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जानिए भारत के अजीत डोवाल के बारे में कुछ राज की बातें

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भारत का राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत कुमार डोवाल एक ऐसा नाम जिससे पाकिस्तान भी खौफ खाता है ! अजीत डोवाल भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (National Security Advisor) हैं और इस पद तक पहुंचना हर किसी के बस की बात नहीं है ! अजीत डोवाल जासूसी की दुनिया के टाइगर हैं इनसे बच पाना नामुमकिन है !

आइये आज आपको कौन है अजीत डोवाल और इनके के बारे में कुछ ऐसी बाते बताते हैं जिनसे आप आज तक अनजान हैं !

अजीत डोवाल एकमात्र ऐसे भारतीय पुलिस अधिकारी हैं जिन्हें कीर्ति चक्र और गैलेंट्री अवार्ड से सम्मानित किये गए हैं ! 71 वर्षीय अजीत डोवाल 1968 में IPS अफसर चुने गए थे और 1972 में इंटेलीजेंस ब्यूरो (IB) ज्वाइन कर ली थी ! डोवाल सिर्फ 7 साल ही पुलिस विभाग में रहे हैं उसके बाद से वो खुफिया विभाग के लिए जासूसी का काम करते रहे हैं !

साल 2005 में डोवाल IB डायरेक्टर पोस्ट से रिटायर हो गए थे ! अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के दौरान डोवाल मल्टी एजेंसी सेंटर और ज्वाइंट इंटेलिजेंस टास्क फोर्स के चीफ भी रह चुके हैं ! 37 साल जासूसी के बाद डोवाल 2014 में भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बन गए !

डोवाल की बड़ी उपलब्धियां

  • डोवाल अपने क्षेत्र में इतने अनुभवी हैं और इनकी सेवाओं के बदले इनकी उपलब्धियों का कोई सानी नहीं !
  • 1986 में मिजोरम में कई उग्रवादियों ने भारतीय सरकार के खिलाफ हथियार उठा लिए थे लेकिन वो डोवाल ही थे जिन्होंने उन्हें अपने हथियार छोड़ने पर मजबूर किया और उन्हें समझ बुझा कर अपने साथ शामिल कर लिया और करीब 20 सालों से चला आ रहा अंतर्कलह दूर कर शांति का रास्ता साफ़ किया !
  • भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ के अंडर कवर एजेंट रह चुके डोवाल ने पाकिस्तान के लाहौर में एक पाकिस्तानी मुस्लिम बन कर 7 साल गुजार लिए और किसी को खबर तक नहीं लगी !
  • जून 1984 में अमृतसर के स्वर्ण मंदिर पर हुए आतंकी हमले को नाकाम करने के इरादे से डोवाल ने काउंटर ऑपरेशन ब्लू स्टार का नेतृत्व करते हुए एक रिक्शा वाला बनकर मंदिर के अंदर जाकर आतंकियों की पूरी जानकारी सेना तक पहुंचे और इस आपरेशन की सफलता के नायक बने !
  • वैसे तो सिर्फ आर्मी के लोगों को कीर्ति चक्र से सम्मानित किया जाता है लेकिन 1988 में डोवाल पहले ऐसे पुलिस अफसर बने जिन्हें कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया !
  • 1999 में कंधार प्लेन हाईजैक मामले में आतंकियों से निगोसिएशन करने के लिए ब्लैक थंडर नाम से एक ऑपरेशन चलाया गया जिसके मुख्य अधिकारी थे डोवाल ! 1971 से 1999 के दौरान 15 ऐसे अपहरण के मामले सामने आये और ऐसे मामलों में सुलह कराने का काम भी अजीत डोवाल ने ही किया है !
  • डोवाल ने कई आतंकियों को सरेंडर करवा कर उन्हें प्रो-इंडिया बनाने का भी कारनामा किया है !
  • 2015 में भी भारतीय सेना मणिपुर में घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दे चुकी है जिसके हेड प्लानर डोवाल ही थे !
  • इसी साल जनवरी 2016 में पठानकोट पर कुछ आतंकियों ने हमला कर दिया था और इसके खिलाफ भारत की ओर से काउंटर ऑपरेशन चलाया गया था जिसका सफलतापूर्वक नेतृत्व भी डोवाल ने ही किया था !
  • जून 2014 में इस्लामिक स्टेट (IS) ने 46 भारतीय नर्सों को बंधी बनाकर रखा था लेकिन डोवाल के प्रयासों से उन सभी नर्सों को सुरक्षित भारत ले आया गया !

आपने रॉ एजेंट और ख़ुफ़िया जासूसों पर बनी फ़िल्में तो बहुत देखी होंगी जिसमे एक हीरो अपने देश के लिए अपने दुश्मन देशों में रहकर वहां की ख़ुफ़िया जानकारी अपने देश तक पहुंचता है और सफलता पूर्वक वापस भी आ जाता है !

अजित डोवाल ने जिन कारनामो को कर दिखाया है उसमे जान जाने तक का खतरा रहता है और अगर दुश्मन देशों के हाथ लग गए तो वो बहुत बुरा हश्र भी कर सकते हैं ! लेकिन अजित डोवाल कभी अपने मकसद से भर्मित नहीं हुए और बहुत ही चालाकी से अपने काम को अंजाम देते रहे हैं !

अजीत डोवाल एक बेहतरीन खूफ़िया जासूस होने के साथ साथ एक काबिल रणनीतिकार और मनोवैज्ञानिक भी हैं ! अजीत डोवाल के लिए ये कहना गलत नहीं होगा की वो भारतीय जासूस की दुनिया के टाइगर हैं जिन्हें कोई नहीं हरा सकता !

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