचन तंत्र की शक्ति को बढ़ाता है. सौंफ को हल्का गर्म करके पीस ले. रोजाना आधा चम्मच इस चूर्ण को पानी के साथ दिन में ले.

9. इसबगोल – इसकी भूसी पेट के लिए रामबाण है. कब्ज होने पर एक चम्मच भूसी को पानी के साथ और दस्त की स्थिति में दही के साथ दिन में एक या दो बार ले सकते है.

10. अलसी – इसमें ओमेगा 3 फैटी एसिड और फाइबर की प्रचुर मात्रा होती है. अपने कई चिकित्सीय गुणों के कारण अलसी को सुपर फुड कहा गया है. एक चम्मच अलसी के बीजों को कई घंटों के लिए पानी में भिगोकर रख दे. सोते वक्त इस पानी का सेवन करे. दो-तीन चम्मच अलसी के बीजों को पानी के साथ सीधे भी खा सकते हैं.

11. दूध और घी – रात को सोते समय एक गिलास दूध में एक या दो चम्मच घी मिलाकर पीने से कब्ज दूर होता है. आप इसमें आधा चम्मच हल्दी पाउडर भी मिला सकते है. एक गिलास गर्म दूध में 1-2 अंजीर को ऊबालकर सोते समय पीने से भी बहुत लाभ मिलता हैं. एक गिलास गर्म दूध में 1-2 चम्मच अरंडी का तेल मिलाकर पीने से मल पूरी तरह से निष्कासित हो जाता है. आठ-दस किशमिश दूध में दस मिनट के लिए उबाले फिर शाम को पिए. कब्ज से पीड़ित छोटे बच्चों के लिए यह नुस्खा बहुत ही असरदार है.

12. फल, रस और सब्जियाँ – पका केला, अनार, अलुबुखारा, खरबूजा, तरबूज, अंगूर, लीची, सेब, अमरूद, पपीता आदि फलों का सेवन करे. हरे धनिया की चटनी, टमाटर का रस, आँवले का रस, बेल का रस, गाजर का रस, करेले के रस में सेंधा नमक और भूना जीरा पावडर, संतरे का रस, मौसमी का रस, टमाटर का रस, ज्वारे का रस, आम का रस आदि का सेवन करे. पत्तागोभी, मेथी के पत्ते, बथुआ, पालक, मटर, चौलई, बैंगन, चने, बथुआ, शलजम, राख में सिका हुआ प्याज, मसूर व चना दाल, धनिया-पुदीना, अदरक, सरसों के पत्ते आदि सब्जियाँ का सेवन करते रहे.

13. तुलसी – अदरक का छोटा सा टुकड़ा, चुटकीभर काला नमक और तुलसी के 7-8 पत्तों को साथ में पीस लें. इस पेस्ट को चाटने से कब्ज दूर होता है.

इन उपायों के अलावा अदरक और मिंट को चाय या पानी में मिलाकर पिए, चौथाई कप पानी में 1 चम्मच मीठा सोडा, जीरे और नमक की छाछ, 8-10 गिलास पानी, नरम खिचड़ी, अजवायन व दाना मेथी की फांकी, गौमुत्र, बादाम, इलायची, रातभर भीगा हुआ हरड़ का पानी, तांबे मे रात को रखा पानी, दालचीनी, सौंठ, मुन्‍नके, कालीमिर्च, लौंग, पीपल, हींग, पीपल के पत्तों का काढ़ा, कच्चा प्याज, बीन्स, ब्राउन राइस, मूली के हारे पत्ते और बीजों का चूर्ण आदि चीज़ों का सेवन अपनी तासीर और पाचन शक्ति के आधार पर करने से कब्ज की समस्या खत्म हो जाती है.

अपने भोजन में पानी और फाइबर की मात्रा पूरी रखे. व्यायाम कोई विकल्प नहीं बल्कि अच्छे स्वास्थ्य की जरूरत है. कब्ज की समस्या कभी आरामदेह महसूस नहीं कराती. किसी काम में मन नहीं लगता. समस्या गंभीर हो उसके पहले इन घरेलू उपाय से पाचन तंत्र की क्रिया शक्ति को बढ़ाइए और कब्ज से मुक्ति पाइए. एक बार में एक-दो उपाय को ही आजमाए और अंत में हम यही कहना चाहते है अपने .खान-पान में नियमितता रखे. जिससे पेट साफ रहे. पेट स्वस्थ तो तन-मन भी स्वस्थ.

किसी भी उपाय से पहले अपने डॉक्टर से राय जरूर ले. किसी भी परिस्थिति में डॉक्टर से अच्छा कोई मार्गदर्शक नहीं होता. क्योंकि आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है. हमने यह लेख प्रैक्टिकल अनुभव व जानकारी के आधार पर आपसे साझा किया है. किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपनी सूझ-बुझ का इस्तेमाल हमेशा करे. आपको यह लेख कैसा लगा. अगर इस लेख से आपको कोई भी मदद मिलती है तो हमें बहुत खुशी होगी. अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे. हमारी शुभकामनाएँ आपके साथ है. हमेशा स्वस्थ रहे और खुश रहे.

“एसिडिटी क्या है – क्या करे एसिडिटी होने पर ?”
“सेहत के लिए बादाम है बेहद फायदेमंद”
“क्या आप भी रात को दही खाते है, तो ना खाए”

Add a comment