आप नौकरी में जहाँ थे क्या आज भी वहीं हैं? – तरक्की पाने के उपाय

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एक अच्छी और संतुष्ठ नौकरी की जितनी समस्या कल थी वो आज भी बनी हुई है और अगर कोई अच्छी नौकरी मिल भी जाती है तो उसमें भी कई समस्यायों का सामना करना पड़ता है क्योंकि हर बार स्थिति स्वयं के अनुकूल हो यह जरूरी नहीं। कई बार ऐसे विचारों से भी दो-चार होना पड़ता है की इतनी मेहनत के बाद भी स्थिति वहीं की वहीं है ऊपर से वर्कलोड भी कुछ कम नहीं। कई लोग अपनी तनख़्वाह के लिए तो कई लोग अपने पद के लिए तो कई लोग ऑफीस के परिवेश से परेशान रहते है। लेकिन आप चिंता ना करे, ऐसी समस्या सबके सामने आती है इनसे कैसे सामना किया जाए यह हम इस लेख से जानेंगे।

दोस्तों, ऑफीस की चाहे जो भी परिस्थिति है उसमें आपका क्या योगदान है क्या इसके बारे में भी अपने कभी सोचा है। क्या आप कॅरियर में तरक्की के लिए निरंतर और जी तोड़ मेहनत करते है? क्या आपने अपने स्तर पर प्रयास किया है या प्रयास में सुधार लाया है? क्या आप अपने वर्कप्लेस को अपना 100% देते है? क्या आप सिर्फ़ अपनी ही तरक्की के बारे में सोचते है और दूसरा विकल्प खोजते है? क्या आप अपने ऑफीस को अपना मानते है। दोस्तों, जब तक समस्या को देखेंगे आपको समस्या ही नजर आएगी। आप जैसे ही समस्या का समाधान खोजेंगे आपको अवसर ही अवसर नजर आएँगे। फर्क नौकरी में स्थिति का नहीं बल्कि नजरिए का है। जब तक आपके मन में अपने वर्कप्लेस को लेकर अपनापन नहीं आयेगा तब तक आप ना तो अपनी तरक्की कर पाएँगे और ना ही अपने वर्कप्लेस की। फिर चाहे आप कही भी नौकरी कर ले आपकी स्थित वहीं की वहीं रहेगी जहाँ आज है। नौकरी में तरक्की के अवसर कही भी मिल सकते है बशर्ते आपको अपनी काबिलियत दिखानी पड़ेगी। कड़ी मेहनत से गुजरना होगा, वर्कप्लेस की ग्रोथ को प्राथमिकता देनी होगी। आप चाहे कही भी काम कर ले, जब तक आपके द्वारा फ्रॉफिट गेन ना हो तक तक कोई भी बॉस आपको तरक्की नहीं दे सकता। एक बार अपने काम में सुधार लाकर देखिए आपकी तरक्की आपकी कंपनी की मजबूरी साबित होगी। हार्डवर्किंग और क्रिएटिव लोगों को कोई भी कंपनी खोना नहीं चाहेगी। यह सभी कंपनी का वीक पॉइंट होता है। तभी तो आज हाई पैकेज पर भी कई लोगों को कंपनी रखने पर मजबूर है, लेकिन इसकी शुरुआत आपसे ही होगी।

आप चाहे किसी भी प्रोफेशन से संबंध रखते हों, तरक्की की चाह कोई गलत नहीं। आपके वर्क को देखते हुए अगर साल में एक बार आपकी तनख़्वाह बढ़ाई जाती है तो आपको यह बात भी समझनी होगी की अब आपकी जिम्मेदारी पहले की तुलना में और बढ़ गई है जिसके एवज में कंपनी आपको बढ़ी हुई तनख़्वाह या पद के रूप में दे रही है। लेकिन कई बार ऐसा भी होता है व्यक्ति को अपने काम के मुताबिक प्रतिसाद नहीं मिलता। तब यह प्रश्न जरूर जेहन में उठता है की आखिर ऐसी क्या वजह है जो कुछ लोग बड़ी तेज गति से तरक्की के पायदान को छूते चले जाते है और कुछ लोग जहाँ थे वहीं रह जाते है यानी बहुत पीछे रह जाते हैं। एक अच्छे कॅरियर और सेल्फ ग्रोथ के लिए यह जरूरी हो जाता है की अब इन अहम बातों पर गौर किया जाए।

1. अपना कौशल निरंतर बढ़ाते रहें – क्या जंग लगी कुल्हाड़ी से पेड़ काटा जा सकता है, नहीं। पेड़ को काटने के लिए कुल्हाड़ी की धार को निरंतर पैना करना पड़ता है। ठीक इसी तरह नौकरी में तरक्की की चाह को पूरा करने के लिए अपने कौशल को भी बढ़ाते रहो। अपने कौशल को इतना बढ़ाओ की लोग आपका लौहा मानने लगे। आप चाहे जिस भी पेशे में हो, कौशल को बढ़ाने के लिए निजी स्तर पर हमेशा प्रयास करते रहे, यह प्रयास ही आपकी तरक्की की एक सीढ़ी है। आपके अपार कौशल के लिए कई बार कुछ कंपनियां इसके लिए अलग से पेशकश करती है। स्वयं के स्तर पर भी ऑनलाइन कोर्स, सेमिनार, कार्यशाला में पार्ट जरूर लें। अगर आपको अपनी काबिलियत पेश करनी है तो उसके एवज में आपको कुछ समझोते तो करने ही पड़ेंगे। आपके कौशल के लिए आपको ही मेहनत करनी पड़ेगी कोई कंपनी इसके लिए आपको बाध्य नहीं करेगी क्योंकि किसी भी इंसान को उसकी इच्छा के विरुद्ध कुछ भी नहीं सिखाया जा सकता। हाँ आपकी योग्यता के आधार पर कंपनी आपका मार्गदर्शन जरूर कर सकती है। मार्केट की डिमांड और नौकरी की अहमियत को ध्यान में रखते हुए इस तरह के प्रशिक्षण आपकी छवि में सुधार लाते हैं। बॉस और सहकर्मियों के मध्य आपको प्राथमिकता मिलेगी।

2. नये-नये आइडिया लिखते रहें – अपने काम से संबंधित विषयों पर प्रतिदिन थोड़ा बहुत ही सही लेकिन कुछ आइडिया लिखने की आदत डालें। आप चाहे कुछ भी कर रहे है जैसे लंच, मीटिंग या काम करते वक्त जब भी कोई विचार आए तो उसे तुरंत नोट करें, बाद के लिए ना छोड़े। धीरे-धीरे इस तरह आपके पास नये आइडिया का खजाना हो जाएगा। फिर जब भी आपको प्रॉजेक्ट की तैयारी, प्रेजेंटेशन या नई योजना बनाने का वक्त आएगा, आपके पास नये आइडिया की कमी नहीं होगी। आखिर दिमाग भला क्या-क्या याद रखेगा, इसलिए मेमोरी में रखने की ना सोचे और बेहतर होगा आप उसे लिख लें। यह टिप्स आज की सबसे बड़ी माँग है हर कंपनी की। इसलिए आपको जब भी अपनी कंपनी के हित में कोई अच्छा आइडिया आए उसे तुरंत लिख ले और उस पर स्टडी करे की आपके आइडिया में कितना वजन है।

3. आलोचना को स्वयं पर हावी ना होने दें – अधिकांश लोगों को अपनी नौकरी के दौरान अपने बॉस, सीनियर या सहकर्मी के द्वारा आलोचना का शिकार होना पड़ता है। कई बार बिना वजह नुक्स निकालने से आपका काम आपके लिए मुसीबत बन जाता है, जिस कारण अधिकतर लोग सुन कर अनसुनी कर देते है। जबकि हम यह कहेंगे आपको वो सारी आलोचना ध्यान से सुननी चाहिए और उसका उत्तर अपने काम के माध्यम से देना चाहिए। इससे आपके काम में तो सुधार आएगा ही, धीरे-धीरे लोग भी आपकी सहनशीलता और लगन के कायल हो जाएँगे। आलोचना में कही गई बाहरी बातों पर ध्यान ना दे इसमें छुपे अर्थ को समझे की लोग आपसे क्या चाहते है। अगर बार-बार आपकी आलोचना हो रही है तो हो सकता है आपको पहले भी हिदायत दी गई थी लेकिन आप सही तरह से अमल नहीं कर पाए। इसलिए जो हुआ उसे बदला नहीं जा सकता लेकिन आगे से आप आलोचना के पात्र ना बने इसका पूरा ध्यान रखे। इससे आप अपने वर्तमान और अच्छे भविष्य के लिए अपनी कार्ययोजना को पहले से बेहतर बना सकते हैं।

4. वर्कलोड से घबराए नहीं – नौकरी के दौरान काम के बोझ से कई बार गुजरना पड़ता है। कभी कंपनी की मजबूरी होती है तो कभी सीनियर अपने जूनियर पर रोब दिखाने के लिए ऐसा करते है। लेकिन आप घबराए नहीं, बल्कि यह मानकर चले की यह एक अवसर है आपके पास अपनी जिम्मेदारी को साबित करने का। अधिक काम के दबाव से आपको समय नियोजित करना पड़ता है क्योंकि घर भी तो समय पर जाना पड़ता है। ऐसे में कम समय में अधिक काम को पूरा करने की आदत को आप बढ़ावा देंगे। आप जल्दी काम करने लगेगे फिर आपको ओवरटाइम भी नहीं करना पड़ेगा और काम का बोझ भी नही लगेगा। यह स्किल आपको कॅरियर में एक कुशल और सक्षम बनाएगी।

5. अपने मजबूत पक्षों पर वर्क करें – यह जरूरी नहीं की हर इंसान हर काम में परफेक्ट हो लेकिन कुछ काम ऐसे जरूर होते है जिनमें आपकी पकड़ अच्छी होती है। ऐसे पहलू पर लगातार काम करते रहे। जैसे आप में विश्लेषण क्षमता दूसरों से अच्छी हो, आंकड़ों की समझ अच्छी हो, काम करवाने की स्किल अच्छी हो, लोगों को समझाने या अपनी बात पर काम करवाने की काबिलियत हो, कुछ भी ऐसा जिसमें आपकी पकड़ मजबूत हो। इसलिए अपने मजबूत पक्षों पर हमेशा काम करते रहे। मजबूत पक्षों को और मजबूत बनाना कॅरियर के लिए बहुत फायदेमंद होता है। यह पॉइंट आपको अपने वर्कप्लेस पर टिके रहने में भी बहुत मदद कर सकता है।

6. तारीफ की आस ना रखे – बहुत से लोगों में यह आदत होती है की वे कुछ भी करने से पहले अपनी तारीफ सुनना पसंद करते है जो उन्हें निराशा में ले जाती हैं। आपकी तारीफ हो या ना हो आपके मूड का असर आपके काम पर बिल्कुल नहीं होना चाहिए। निराश होने के बजाय आपको अपने अरुचिकर बॉस या सीनियर को उत्साहवर्धक वक्ता के रूप में लेना चाहिए जो प्रेरणात्मक बातें ना कहते हुए भी आपको हर दिन आपके काम में बेहतर करने के लिए उकसा रहे हैं। तरक्की चाहते है तो किसी भी तरह की बातों को व्यक्तिगत ना लें बल्कि आपको तो खुशी होनी चाहिए की आपके काम को आपके बॉस बड़ी बारीकी से देखते है और आपकी गलती को सुधारने का मौका देते है। इससे आपके कार्य में दिनों दिन सुधार आता है। तारीफ तो सफलता में रुकावट पैदा करती है क्योंकि तारीफ कभी भी आपको आगे नहीं बढ़ने देगी।

शुरुआत में आपको यह सब मुश्किल लगेगा लेकिन धीरे-धीरे आप में इस तरह के नकारात्मक टिप्पणी से प्रभावित न होने की आदत पड़ जाएगी जो आपको काम करने में और अधिक बल देगी। इस तरह से आप काम को अलग तरह से लेंगे और आपका आत्मविश्वास भी बढ़ेगा। समय के साथ आपको आपके सीनियर से तारीफ और सकारात्मक रवैया भी मिलेगा जो आपको आपके काम में और भी बेहतर बनाएगा। लेकिन हर स्थिति में सब्र का फल ही चखना पड़ता है। स्थिति स्वयं के अनुकूल चाहिए तो पहले दूसरों की स्थिति के अनुसार रहना सीखे।

कई बार सीनियर से भी गलतिया हो जाती है ऐसे में मौका जाने ना दे बल्कि बुद्धिमत्ता से अपनी बात रखे। अगर नम्रता से उन्हें स्वयं की भूल का अहसास कराया जाए तो उनकी नजर में आपका ओहदा और विश्वास बढ़ेगा। इससे आपको भी साहस मिलेगा की किसी भी भूल को सुधारने का कहना सही है लेकिन तरीका सही होना चाहिए जिससे लोगो को बुरा ना लगे। अपने सीनियर या बॉस की छोटी-मोटी भूल की कभी आलोचना ना करे। आपकी तरक्की आपके काम के साथ आपके व्यवहार पर भी निर्भर करती है। अगर आप अपना कोई पक्ष रखना चाहते है तो बिना झिझके पूरे आत्मविश्वास के साथ अपनी बात कहे लेकिन कभी चापलूसी का सहारा ना ले। नौकरी में चुनौतियों का आना आम बात है उसका दृढ़ता से सामना करे क्योंकि सिर्फ़ यही मायने रखता है की बदलते कार्यक्षेत्र में आप खुद को कैसे आगे रखते है। सबके साथ मिलकर काम करे जिससे आपकी वजह से कोई परेशान ना हो। हर दिन स्वयं में बदलाव लाए और अच्छे काम का प्रदर्शन करे। आपकी वजह से अगर आपकी कंपनी की ग्रोथ में सहायता मिलती है तो बेझिझक अपनी तरक्की की उम्मीद करे और अपने बॉस के सामने निसंकोच अपनी बात रखे। रिजल्ट चाहे जो भी मिले अपना बेस्ट देते रहे और तरक्की की कोशिश करते रहे।

आपको हमारा आर्टिकल कैसा लगा? अपनी प्रतिक्रिया जरूर दें। आशा करते है यह लेख आपका मार्गदर्शन करेगा। इसी विचार के साथ हमारी शुभ कामनाए आपके साथ है। स्वस्थ रहे, खुश रहे।

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