हीरे-जवाहरात से ज्यादा कीमती साहित्य

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एक बार एक सैन्य अधिकारी ने सिकंदर को एक सुंदर स्वर्णज़ड़ित पेटी उपहार में दी. सिकंदर पेटी की नक्काशी को देखकर बेहद आकर्षित हुआ. उसने अपने दरबारियों से पूछा, क्या इसमें किसी बहुमूल्य वस्तु को रखने से इसकी शोभा और बढ़ेगी, किंतु वह चीज़ क्या हो सकती है?

इस विषय पर एक दरबारी बोला, महाराज – इसमें बेसकीमती हीरे-जवाहरात रखने से इसकी सुंदरता में चार चाँद लग जायेंगे.
दूसरा दरबारी बोला – इस कीमती पेटी में राजसी और कीमती वस्त्र रखने से इस पेटी की कीमत और बढ़ जायेगी.
तीसरा दरबारी बोला – मेरा मत यह है कि इस कीमती पेटी में खजाने की चाबियों का गुच्छा रखना ज्यादा उचित होगा.
चौथा दरबारी बोला – मेरे विचार से इस पेटी में तो गोपनीय और निजी दस्तावेज को ही रखा जाना चाहिए. इससे इस पेटी कि शोभा और सुरक्षा दोनों बढ़ेगी.

लेकिन सिकंदर को उनमें से किसी का भी सुझाव पसंद नही आया. फिर सिकंदर सोचने लगा कि आखिर ऐसी कौन सी वस्तु है, जिसका प्रभाव उसके जीवन पर सबसे ज्यादा पड़ा. वह बहुत देर तक विचार करता रहा, तभी उसे ख्याल आया कि आज जो गौरव और ख्याति उसे मिली है, वह ना तो हीरे-जवाहरातों से मिली है, ना ही मुल्कों को जीतने से, बल्कि उसके जीवन को एक नई दिशा मिली है तो वह एक किताब है, जिसे पढ़कर उसे पराक्रम, पौरुष और साहस का मार्ग मिला. जिसे पढ़कर ही उसे अपने अंदर छिपी शक्तियों का ज्ञान प्राप्त हुआ था. उस किताब की वजह से ही वह विश्वविजयी बन पाया.

यह सब सोचकर सिकंदर ने दरबारियों को आदेश दिया, ”इस पेटी में महाकवि होमर की कृति ‘इलीयड’ को रखा जायें. उसी किताब को रखने से इस पेटी की शोभा बढ़ सकती है.” सारे दरबारी अचंभित रह गये. फिर उस सुंदर पेटी के अंदर होमर की वह महान रचना रख दी गई.

दोस्तों, जिस घटना या साहित्य से हमारी पूरी जिंदगी बदल जायें, जिसकी वजह से हमें जीवन में ख्याति और वैभव प्राप्त हो वह चीज़ हमारे लिए हर कीमती चीज़ से भी ज्यादा कीमती होगी. यानी की अनमोल.

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