जानिए शादी में अग्नि के चारों ओर ही क्यों लिए जाते हैं 7 फेरे

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सभी धर्मों में शादी के अपने अपने रीति रिवाज होते हैं ! शादी सिर्फ दो लोगों की नहीं होती बल्कि इसके साथ २ परिवारों के बीच एक नया रिश्ता भी बनता है ! अगर हम हिन्दू धर्म की बात करें तो इसमें शादी के समय वर वधु को अग्नि के चारों ओर 7 फेरे लेने होते हैं तभी ये शादी पूर्ण मानी जाती है ! लेकिन क्या कभी आपने सोचा है की वर-वधु को अग्नि के ही चारों ओर 7 फेरे क्यों कराये जाते हैं ?

आइये आज आपको बताते हैं क्या वजह है की आखिर शादी में 7 फेरे अग्नि के चारों ओर ही क्यों होते हैं !

1. हमारे समाज में ऐसी मान्यता है की इंसान अग्नि, पृथ्वी, जल, वायु और आकाश इन 5 तत्वों से मिल कर बना है और शादी में लिए जाने वाले 7 फेरों का अग्नि के चारों ओर लेने के पीछे भी एक कारण यही है !

2. हिन्दू धर्म के मुताबिक वर-वधु का रिश्ता 7 जन्मों तक का होता है और इसी रिश्ते को निभाने के लिए इन्हें 7 वचन भी एक दूसरे से करने होते हैं और हर फेरे में एक वचन होता है जिसे वर-वधु एक दूसरे से निभाने का वादा करते हैं !

3. हिन्दू धर्म के मुताबिक वर वधु अग्नि के समक्ष एक दूसरे से पवित्र रिश्ता निभाने का वचन लेते हैं इसे सप्तपदी कहा जाता है !

4. हिन्दू शास्त्रों में ऐसा बताया गया है की अग्नि सभी देवताओं में प्रमुख है और अग्नि में सभी देवताओं का वास है इसी लिए अग्नि के चारों ओर फेरे लिए जाते हैं और ऐसा माना जाता है की वर-वधु साक्षात देवताओं के सामने वचन देते हैं !

5. अग्नि को हिन्दू धर्म में एक पवित्रता का प्रतीक माना गया है जो सभी अशुद्धियों का नाश करती है इसी कारण वर वधु अग्नि के फेरे लेकर अपनी अशुद्धियों का नाश कर पवित्र भाव से एक दूसरे से वचन निभाने का प्रण लेते हैं !

6. अग्नि को देवताओं का स्वरुप मनाया गया है ऐसे में ये मान्यता है की अगर वर वधु अपने वचनों को नहीं निभाते तो अग्नि उन्हें दंड देती है !

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