इस किले को पहाड़ काट कर बनाया गया है जानिए क्या है खास

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आज हम आपको अरावली की पहाड़ियों में स्थित 552 साल पुराने नीमराना के किले के बारे में बताने जा रहे हैं जो भारत की ऐतिहासिक इमारतों में से एक है। इस किले का निर्माण सन् 1464 में हुआ था आपको बता दें कि यह किला भारत की ऐतिहासिक इमारतों में से एक है। तो चलिए जानते हैं कि इस किले में क्या खास बात है।

यह विशालकाय किला 3 एकड़ में बना हुआ है इस किले मैं 10 मंजिल है इस किले को पहाड़ को काटकर बनाया गया है और यही कारण है कि नीचे से देखने पर ऐसा लगता है कि यह पहाड़ में से ही अवतरित हुआ है। इस किले की भीतरी साजो-सज्जा अंग्रेजी दौर की याद दिलाती है क्योंकि ज्यादातर कमरों में बालकोनी है और आसपास यूरोपियन भव्यता का नजारा देखते ही बनता है यहां तक कि इस किले में बाथरुम से भी आपको हरे-भरे नजारे देखने को मिल जाएंगे।

इस जगह का नाम नियम नीमराणा क्यों पड़ा ?

आपको बता दें कि नीमराना ऐतिहासिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण जगह है। इस जगह को पृथ्वीराज चौहान के वंशजों ने अपनी राजधानी के रुप में चुना था। पृथ्वीराज चौहान की मृत्यु 1192 में मोहम्मद गोरी के साथ लडे एक युद्ध में हो गई थी। इसके बाद चौहान वंश के राजा राजदेव ने नीमराणा को चुनाव राजधानी के रूप में किया लेकिन उस समय में यहां के शासक मियो नामक बहादुर शासक हुआ करते थे चौहानों के साथ जंग हारने के बाद मियो ने अनुरोध किया कि इस जगह को उसके नाम पर रखा जाए और तभी से इस जगह का नाम नीमराणा रख दिया गया।

इस 10 मंजिला इमारत में कुल 50 कमरे हैं इसे 1986 में हेरिटेज रिसोर्ट के रूप में तब्दील कर दिया गया था। यहां का मुख्य नजारा महल और दरबार महल मैं कॉन्फ्रेंस हॉल है। इस महल को पूर्ण रूप से रेस्टोरेंट में बदल दिया गया है इस पैलेस में स्विमिंग पूल भी है।

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