बिना काम के इन्हें तनख्वाह में मिलते हैं 65 लाख

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भारत में अक्सर लोगों की शिकायत होती है की सरकारी कर्मचारियों को इतनी तनख्वाह मिलने के बाद भी वो काम नहीं करते और प्राइवेट नोकरी करने वाले कर्मचारियों को कम वेतन में भी ज्यादा काम करना पड़ता है ! लेकिन न्यूयॉर्क सिटी यूनिवर्सिटी के कर्मचारी की एक अजीब ही खबर सामने आयी है जिसमे उसने शिकायत की है की उसकी सालाना करीब एक लाख डॉलर (करीब 65 लाख रूपए) की तनख्वाह होने के बावजूद उन्हें कुछ ख़ास काम नहीं दिया गया !

ये खबर है हरेन्द्र हेरोल्ड सिरिसेना की जो एक श्रीलंकाई मूल नागरिक हैं जिन्होंने 1995 में न्यूयॉर्क सिटी यूनिवर्सिटी ने नोकरी हासिल की थी ! शुरआत के कुछ सालों में सभी सही था लेकिन 2005 में उनके साथ एक युवा सहायक लगाया गया और उसके बाद सभी काम वो युवा सहायक संभालता था और इनके पास कुछ काम करने को नहीं बचता था ! पूरे साल भर में कुल मिलकर इनके पास सिर्फ 1 महीना का काम होता था और बाकी का समय ये खाली रहते थे !

खाली समय में अपना समय व्यतीत करने के लिए हरेन्द्र पक्षियों को दाना डालते, म्यूजिक सुनते, क्रिकेट और फुटबॉल खेलते थे ये सिलसिला करीब 13 साल तक चलता रहा और इन्हें इनका वेतन मिलता रहा !

इन्होंने कई बार अधिकारियों को पत्र लिखकर इस बात की जानकारी भी दी और कुछ काम देने को कहा लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई ! आखिरकार इन्हें बिना काम की तनख्वाह लेना इन्हें गवारा नहीं हुआ और इन्होंने यूनिवर्सिटी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया !

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