भारतीय जनजातियों के अनसुने और अनकहे पहलू

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जैसा की हम सब जानते हैं की भारत में विभिन्न प्रकार की जाती एवं जनजाति पायी जाती है। मगर इन जनजातियों के अनसुने और अनकहे कई ऐसे पहलु हैं जो हमे जरूर जान लेने चाहिए। तो चलिए आज कुछ ऐसी ही जनजातियों के बारे में विस्तारपूर्वक जानते हैं।

1. बने मेनशे – मणिपुर की यह जनजाति यह मानती है की ये लोग इजराइल की लुप्त हो चुकी जनजाति के वंशज हैं। इनके द्वारा ये भी बताया गया है की यह जनजाति इजराइल में 772 bc से पहले की है जिनको नव -अश्शूरियों के साम्राज्य से पहले खत्म कर दिया गया था। आज के समय में यह जनजाति मणिपुर में प्रवासित है और भारत का एक अभिन्न हिस्सा है। 19वीं शताब्दी में इस जनजाति का रुझान क्रिश्चनिटी की तरफ हुआ था पर 20वीं शताब्दी में इस बात का खुलासा कर दिया गया की यह लोग इजराइल से सम्बन्ध रखते हैं। बस उन्ही दिनों के बाद यह लोग आज भी अपने पूर्वजों का ही धर्म मानते हैं।

Bnei-Menashe भारतीय जनजातियों के अनसुने और अनकहे पहलू

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2. संथाली – यह जनजाति विश्व की अनोखी जनजातियों में से एक है। यह जनजाति बाहर के लोगों से संपर्क नहीं रखते हैं और बाहरी लोगों का इनके यहाँ प्रवेश भी वर्जित है। ऐसा नहीं है की इन लोगों से संपर्क करने के प्रयास नहीं किये गए मगर जब भी कोई पहल हुई तो हमेशा ही इन्होने उसका जवाब आक्रामक रूप में दिया जिसमे कई लोगों की जान भी गयी। यह जनजाति आज भी अंदमान में रहती है और भारतीय सरकार इनकी मदद के हर संभव प्रयास करती है पर यह लोग किसी से भी संपर्क नहीं रखते हैं।

Sentinelese भारतीय जनजातियों के अनसुने और अनकहे पहलू

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3. चेंचुस – यह दक्षिण भारत की सबसे बड़ी और बढ़ती हुई जनजाति है। इस जनजाति में अपनी मर्ज़ी से वरवधु का चुनाव करने की आज़ादी है। सबसे अहम बात यह है की तलाक की स्थति में आपसी सहमति को ज़्यादा महत्व दिया जाता है जो की आम समाज में अभी भी कम देखने को मिलता है। एक और ध्यान देने योग्य बात यह है की इस जनजाति में विधवा-विवाह को बुरा नहीं माना जाता है।

Chenchus-1 भारतीय जनजातियों के अनसुने और अनकहे पहलू

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4. विश्नोई – यह जनजाति मूल रूप से राजस्थान की है इस जनजाति को आप मुख्य रूप से प्रकर्ति के रक्षक के रूप में भी जान सकते हैं। यह बात इतिहास में दर्ज है की एक बार 1730 में पेड़ों के काटे जाने पर 363 विश्नोईयों ने अपनी जान दे दी थी। इस जनजाति में पुरुष मुख्य रूप से सफ़ेद वस्त्र ही पहनते हैं महिलाएं लाल वस्त्र ही पहनती हैं। ये लोग शुद्ध रूप से शाकाहारी होते हैं।

Bishnoi भारतीय जनजातियों के अनसुने और अनकहे पहलू

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5. सिद्दी – यह जनजाति मूल रूप से भारत और पाकिस्तान दोनों में पायी जाती है। अब यह जनजाति भारतीय सभ्यता में इतना घुल मिल गयी है की इस बात का पता लगाना नामुमकिन है की कौन सिद्दी है वैसे यह जनजाति मूल रूप से अफ्रीकन है।

Siddi भारतीय जनजातियों के अनसुने और अनकहे पहलू

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6. भूटिया – यह जनजाति उत्तराखंड में पायी जाती है। यह जनजाति हिन्दू और बोध दोनों धर्म मानते हैं इसलिए इन्हे भूटिया कहा जाता है। यह लोग भांग का सेवन अत्यधिक मात्रा में करते हैं । भांग के सेवन के पीछे तर्क देते हुए यह लोग इस बात को बताते हैं की यह लोग शिव भगवान को अपना आराध्य मानते हैं ।

Bhotiya भारतीय जनजातियों के अनसुने और अनकहे पहलू

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7. दोरकपा – यह जनजाति लद्दाख में पायी जाती है। इन लोगों का मानना है की यह लोग अलेक्ज़ेंडर के वंशज हैं । इस बात को बल देने के लिए यह लोग यह बताते हैं की जब अलेक्ज़ेंडर की कुछ सैनिक टुकड़ी थकान के कारण भारत में ही बस गयी उसके बाद ही इस जनजाति की उत्पत्ति हुई।

Drokpa भारतीय जनजातियों के अनसुने और अनकहे पहलू

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8. पटुआ – यह जनजाति मुख्य रूप से बंगाल में पायी जाती है इस जनजाति का मुख्य कार्य चित्रकारी है। यह जिस कला को संजोये हुए हैं उसक अनाम है पत्रचित्र यह चित्रकारी आध्यात्मिक गानो पर आधारित होती है।

Patua भारतीय जनजातियों के अनसुने और अनकहे पहलू

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हमारी संस्कृति विभिन्न रंगों से सुसज्जित है आज हमने उनमें से ही कुछ रंग प्रस्तुत करने की कोशिश की है। ये कुछ जनजातियां हैं जिनका हमने उल्लेख किया है इसका मतलब यह कदापि नहीं है की भारत में सिर्फ इतनी ही जनजाति है।

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