पढ़ाई में मन लगाने के कुछ सरल उपाय

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हमने आज का यह लेख बच्चों की समस्या को ध्यान में रखते हुए लिखा है. अधिकांश बच्चों को यह शिकायत होती है की हम पढ़ते तो बहुत है लेकिन परिणाम मेहनत के अनुरूप नहीं आता. यह समस्या आज किसी एक बच्चे की नहीं बल्कि समस्त बच्चों की हैं. वर्तमान समय बहुत ही कॉम्पीटिशन का चल रहा है ऐसे में बच्चों आप पर दबाव भी बहुत होता है. मुख्य समस्या यह आती है की पढ़ना तो चाहते है लेकिन मन पढ़ाई पर केंद्रित नहीं रहता. बच्चों अगर पढ़ाई के प्रति आपमें एकाग्रता की कमी आ रही है तो टेंशन ना लें. यह टेंशन सिर्फ आपको ही नहीं बल्कि अच्छे से अच्छे टॉपर को भी रहती है की सामने परीक्षा है समय भी कम है तो ऐसे में पढ़ाई के प्रति एकाग्रता कैसे रखे. लेकिन टॉपर अपने मनोबल को कभी कमजोर नहीं होने देते. जिन बच्चों के अच्छे नंबर आते है उनमें एक कॉमन अच्छाई होती है वे बिना आलस्य के बस लगे रहते है. ऐसा नहीं है की वे ज्यादा बुद्धिमान है. बस उनकी लगन उन्हें आगे रखती है. अपनी एकाग्रता को बढ़ाने के लिए अपने पढ़ाई के तरीकों में बदलाव लाओं. एक इफ़ेक्टिव स्टडी प्लान पढ़ाई को आसान और मज़ेदार बना देती है और जब पढ़ाई मजेदार लगने लग जाती है तो परिणाम भी इच्छानुकूल आता है. इस आलेख में हम आपको पढ़ाई में मन लगाने के कुछ आसान तरीक़े बताएँगे जिसे फॉलो करके आप अपनी टेंशन को गुड बाए कर देंगे.

आइये जानें पढ़ाई में मन कैसे लगाए –

1. सही जगह का चुनाव करें – परिवेश और वातावरण का पढ़ाई पर बहुत असर पड़ता है. ऐसा कमरा ले जहाँ शांति रहे. जहाँ ना अधिक गर्मी हो और ना अधिक सर्दी. बैठने के लिए सही टेबल-चेयर हो, किताबें तरीके से रखी हो जिससे कमरा व्यवस्थित लगे. अगर बहुत देर तक सिटिंग करनी है तो कमरे के बाहर डू नोट डिस्टर्ब का बोर्ड लगा दे.

2. नियमित पढ़ाई जरूरी – दुनिया के सभी सफल काम एक योजना के तहत अंजाम दिए जाते है ठीक उसी तरह नियमित पढ़ाई के लिए एक योजना बनाए. पढ़ाई नियमित रहे उसके लिए टाइम टेबल चार्ट बनाए और निर्धारित समयनुसार पढ़ाई करने बैठे. पढ़ाई को कभी भी प्रतिदिन के कार्यो से अलग ना समझे. अपने शारीर को समझना होगा की आपके लिए कौन सा समय सही है पढ़ने के लिए रात या दिन, उसी अनुरूप चार्ट बनाए और हमेशा उस चार्ट को फॉलो करने के लिए उत्साहित रहे. टाइम टेबल को कठिन नहीं बल्कि आसान बनाए जिससे आपको पढ़ाई उबाऊ नहीं लगेगी. बीच-बीच में ब्रेक जरूर ले.

3. शुरुआत छोटी और सोच बड़ी रखो – दिमाग बंदर की तरह होता है जो इधर से उधर घूमता रहता है. यह एक पल में दुनिया में कही भी चला जाता है. इसलिए इसे तुरंत कंट्रोल नहीं किया जा सकता. शुरुआत में पढ़ाई का समय कम रखो फिर धीरे-धीरे इस समय में बढ़ोत्तरी करो. लेकिन अपना टारगेट बड़ा रखो की मुझे टॉप करना है या बहुत अच्छी कॉलेज में दाखिला लेना है. सोच को बड़ी रखने से और रोजाना के अभ्यास से माइंड भी कंट्रोल होने लगता है. पढ़ाई में मन लगता है और कम समय में ही बहुत अच्छी पढ़ाई हो जाती है.

4. पर्याप्त नींद ले और तनाव से दूर रहे – अगर नींद पूरी नहीं होगी तो पढ़ाई तो क्या किसी भी काम में मन नहीं लगेगा. अच्छी नींद से हॉर्मोन सही तरीके से रेगुलेट होते हैं जिससे माइंड तेज होता है और शरीर को भी आराम मिलता है. जिससे पढ़ा हुआ याद रखने में मदद मिलती है. 6-7 घंटे की नींद जरूर लेनी चाहिए. लेकिन यह नींद क्लास रूम में बिल्कुल नहीं. तैयारी करते वक्त पढ़ने के लिए समय की बहुत कमी होती है तो उस वक्त खुद से प्रश्न करे इस वक्त पढ़ाई जरूरी है या चिंता. इसलिए तनाव में वक्त जाया ना करते हुए पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करे.

5. अपनी प्रगती को देखे – पढ़ाई के साथ-साथ अपनी प्रोग्रेस पर ध्यान देना भी आवश्यक है. इससे आपको प्रेरणा और सफलता दोनों मिलती है. स्वयं से कुछ सवाल करे जैसे- इस हफ्ते में आप कौन-कौन से कोर्स को पूरा करेंगे, आपका मेन टारगेट क्या है, क्या आपका टाइम टेबल और तरीके आपके लिए सही वर्क कर रहे है अगर नहीं तो इसमें ओर कैसे सुधार लाया जा सकता है, आज आपका मुख्य कार्य क्या है आदि ऐसे कई सवाल सकते है जिससे आपको पता चले की आप प्रोग्रेस कर रहे हो या नहीं.

6. समय की कीमत समझे – बचपन से ही यह आदत डालें की सभी काम को समय पर पूरा करे. इससे टाइम की बचत होगी और काम भी समय पर होगा. काम को टालने से काम का बोझ बढ़ता है जिससे मन विचलित हो जाता है और पढ़ाई में भी मन नहीं लगता. काम को समय पर करके आप समय पर पढ़ाई भी कर पाएँगे. कबीर दास जी ने कहा भी है –

“काल करे सो आज कर, आज करे सो अब
पल में प्रलय होएगी, बहुरि करोगे कब”

7. क्यों पढ़े इसका कारण खोजे – पढ़ते वक्त कई विद्यार्थी का ध्यान पढ़ाई में ना होकर ओर ही कही होता है इसका मतलब उनका विजन क्लियर नहीं है की पढ़ना क्यों जरूरी है? पहले इस उलझन को क्लियर करे की पढ़ाई जीवन में क्यों करे. फाइनेंसियल प्रॉब्लम के लिए, केरियर के लिए, पेरेंट्स का सपना पूरा होगा इस लिए, सेल्फ-रेस्पेक्ट के लिए या मैं सच में पढ़ना चाहता हूँ इस लिए. सोचे ऐसा क्या कारण है जो मुझे इस वक्त पढ़ने के लिए प्रेरित करता है. कारण खोजने के बाद पढ़ाई में मन ना लगे ऐसा हो नहीं सकता. क्योंकि जब विद्यार्थी स्वयं लक्ष्य तैयार करता है तो वो उसे पूरा करने के लिए भी प्रतिबद्ध होता है.

8. तैयारी के साथ पढ़े – पढ़ते वक्त जिन-जिन चीजों की आवश्यकता पड़ती है उसे लेकर बैठे. इससे ध्यान भंग नहीं होगा. पढ़ाई का टास्क पूरा होने पर खुद को उपहार दे. जैसे किसी टॉपिक को आपने अच्छे से याद कर लिया तो कुछ देर संगीत सुने या बातें कर ले या 10 मिनट के लिए टहलने चले जाए. सोचे आपको क्या पढ़ना है, सिलेबस क्या है, पैटर्न किस तरह का होगा, प्रश्न कैसे होंगे, मेहनत कितनी करनी है, तैयारी कैसे करनी है आदि ऐसी कई जानकारी होती है जिसे प्राप्त करके खुद को पढ़ने के लिए मोटिवेट किया जा सकता है.

9. सही भोजन ले और योग करे – अच्छे खाने से शरीर स्वस्थ रहता है और कार्य भी उत्साह के साथ पूरे होते है. अपने भोजन में हरी सब्जियाँ, फल, दूध, अनाज, सूप, जूस आदि को शामिल करे. इससे दिमाग की शक्ति बढ़ती है और पढ़ाई में मन लगता है. वसायुक्त और गरिष्ठ भोजन से बचे. इससे आलस आता है और पढ़ाई में मन नहीं लगता. रोजाना सुबह 20 मिनट तक योगा करना चाहिए. योग से पढ़ाई में एकाग्रता बढ़ती है दिमाग के ध्यान लगाने की क्षमता तेज होती है. शरीर पूरे दिन ऊर्जावान बना रहता है. शुरू-शुरू में योग की अवधि कम रखे फिर धीरे-धीरे बढ़ाए.

10. ध्यान भटकाने वाली चीजों को दूर करे – अगर आप लंबे समय तक बिना विचलित हुए पढ़ना चाहते हो तो ऐसी सभी वस्तुओं को खुद से दूर रख दे जिससे आपका ध्यान भंग होता हो. जैसे – मोबाइल, टीवी, टेबलेट, सोशल मीडिया, रिमोट कंट्रोल गेम्स आदि. यह चीज़े आपको ऐसे उकसाती है बस थोड़ी देर की तो बात है. लेकिन इस थोड़ी देर में बहुत देर हो जाती है और आपके समय का बहुत नुकसान करा देती है. पढ़ाई अच्छी चाहते है और आप चाहते है की पढ़ने में मन लगे वो भी बिना रुकावट तो इन चीजों से जितनी जल्दी हो सके दूरी बना ले.

11. अनुशासित होकर पढ़े – अगर आपको मन लगाकर अधिक देर तक पढ़ाई में ध्यान देना है तो आपको अनुशासन का पालन करना होगा. एक अनुशासन ही वो चीज है जो आपके मन को वश में करके पढ़ाई से दुबारा ध्यान हटने नहीं देता. जब भी आपका मन इधर-उधर जाए तो खुद से कहिए की नहीं मैंने इतने घंटे पढ़ने का संकल्प लिया है. इससे आपका मन गलत दिशा में नहीं जाएगा और पढ़ाई पर केंद्रित हो जाएगा. अपने कमरे की दीवार पर यह लिखकर चिपका ले की ”मैं पढ़ाई के वक्त सिर्फ पढ़ाई करूँगा इसके सिवा और कुछ नहीं.” अगर कोई मुश्किल आ रही है तो उसे समझे और समाधान निकाले, समय के साथ आप टाइम टेबल के अनुरूप पढ़ाई करने के लिए अनुशासित हो जाएँगे. पढ़ाई को मजा समझकर पढ़े बोझ नहीं. इससे आप पढ़ाई को समझकर पढ़ेंगे और पढ़ाई भी अच्छी होगी. अनुशासन का यह मुख्य पहलू है एक समय में एक काम को पूरा करे. क्योंकि बहुत सारे काम एक साथ करने से मन पढ़ाई से उचट जाता है.

हमेशा नोट बनाके पढ़े. नोट्स रिविजन और परीक्षा में मदद करता है. समय की बचत होती है. कुछ भी भूलने पर नोट्स को पढ़ना आसान होता है. नोट्स बनाने से पढ़ाई सरल लगने लगती है और पढ़ाई में मन भी लग जाता है. हमेशा सकारात्मक स्टडी करे. क्योंकि सोच के अनुरूप ही परिणाम आता है. दोस्त अच्छे बनाए जो आपको पढ़ने के लिए मोटिवेट करे. ग्रूप स्टडी भी कर सकते है जिससे आपको बोरियत भी फील नहीं होगी और कोई प्रॉब्लम हो तो वो भी सॉल्व हो जाती है.

“ऐसा छात्र जो प्रश्न पूछता हैं, वो कुछ समय के लिये मुर्ख कहलाता हैं.
लेकिन जो पूछता ही नहीं, वो जिंदगीभर के लिये मुर्ख रहता हैं.”

इन सब तरीकों को अपनाने के बाद भी अगर आप अपनी पढ़ाई को लेकर पॉजिटिव फील नहीं कर रहे तो जरा शांत मन से चिंतन करे और पता लगाए ऐसा क्या कारण है जो आपकी पढ़ाई में रोधक बन रहा हैं. एक बार कारण का पता चलते ही उस कारण को पूरी निष्ठा के साथ दूर करे. जैसे की मान लीजिए – आपका मन टीवी, फोन आदि के लिए विचलित हो रहा है या आप किसी उलझन में हो और कह नहीं पा रहे हो या पढ़ाई का उचित माहौल नहीं है या आप प्रेशर ज्यादा ले रहे हो या अन्य कामों की व्यस्तता के कारण पढ़ाई का समय नहीं मिल रहा या आपकी रूटीन सही नहीं है या आपको किसी की सलाह की ज़रूरत है कारण कुछ भी हो सकता है. लेकिन उसका हल आपको ही निकालना है. समय को गवाने से अच्छा है उस परेशानी को ही दूर करें और अपनी पढ़ाई पर पूरा ध्यान केंद्रित करे, जो की आपके अच्छे भविष्य के लिए बहुत जरूरी भी है. यह हमेशा ध्यान रखिए आपकी पढ़ाई से सिर्फ आपके ही नहीं बल्कि आपके माँ-बाप के सपने भी जुड़े है.

दोस्तों! हमने यह आर्टिकल अपने प्रैक्टिकल अनुभव व ज्ञान के आधार पर आपके साथ शेयर किया है. पढ़ाई की इन टिप्स को फॉलो कीजिए. मुश्किलें कहाँ नहीं होती लेकिन कोशिश कुछ भी कर सकती है. रेग्युलर पढ़ाई करने की यह आदत आपको शिखर तक लेकर जाएगी. आपको यह लेख कैसा लगा. अगर इस लेख से आपको कोई भी मदद मिलती है तो हमें बहुत खुशी होगी. अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे. हमारी शुभकामनाएँ आपके साथ है. हमेशा स्वस्थ रहे और खुश रहे.

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