हिंदुस्तान का एक गांव जहां हिंदुस्तान के मर्द नहीं जा सकते

भारत को आजाद हुए कितने साल हो गए लेकिन आज भी अगर हम आपको कहें कि भारत में एक गांव है जहां पर भारतीय पुरुषों का जाना निषेध है तो शायद आपको यकीन ना हो। लेकिन यह सच है आज हम जिस जगह की बात आपके सामने करने जा रहे हैं उस जगह पर भारतीय पुरुषों का जाना निषेध है।

जब बात खूबसूरती की होती है तो जिस राज्य का नाम हमारी जबान पर आता है वह है हिमाचल। हिमाचल के पास ही स्थित है कसोल गांव यह प्रदेश आजकल खासी चर्चा में है। कारण है इस गांव में इसराइली लोगों का आना।

यहां आने के बाद आपको ऐसा लगेगा कि आप भारत में नहीं बल्कि किसी और देश में हैं और यह बात आपको बिलकुल चौंका देगी कि यहां पर भारतीय पुरुषों का आना वर्जित है। एवं अगर कोई गलती से पहुंच भी जाता है तो उसे यहां ठहरने के लिए कोई जगह नहीं मिलेगी।

भारतीय पुरुषों को रोकने के पीछे का कारण यहां का पर्यटक व्यवसाय हैं। भारतीय पुरुष इस्राएली महिलाओं के साथ छेड़खानी करते हैं जो कि उन्हें बिल्कुल पसंद नहीं आता बस इसी कारण से भारतीय पर्यटक यहां वर्जित है।

अब आप सोच रहे होंगे कि इस्राइल लोगों को यह गांव क्यों पसंद है ??

आपको बता दें कि इसराइली तकरीबन 20 साल से इस गांव में आ रहे हैं और यह बताया जाता है कि उन्होंने 20 साल पहले इस गांव को खोजा था। इससे पहले जितने भी पर्यटक आते थे वह सब मनाली जाते थे लेकिन घरेलू पर्यटकों की पर्यटकों की संख्या ज्यादा होने की वजह से मनाली अपना सुंदर होने लगा इसीलिए विदेशी पर्यटक एकांत की तलाश में सोलन की ओर आने लगे।

यहां की मस्ती और एकांत उन्हें सुकून देता है। इस गांव में आपको इसराइली झंडे देखने को मिलेंगे यह बताया जाता है कि पहली बार इसराइली जब यहां आए थे तब उन्होंने यहां पर गेस्ट हाउस लिए कैफ़े बनाएं और अपने व्यवसाय शुरू किए लोगों को यह एहसास दिलाया कि उनके लिए व्यवसाय पैदा होगा लेकिन हुआ इसके विपरीत।

आपको बता देंगे इस्राइली लोग हिंदी बखूबी समझ नहीं पाते इसलिए कैफ़े और गेस्ट हाउस में हिब्रू भाषा बोली जाती है। यहां के लोकल लोग भी इसराइली कैफ़े में नहीं जाते हैं। यहां पर आकर इसराइली नहीं बदले जबकि गांव उनके लिए बदल गया। यहां पर ज्यादातर हमसा और पीटा ब्रेड चलती है जो कि यहूदियों को बहुत पसंद है।

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