आइये जानते हैं इलाहाबाद के पर्यटन स्थल के बारे में। उत्तर प्रदेश का एक प्रसिद्ध और धार्मिक शहर इलाहाबाद है जिसका नाम अब प्रयागराज कर दिया गया है। लगभग 450 साल पहले इस शहर का नाम प्रयागराज ही था लेकिन 15 वीं शताब्दी में जब मुगलों ने इस पावन भूमि पर कब्ज़ा किया तो इसका नाम बदलकर इलाहाबाद कर दिया था।

कुम्भ मेले के आस्था और भक्ति के माहौल से सराबोर इस पौराणिक शहर का ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक महत्त्व है। इस शहर में त्रिवेणी संगम भी है जहाँ भारत की तीन प्रमुख और पवित्र नदियां गंगा, यमुना और सरस्वती आकर मिलती हैं।

इस शहर में बहुत से ऐसे पर्यटन स्थल हैं जिन्हें देखने के लिए आपको इलाहाबाद की सैर जरुर करनी चाहिए। तो चलिए जागरूक पर आज इलाहाबाद के पर्यटन स्थल की सैर करते हैं।

इलाहाबाद के पर्यटन स्थल 1

इलाहाबाद के पर्यटन स्थल

इलाहाबाद का किला – संगम तट के नजदीक यमुना के किनारे स्थित इस किले का निर्माण अकबर ने 1583 ईस्वी में करवाया था। इस भव्य किले का शिल्प और निर्माण प्रसिद्ध है। इस किले का इस्तेमाल वर्तमान में सेना द्वारा किया जाता है और कुछ क्षेत्र पर्यटकों के भ्रमण के लिए खुले रखे गए हैं।

पातालपुरी मंदिर – माना जाता है कि इस स्थान पर भगवान राम आये थे। ये एक भूमिगत मंदिर है जिसमें अक्षय वट नामक एक प्राचीन बरगद का पेड़ है जिसका वर्णन प्राचीन ग्रंथों में मिलता है। इस स्थान को देखने के लिए पर्यटकों को अनुमति लेनी पड़ती है।

हनुमान मंदिर – संगम के नजदीक स्थित इस मंदिर में स्थापित हनुमान जी की बड़ी मूर्ति पूरे उत्तर भारत में प्रसिद्ध है क्योंकि इस मंदिर में हनुमान जी एक मनमोहक मुद्रा में विराजमान है।

मनकामेश्वर मंदिर – इलाहाबाद के प्रसिद्ध शिव मंदिरों में से एक है मनकामेश्वर मंदिर, जो सरस्वती घाट के पास यमुना नदी के तट पर स्थित है।

शंकर विमान मंडपम – शंकर विमान मंडपम एक धार्मिक स्थल है जहाँ कई हिन्दू मूर्तियां रखी गयी हैं। ये स्थान त्रिवेणी के पास स्थित है और इसे शक्तिपीठ माना जाता है। ये मंदिर चार स्तम्भों पर टिका हुआ है और 130 फुट ऊँचा है। यहाँ कुमारिल भट्ट, जगतगुरु शंकराचार्य, कामाक्षी देवी और योगसहस्त्र सहस्त्रयोगा लिंगा की मूर्तियां हैं।

स्वराज भवन – ये पुराना आनंद भवन है जिसे 1930 में मोती लाल नेहरू ने कांग्रेस समिति के मुख्यालय के रुप में इस्तेमाल किये जाने के लिए देश को दान किया था। उन्होंने इस स्थान को स्वराज भवन नाम दिया। यहाँ टिकट लेकर प्रकाश और ध्वनि प्रदर्शन देखा जा सकता है।

आनंद भवन – ये भवन नेहरु परिवार का पैतृक घर रहा है जिसे बाद में संग्रहालय का रुप दे दिया गया है। ये स्थान स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णयों और घटनाओं का केंद्र रहा है।

मिंटो पार्क – मिंटो पार्क की नींव 1910 में लॉर्ड मिंटो ने रखी थी। सरस्वती घाट के पास स्थित इस पार्क में एक पत्थर का स्मारक है जिसके शीर्ष पर चार शेरों का प्रतीक लगा हुआ है।

जवाहर तारामंडल – वैज्ञानिक-खगोलीय यात्रा देखने के शौकीन लोग इस तारामंडल को देखने जरुर जाते हैं।

इलाहाबाद विश्वविद्यालय – ये भारत के प्रसिद्ध विश्वविद्यालयों में से एक है। इसमें विक्टोरियन और इस्लामी स्थापत्य शैली की इमारतें हैं।

इलाहाबाद संग्रहालय – मूर्तिकला का बेहतरीन और उत्कृष्ट संग्रह देखने के लिए इस संग्रहालय में जरूर जाएँ।

चंद्र शेखर आजाद पार्क – इस पार्क को कंपनी पार्क के नाम से भी जाना जाता है। यहाँ महान स्वतंत्रता सेनानी चंद्रशेखर आजाद की मूर्ति है। साथ ही सार्वजनिक पुस्तकालय और जी.एन.झा अनुसन्धान संस्थान भी है।

खुसरो बाग – खुसरो बाग एक बड़ा बगीचा है जिसमें खुसरो, सम्राट जहांगीर और शाह बेगम के बेटे की कब्रें हैं।

पत्थर गिरिजाघर – 1870 में सर विलियम एमर्सन द्वारा डिजाइन किया गया ये शानदार गिरजाघर 1887 में निर्मित हुआ। ये गिरिजाघर इतना खूबसूरत है कि हर कोई इससे प्रभावित हुए बिना नहीं रह पाता।

अशोका स्तम्भ – ये स्तम्भ बलुआ पत्थर का बना हुआ है। इसकी ऊंचाई 10.6 मीटर है। इस स्तम्भ पर तीन शासकों के लेख खुदे हुए हैं। जहांगीर द्वारा लिखवाया हुआ शिलालेख फ़ारसी में है। ये स्तम्भ पुरातात्विक समय का उत्कृष्ट नमूना है।

उम्मीद है जागरूक पर इलाहाबाद के पर्यटन स्थल से जुड़ी ये जानकारी आपको पसंद आयी होगी और आपके लिये फायदेमंद भी साबित होगी।

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