देखिये जापान ने कैसे करी हैवानियत की हदें पार

2545

द्वितीय विश्व युद्ध में हर प्रकार की शक्ति और क्रूरता का इस्तेमाल किया गया था और इसकी भयावहता का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि इस युद्ध में कई लोगों की जान गई थी और कई लोग लापता भी हुए थे।

इतिहासकारों का यह मानना है कि 30 देशों द्वारा लड़े गए इस युद्ध में लगभग 100 मिलियन लोग प्रत्यक्ष तौर पर शामिल हुए थे। यह युद्ध 1939 से 1945 तक चला था और इस युद्ध में इतना खून बहाया गया था की देखने वालों की भी रूह कांप उठी थी।

लेकिन द्वितीय विश्वयुद्ध से पहले 1937 में चीन और जापान के बीच में युद्ध छिड़ चुका था और इस युद्ध में जापान ने सारी क्रूरता की हदें पार कर दी थी। इस युद्ध में उन्होंने किसी को नहीं बख्शा फिर चाहे वह बच्चा हो बूढ़ा हो या औरत हो। वह चीन को तबाह कर देना चाहते थे लेकिन 1945 में अमेरिका ने जब Japan के हिरोशिमा नागासाकी पर बम गिरा दिया उसके बाद जापान ने आत्मसमर्पण कर दिया। यह युद्ध तो खत्म हो गया लेकिन आज भी इस से जुडी कई ऐसी तस्वीरें है जो आपके जहन को झकझोर कर रख देंगी। तो चलिए आज हम उन तस्वीरों को विस्तारपूर्वक आपको दिखाते हैं।

यह बताया जाता है कि जापान ने जुलाई 1937 में चीन के बीजिंग पर कब्जा कर लिया था और इसके बाद युद्ध की शुरुआत हो गई थी।

जापान ने मात्र 6 हफ्तों में चीन के नानजिंग शहर में रहने वाले 3,00,000 लोगों की जान ले ली थी।

इस शहर को पूरी तरह से तबाह करने के बाद जापान ने उत्तरी, पूर्व और दक्षिणी चीन पर पूरी तरह से कब्जा कर लिया था।

उस समय जापान के कई सैनिकों ने इस बात का खुलासा किया था कि जापान ने चीन के 1000 नागरिकों को जोंगमऊ शहर के बाहर येलो नदी में डुबोकर मार दिया था।

इतना ही नहीं यह बताया जाता है कि उस समय करीबन 80,000 महिलाओं के साथ बलात्कार भी किया गया था।

चीन युद्ध के बाद यह दावा किया था कि नागरिकों और सैनिकों को मिलाकर कुल 3 करोड़ लोगों की हत्या जापान द्वारा की गई।

जापान की सुरक्षा मंत्रालय ने जारी किए गए एक प्रपत्र में यह बताया कि लगभग 2,00,000 सैनिक इस युद्ध में मारे गए।

Add a comment