कड़ाके की ठंड के बीच कुछ ऐसे रहते हैं हमारे देश के वीर जवान

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पूरे देश में सर्दी अपना प्रभाव दिखा रही है जहां इस सर्दी के बीच में आप घर से निकलना पसंद नहीं करते वही हमारे देश के वीर जवान बर्फबारी के बीच में बॉर्डर पर पूरी मुस्तैदी से अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं और इतना ही नहीं वह महीनों तक अपने परिवारों से भी दूर रहते हैं चाहे कड़ाके की सर्दी हो या कड़ाके की गर्मी।

वह माइनस 50 डिग्री में भी उतनी ही मुस्तैदी से ड्यूटी करते हैं जितनी 50 डिग्री गर्मी में करते हैं। इसीलिए आज हमने यह तय किया है कि हम आपको यह बताएंगे कि वह किस प्रकार से मुस्तैदी से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हैं।

अपनी जान जोखिम में डालकर यह वीर जवान दिन रात सुबह शाम हमारी रक्षा में मुस्तैद रहते हैं। कश्मीर के कुछ हिस्सों में इतनी बर्फ पड़ती है कि इंसान पूरी तरह से धस जाता है। ठंड के अलावा इन्हें कई बर्फीले तूफानों का भी सामना करना पड़ता है लेकिन फिर भी हमारे जवान इतनी ठंड होने के बावजूद भी किसी दुश्मन को बॉर्डर क्रॉस नहीं करने देते। इतनी ठंड में खड़े रहना भी किसी के बस की बात नहीं है लेकिन फिर भी हमारे देश के जवान वहां पर मुस्तैदी से खड़े रहते हैं।

आपको यह बता दें कि कश्मीर में पोस्टिंग से पहले जवानों को 3 महीने की कड़ी ट्रेनिंग दी जाती है जिसमें इन सभी जवानों को यह बात का प्रशिक्षण दिया जाता है कि इतने कम तापमान में किस प्रकार रहा जाए। बर्फ के पहाड़ों में जान का खतरा हमेशा ही बना रहता है इसीलिए इन लोगों को पूर्ण रुप से इस कठिनाई के लिए प्रशिक्षित किया जाता है।

बर्फ के बीच में इन लोगों के बनाए गए कैंप परमानेट नहीं होते और यह तूफान की वजह से नष्ट भी हो जाते हैं इसीलिए जवान कुछ समय के अंतराल पर अपने कैंप बदलते रहते हैं।

अगर आप यह सोच रहे हैं कि एक जवान सिर्फ बंदूक लेकर ही बॉर्डर पर खड़ा रहता है तो शायद आप गलत है क्योंकि इनके पास 30 से 40 किलो वजन का अन्य जरूरत वाला सामान भी होता है जिसे यह हमेशा अपने साथ लेकर चलते हैं और इतनी कठिन परिस्थितियों में इतना वज़न लेकर चलना हर इंसान के बस की बात नहीं है।

इतनी कठिन परिस्थितियों में मौसम कभी भी बदल सकता है और अगर हेलीकॉप्टर भी उतारना है तो उसके लिए भी सही जगह का चुनाव करना पड़ता है। इसके लिए भी पेट्रोलिंग पार्टी भेजी जाती है जो सही जगह का चुनाव करती हैं और उसके बाद ही हेलीकॉप्टर को इस सुरक्षित जगह पर उतारा जाता है।

इतनी दिक्कतों के बाद भी हमारे देश के वीर जवान अपने चेहरे पर मुस्कान लिए पूरी दृढ़ता से इन बॉर्डर पर मोर्चा संभाले हुए हैं। हम आशा करते हैं आप सभी लोग सैनिकों का सम्मान इसी प्रकार करते रहेंगे जिस प्रकार करते आए हैं।

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