आवर्त सारणी क्या है?

रसायनशास्त्रियों के लिए आवर्त सारणी बहुत महत्वपूर्ण और उपयोगी होती है और इसे समझे बिना केमिस्ट्री सब्जेक्ट की स्टडी कर पाना भी संभव नहीं है। ऐसे में इस पीरियोडिक टेबल के बारे में थोड़ी जानकारी आपको भी जरूर लेनी चाहिए इसलिए आज जानते हैं आवर्त सारणी के बारे में।

आवर्त सारणी (Periodic Table) रासायनिक तत्वों को उनकी संगत विशेषताओं के साथ एक सारणी में दर्शाने की व्यवस्था होती है। इस सारणी में रासायनिक तत्व परमाणु क्रमांक के बढ़ते क्रम में जमाये गए हैं और आवर्त को प्राथमिक, द्वितीयक समूह में वर्गीकृत किया गया है।

सबसे पहले सन 1869 में मेंडलीफ ने आवर्त नियम प्रस्तुत किया और तत्वों को एक सारणी में प्रस्तुत किया। इसके कुछ महीनों बाद जर्मन वैज्ञानिक लोथर मेयर ने भी स्वतंत्र रूप से आवर्त सारणी का निर्माण किया।

सन 1952 में कोस्टा रिका के वैज्ञानिक गिल चावेरी ने आवर्त सारणी का एक नया रुप प्रस्तुत किया जो तत्वों की इलेक्ट्रॉनिक संरचना पर आधारित था।

मोजले ने आधुनिक आवर्त सारणी बनायी जिसके अनुसार-

इस सारणी में रखे गए तत्वों के रासायनिक और भौतिक गुण, उनके परमाणु क्रमांकों के आवर्ती फलन होते हैं।

पीरियोडिक टेबल में मौजूद 9 उदग्र कतारें समूह कहलाती हैं और 7 क्षैतिज कतारें आवर्त कहलाती है।

इन तत्वों के इलेक्ट्रॉनिक विन्यासों के आधार पर इन्हें चार ब्लॉकों में बांटा गया है।

s block के तत्वों के सबसे अंतिम इलेक्ट्रॉन s उपकोश में होते हैं।

p block के तत्वों के सबसे अंतिम इलेक्ट्रॉन p उपकोश में होते हैं।

इसी तरह d और f ब्लॉक के तत्वों के सबसे अंतिम इलेक्ट्रॉन d और f उपकोशों में होते हैं।

पीरियोडिक टेबल ऐसी सारणी है जिसमें तत्वों को क्रमबद्ध समूहों में वर्गीकृत किया गया है और समान गुणों वाले तत्व क्षैतिज या ऊर्ध्वाधर क्रम से सम्बंधित स्थान पर पाए जाते हैं। इस सारणी से ज्ञात तत्वों के अज्ञात गुणों के अलावा अज्ञात तत्वों के गुण भी सारणी में उनकी स्थिति देखकर बताये जा सकते हैं।

वर्तमान पीरियोडिक टेबल में 118 ज्ञात तत्व शामिल हैं।

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