मुआवजे के बदले में इन्हें मिली ट्रेन जानिए पूरी खबर

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जिंदगी इतनी बड़ी होती है कि वह कब क्या दिखा दे यह कोई नहीं जानता। आज हम आपको एक ऐसे व्यक्ति के बारे में बताने जा रहे हैं जो एक मिडिल क्लास किसान है लेकिन उनको भी नहीं पता था कि वह कुछ ही दिनों में करोड़ों की ट्रेन के मालिक बन जाएंगे यह सब तकदीर का खेल है तो चलिए इनके बारे में विस्तारपूर्वक जानते है।

लुधियाना के रहने वाले 45 वर्षीय किसान की जमीन नॉर्दन रेलवे में अधिग्रहित कर ली थी और इसके विरोध में जब वह कोर्ट गए तो कोर्ट ने निष्पक्ष फैसला सुनाते हुए कुछ ऐसा कर दिया कि पूरा देश अचंभित रह गया। कोर्ट ने उन्हें अमृतसर से न्यू दिल्ली चलने वाली ट्रेन स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस का मालिक बना दिया।

जसपाल वर्मा की पीठ मैं बैठे सत्र में यह अभूतपूर्व फैसला दिया गया। हालांकि इससे पहले कोर्ट ने यह आदेश भी दिया था कि नॉर्दन रेलवे इस किसान को 1.5 करोड रुपए दे। जब नॉर्दन रेलवे इस हर्जाने को सालभर में नहीं चुका पाए तो कोर्ट ने परिभाषिक रूप से स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेन नंबर 12030 को किसान के नाम कर दिया। साथ ही स्टेशन मास्टर को भी आदेश दिया गया कि अब से यह ट्रेन किसान संपूर्ण सिंह की हो गई है।

आपको बता दें कि नॉर्दन रेलवे में कई लोगों की जमीन अधिग्रहण की है क्योंकि यहां पर रेलवे लाइन का विस्तार चल रहा है उसमें संपूर्ण सिंह की जमीन भी शामिल थी। प्रति एकड़ का भाव 25 से 50 लाख तक निर्धारित किया गया था इस हिसाब से संपूर्ण सिंह को 1.47 करोड रुपए रेलवे को देने थे लेकिन रेलवे 42 लाख रुपए ही दे पाया। जब उन्होंने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया तो जनवरी 2015 में रेलवे को आदेश दिया गया कि वह संपूर्ण सिंह की बाकी की राशि अदा करें लेकिन जब पैसा नहीं मिला तो तो संपूर्ण सिंह को यह रेल दे दी गई। लेकिन संपूर्ण सिंह को यह समझ में नहीं आ रहा कि वह 300 मीटर लंबी ट्रेन का क्या करेगा और उसे घर कैसे ले जा पायेगा। यह सोचने वाली बात है अगर रेलवे ट्रेन दे भी दी तो संपूर्ण सिंह उसे घर के ले जा पायेगा या नहीं और वह इसका करेगा क्या अब सोचने वाली बात यह है कि इस केस में आगे क्या मोड आएगा। हम आशा करते हैं जानकारी आपको रोचक लगी होगी और आप इसे अपने मित्रों के साथ आवश्य शेयर करेंगे।

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