जानिए सिनेमाघरों में क्यों होता है फिल्म के बीच में ब्रेक

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फ़िल्में भारतीय मनोरंजन जगत का एक अभिन्न अंग हैं। भारतीय सिनेमा अन्य देशों के सिनेमा से कई बातों में भिन्न है। भारत में सिनेमा के बीच में ब्रेक लिया जाता है जिसे इंटरवेल भी कहा जाता है। यह बात पश्चिमी देशों को बहुत ही अजीब लगती है की ऐसा क्यों किया जाता है क्योँकि वहां ऐसा नहीं होता है।

ऐसा नहीं है की भारत में सारी फ़िल्में इंटरवेल के साथ ही बनती है मगर जो फ़िल्में इंटरवेल के साथ नहीं बनती है उनमें भी फिल्म को बीच में रोक के 15 मिनट का ब्रेक लिया जाता है। यह कोई परंपरा नहीं है इसके पीछे भी एक कारण छुपा है। तो चलिए इस कारण के बारे में विस्तार से जानते है।

movie-theatre जानिए सिनेमाघरों में क्यों होता है फिल्म के बीच में ब्रेकImages URLCertificate URL – Pic By Aranami

इस प्रक्रिया को किये जाने के पीछे जो सबसे पहला कारण नज़र आता है वो यह है की भारतीय फिल्मों की लम्बाई विदेशी फिल्मों की लम्बाई से अधिक होती है। तो यह बात जायज़ हो जाती है की दर्शको को 15 मिनट का ब्रेक दिया जाये जिससे वो खुद को तरोताज़ा महसूस कर सकें। और पुराने समय में यह इसलिए भी किया जाता था की फिल्म के दो रोल होते थे जिन्हें बदलने के लिए समय लगता था।

Movie-Theater1 जानिए सिनेमाघरों में क्यों होता है फिल्म के बीच में ब्रेकImages URLCertificate URL – Pic By Andrew Hyde

भारतीय फिल्मों को बनाने की शैली भी भिन्न है इसमें फिल्म को बनाया ही इंटरवेल को ध्यान में रखकर जाता है। जबकि बाहरी मुल्कों में ऐसा नहीं होता वहां पर इंटरवेल को ध्यान में नहीं रखा जाता है।

इसी बात में यह बात भी जुड़ सकती है की इसके पीछे एक बात यह भी जुडी हुई है की अगर इंटरवेल नहीं दिए जायेंगे तो सिनेमाघरों को अतिरिक्त बिक्री कैसे होगी।

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