आग का आविष्कार किस काल में हुआ?

हर काल अपने साथ बहुत सी महान खोजें लेकर आया और उन्हीं महान खोजों में से एक आग का आविष्कार है। ये खोज कितनी महत्वपूर्ण थी, इसका अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आज खाने को पकाकर खाना इसी आग के कारण संभव हो पाया है। हमारे रोज़मर्रा के कामों को आसानी से करने और हमारे जीवन को आसान बनाने में इस आग का बहुत अधिक महत्त्व है।

आग की खोज का सम्बन्ध मानव के विकास से जुड़ा है। आज मानव का जो विकसित रूप हमारे सामने है वो एक लम्बी यात्रा का परिणाम है। पहले मानव जंगलों में रहा करता था और उसके पास किसी प्रकार के कोई संसाधन नहीं थे जो उसके जीवन को आरामदायक बना सके। ऐसे में आदिमानव ने खुद अपनी जरूरतों के अनुसार नयी नयी खोजें की।

जंगलों में रहते हुए आदिमानव पेड़ों से मिलने वाले आहार पर निर्भर थे और धीरे धीरे उन्होंने जानवरों का शिकार करना सीखा। जंगली जानवरों से अपना बचाव करने के प्रयासों ने आग की खोज कर दी।

पुरा पाषाण काल में पत्थरों को रगड़ने से आग की उत्पत्ति हुयी। ये काल आधुनिक काल से 25-20 लाख साल पूर्व से लेकर 12,000 साल पूर्व तक माना जाता है।

माना जाता है कि जब आदिमानव पत्थरों को एक जगह से दूसरी जगह ले जा रहे होंगे तब अचानक दो पत्थर आपस में टकराये होंगे और चिंगारियां निकली होगी, जिसे देखकर आदिमानव हैरान हुए और उन्होंने भी पत्थरों को रगड़कर उस चमकदार रोशनी को देखना चाहा होगा।

शुरुआत में आदिमानव इस आग से डरता था लेकिन जब उसे इसका इस्तेमाल करना आया तो उन्होंने अपनी सुरक्षा के लिए इसका इस्तेमाल करना शुरू कर दिया।

उस समय गुफाओं में रहने वाले आदिमानवों ने गुफा के मुँह पर आग जलाना शुरू कर दिया ताकि जंगली जानवर अंदर ना आ सके। धीरे धीरे सर्दी के मौसम में तूफानी रातों से राहत पाने में भी आग का इस्तेमाल करना आदिमानव को आ गया और तब से आग का आविष्कार मानव की महान खोजों में शामिल हो गया।

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