दुनिया के 10 सबसे क्रूर तानाशाह, जिन्होंने मचा दिया था कत्लेआम

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इतिहास में कुछ शासक अपने शशक्त शासन के लिए जाने जाते हैं जिन्हें जनता ने बेहद प्यार दिया इसके विपरीत कुछ ऐसे शासक भी रहे हैं जिन्होंने हैवानियत की सारी हदें पार कर दी इसी कारण इन्हें सबसे बड़े तानाशाह का दर्जा मिला। इन तानाशाहों ने जनता के अधिकारों का शोषण ही नहीं किया बल्कि अपना खौफ और राज जनता पर बनाए रखने के लिए कत्लेआम तक मचा दिया। आइए जानते हैं इतिहास के 10 उन सबसे क्रूर तानाशाहों के बारे में जिन्हे दुनिया के सबसे खतरनाक तानाशाह माना गया है।

1. ईदी अमीन

ईदी अमीन को “युगांडा का कसाई” भी बोला जाता था। जो भी इसका विरोध करता था उसे जेल में दर्दनाक सजा भुगतनी पड़ती थी या फिर उन्हें मौत की सजा सुनाई जाती थी। ईदी अमीन के शासनकाल में लोगों को एक साथ कई सजाएं भी दी जाती थी। ईदी अमीन का शासनकाल करीब 8 साल (1971 से 1979) का रहा है। एक आंकड़ों के मुताबिक ईदी ने अपने शासनकाल में करीब 5 लाख से भी अधिक लोगों की हत्या करवा दी थी या उन्हें दर्दनाक सजाएं दी थी।

सजा के तौर पर ईदी लोगों के प्राइवेट पार्ट्स और हाथ पैर काट दिया करता था जिस कारण लोगों की तड़प कर मौत भी हो जाती थी। इतना ही नहीं ईदी अपने विरोधियों को उन्हीं का मांस खाने पर भी मजबूर कर देता था। ईदी ने अपने शासनकाल में लोगों के सर हथौड़े से फोड़ देने के भी आदेश निकाले थे। कुछ लोगों को बर्फ की चट्टानों पर बिठा दिया करता था जिससे उनकी ठंड के कारण मौत हो जाती थी। ईदी के शासनकाल में कई महिलाओं के रेप भी हुए और उन्हें टॉर्चर भी किया गया और फिर उन्हें मौत के घाट उतार दिया गया। सजा के बाद मरने वाले लोगों की लाश को तालाब में फेंक दिया जाता था जिसे जिन्हें मगरमच्छ खाते थे।

2. एडोल्फ हिटलर

दुनिया के सबसे बड़े तानाशाह की बात हो और एडोल्फ हिटलर का नाम ना आए ऐसा तो हो ही नहीं सकता। हिटलर जर्मनी की नाजी पार्टी के नेता रहे हैं और इनके शासनकाल में करीब 1.7 करोड़ लोगों की हत्या हुई थी। हिटलर ने करीब 12 वर्षों (1933 से 1945) तक जर्मनी पर अपना हुकुम चलाया। दूसरे विश्व युद्ध के समय हिटलर की सेना ने यहूदियों समेत कई लोगों को चुन-चुन कर मौत के घाट उतारा। हिटलर एक बेरहम शासक के तौर पर जाना जाता था जिसने कई यहूदी, इसाई, महिलाएं और बच्चों तक पर रहम नहीं खाया। आपको जानकर आश्चर्य होगा हिटलर ने सबसे ज्यादा खून यहूदियों का ही बहाया है जबकि हिटलर का पहला प्यार एक यहूदी लड़की ही थी।

3. सद्दाम हुसैन

21वीं सदी के सबसे कुख्यात तानाशाहों में से एक रहे सद्दाम हुसैन ने अपने शासनकाल में लगभग 20 लाख लोगों की हत्या करवा दी थी। कुर्दिश कम्युनिटी के लोगों पर तो सद्दाम हुसैन ने जहरीली गैस का इस्तेमाल भी किया था जिससे बड़ी संख्या में लोगों की मौत हो गई थी। सद्दाम हुसैन ने करीब 1 लाख कुर्दिश पुरुष, महिलाओं और बच्चों को केमिकल्स के जरिए मौत के घाट उतार दिया। सद्दाम हुसैन के शासनकाल में लोगों को दर्दनाक मौत दी जाती थी। कहा जाता है सद्दाम हुसैन मरने वाले लोगों की चीखें रिकॉर्ड कर उसे रात को खाना खाते समय सुनकर बहुत हंसा करता था।

4. माओ से तुंग

चीन के माओ से तुंग अपने समय के सबसे कुख्यात तानाशाहों में से एक रहे हैं। माओ से तुंग को करीब 7.8 करोड़ लोगों का हत्यारा कहा जाता है। माओ से तुंग ने 1949 से 1953 के बीच शासन किया, इस दौरान इसने लगभग 50 लाख लोगों को मौत के घाट उतार दिया। माओ से तुंग ने अपने शासनकाल में दो प्रोग्राम ग्रेट लीफ फारवर्ड और कल्चरल रेवॉल्यूशन चलाये और इसका परिणाम ये निकला की इनकी वजह से लगभग 2 करोड़ लोग भुखमरी का शिकार हो गए।

5. जोसेफ स्टालिन

जोसेफ स्टालिन ने अपने कार्यकाल में करीब 2.3 करोड़ लोगों को मौत के घाट उतार दिया था। उसने अपने 5 वर्षीय आर्थिक योजना के जरिए सभी किसानों को सरकार के अधीन “किसान को-ऑपरेटिव” से जुड़ने पर मजबूर कर दिया। जिसका परिणाम यह निकला कि वहां अकाल की स्थिति बन गई जिस कारण सिर्फ यूक्रेन में लगभग 30 लाख लोग भुखमरी का शिकार बन गए। इस योजना का विरोध करने वाले लोगों को दर्दनाक सजाएं दी गई और उन्हें मौत के घाट उतार दिया गया।

6. रॉबर्ट मुगाबे

दुनिया के सबसे क्रूर शासकों में शुमार जिंबाब्वे के राष्ट्रपति रॉबर्ट मुगाबे काफी शातिर शासक रहा है। इसने सत्ता भी धोखाधड़ी से ही हासिल की थी। चुनाव के समय कई प्रदेश ऐसे थे जहां रॉबर्ट मुगाबे को एक भी वोट नहीं मिला लेकिन इसने लोगों को डरा धमका कर सत्ता हासिल कर ली। चुनावी दौर के समय इसने करीब 20,000 आम नागरिकों की दर्दनाक हत्या करवा दी थी। इसके अलावा अपने शासनकाल में इसने करीब 30 लाख से भी अधिक लोगों की जिंदगी बर्बाद कर दी थी। रॉबर्ट ने अपने शासनकाल में लैंड रिफार्म नामक एक प्रोग्राम शुरु किया लेकिन इसका परिणाम यह रहा कि बड़ी संख्या में लोग बेघर हो गए और उन्हें अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा। रॉबर्ट ने 1987 से लेकर 2013 तक अपना शासन कायम रखा।

7. किम जोंग इल

अपने पिता किम इल सुंग की मौत के बाद उत्तर कोरिया की सत्ता पाने वाला किम जोंग इल वहां का एक बड़ा तानाशाह बन गया। किम जोंग इल ने 1994 से 2011 तक अपनी सत्ता में कई मानव अधिकारों का उल्लंघन करते हुए बड़ी संख्या में लोगों की हत्या करवा दी थी। इसने अपने शासनकाल में लगभग 3 लाख से भी अधिक लोगों को गिरफ्तार करवा लिया था। इसके अलावा लाखों कोरियाई नागरिक किम जोंग इल की क्रूर नीतियों के कारण मौत के घाट उतारे गए। किम जोंग इल के इस तानाशाही के चलते अमेरिका ने वर्ष 2002 में उत्तर कोरिया को ‘एक्सिस ऑफ इविल’ घोषित कर दिया था।

8. मुअम्मर अल-गद्दाफी

लीबिया पर करीब 42 साल तक अपनी हुकूमत जमाने वाला मोहम्मद अल गद्दाफ़ी सबसे क्रूर तानाशाहों में से एक रहा है। गद्दाफी कई भ्रष्टाचारों में लिप्त रहा है और जिसने भी गद्दाफी का विरोध किया गद्दाफी ने उसे मौत के घाट उतार दिया। गद्दाफी के शासनकाल में सभी लोग इनसे काफी नाराज थे और इन्हें हटाना चाहते थे। गद्दाफी को हमेशा डर बना रहता था कि उन्हें कोई मार ना दे इसीलिए वह हर समय बुलेट प्रूफ गाड़ियों में ही घूमता था। गद्दाफी हमेशा सुरक्षा गार्ड के तौर पर महिलाओं को नियुक्त करता था और सिविल वार के दौरान गद्दाफी और उनके वरिष्ठ अधिकारियों ने गद्दाफी की कई महिला गार्ड्स के साथ बलात्कार भी किया। आगे चलकर अक्टूबर 2011 में एक सैन्य हमले में गद्दाफी मारा गया।

9. हुस्नी मुबारक

मिस्र की गद्दी संभालने वाले तानाशाह हुस्नी मुबारक ने अपनी जनता पर खूब जुल्म ढाए और परिणामस्वरूप एक समय ऐसा आया की जनता ने उसके खिलाफ आंदोलन छेड़ दिया। उसका नतीजा यह निकला कि हुस्नी मुबारक को बेइज्जत होकर अपना पद छोड़ना पड़ा। हुस्नी मुबारक ने 1981 से 2011 तक मिस्र पर राज किया। अपने शासनकाल में हुस्नी मुबारक ने कई लोगों को कड़ी सजा दी। हुस्नी मुबारक की क्रूरता की वजह से सभी लोग इसके विरोधी हो गए, एक बार इस्लामी चरमपंथियों ने हुस्नी मुबारक पर जानलेवा हमला किया लेकिन वह वहां से बच निकला। इसके बाद भी तकरीबन 6 बार हुस्नी मुबारक की जान लेने की कोशिश की गई। लेकिन 2011 में जनता ने इसके खिलाफ आंदोलन छेड़ इसे आखिरकार सत्ता से निकाल बाहर किया और इसे और इसके बेटों को गिरफ्तार कर लिया गया। हुस्नी मुबारक पर कई भ्रष्टाचार और हत्या के मामले दर्ज थे जिस कारण 2012 में इसे उम्र कैद की सजा सुनाई गई।

10. बेनिटो मुसोलिनी

फासीवाद की नीव रखने वाला और इटली का नेता रहा बेनिटो मुसोलिनी दुनिया के सबसे क्रूर तानाशाह में से एक रहा है। दूसरे विश्वयुद्ध के समय से ही मुसोलिनी ने कई हमलों में हार का सामना किया और इस कारण उसे प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा भी देना पड़ा और उसे जेल की सलाखों के पीछे डाल दिया गया। उस समय हिटलर ने उसे सहारा देते हुए छुड़ाया लेकिन फिर भी मुसोलिनी ज्यादा समय तक सत्ता नहीं संभल सका और फिर 1945 में मित्र देशों की सेनाओं ने इटली पर हमला किया जिसमे मुसोलिनी को पकड़ कर हिरासत में ले लिया। फिर 28 अप्रैल 1945 को मुसोलिनी को सजा-ए-मौत दी गई।

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