क्यों लगाते हैं माथे पर तिलक, जानिए इसका वैज्ञानिक कारण

404

माथे पर तिलक लगाना हिन्दू धर्म की एक पहचान होती है जो माथे के बीचों बीच लगाया जाता है ! जब भी कोई सुबह कार्य किया जाता है तो माथे पर तिलक लगाया जाता है जो हल्दी, सिन्दूर, केशर, भस्म और चंदन आदि का इस्तेमाल किया जाता है ! तिलक लगाने की प्रथा आज से नहीं सदियों से चली आ रही है, युद्ध में जाते समय राजा महाराजा भी तिलक लगाकर ही युद्ध में जाते थे ! आज भी हमारे सैनिक जब युद्ध में जाते हैं तो उन्हें तिलक लगा कर उनकी सफलता की कामना की जाती है ! जब भी कोई मेहमान घर से प्रस्थान करता है तो उनकी यात्रा मंगलमय हो ऐसी कामना के साथ उन्हें तिलक लगाकर विदा किया जाता है !

भारतीय संस्कृति में तिलक लगाना शुभ संकेत माना जाता है लेकिन क्या आपको पता है आखिर तिलक लगाते क्यों हैं ? इसके पीछे के कारण क्या है जो ये प्रथा सदियों से चली आ रही है ? आइये हम आपको इसके वैज्ञानिक कारणों के बारे में बताते हैं !

दरअसल हमारे शरीर में 7 सूक्ष्म ऊर्जा केंद्र होते हैं इन्हीं में से एक है आज्ञाचक्र जो माथे के बीच में होता है जहां तिलक लगाया जाता है ! इस आज्ञाचक्र से शरीर की प्रमुख तीन नाडि़यां इड़ा, पिंगला व सुषुम्ना आकर मिलती हैं इसी कारण इसे त्रिवेणी या संगम भी बोला जाता है ! आज्ञाचक्र को शरीर का सबसे पूजनीय स्थान माना गया है और इसे गुरु स्थान बोला जाता है क्योंकि यहीं से पूरे शरीर का संचालन होता है और यही हमारी चेतना का मुख्य स्थान भी होता है !ध्यान लगाते समय भी इसी स्थान पर मन को एकाग्र किया जाता है !

साधारणतः तिलक लगाने के लिए चन्दन का इस्तेमाल किया जाता है और चन्दन लगाने से मस्तिष्क में शांति और तरावट बनी रहती है साथ ही चन्दन से मस्तिष्क ठंडा रहता है ! जब भी दिमाग पर जोर पड़ता है तो हमे सिर दर्द की शिकायत होती है लेकिन चन्दन का तिलक लगाने से हमारे मस्तिष्क को ठंडक मिलती है और सिरदर्द की समस्या से निजात मिलती है ! इसी कारण कहा जाता है जो लोग सुबह उठकर नहाने के बाद सिर पर चन्दन का तिलक लगाते हैं उन्हें सिरदर्द जैसी समस्या नहीं होती ! इसके आलावा तिलक के साथ साथ चावल भी लगाए जाते हैं और चावल लगाने के पीछे ऐसी धार्मिक मान्यता है की चावल लगाकर लक्ष्मी को आकर्षित किया जाता है !

स्त्रियां में अक्सर अपने माथे पर लाल कुंकुम का तिलक लगाने की प्रथा है और इसके पीछे भी एक कारण है ! दरअसल लाल रंग ऊर्जा और स्फूर्ति का प्रतीक माना गया है और तिलक लगाने से स्त्रियों का सौंदर्य बढ़ता है ! इसके आलावा तिलक को देवी की आराधना से भी जोड़ा गया है और इसे देवी के आशीर्वाद का प्रतीक माना जाता है !

Add a comment