अमेरिका की खोज किसने की?

अमेरिका देश को खोजने का महान काम यूरोप के एक नाविक ने किया, जिसका नाम था कोलम्बस, जो भारत को खोजने निकला था और पहुंच गया अमेरिका। ऐसे में अमेरिका खोजने वाले इस नाविक का सफर जानना आपके लिए भी रोचक हो सकता है इसलिए क्यों ना आज कोलम्बस के इस सफर के बारे में जानें या ये कहे कि अमेरिका की खोज के बारे में बात करें। तो चलिए, आज जानते हैं अमेरिका की खोज की कहानी को।

इटली में जन्मे क्रिस्टोफर कोलम्बस को बचपन से ही समुद्रों की सैर करने की चाहत थी और उसकी चाहत ने ही यूरोप और अमेरिका को जोड़ने का ऐतिहासिक काम किया और कोलम्बस का नाम इतिहास में दर्ज भी करवा दिया।

आइये, जानते हैं कोलम्बस के अमेरिका पहुँचने के सफर के बारे में– जब यूरोप के लिए भारत को खोजना जरुरी हो गया ताकि भारत के साथ व्यापार किया जा सके तब समुद्री मार्ग से भारत पहुँचने के कयास लगने लगे। कोलम्बस को यकीन था कि समुद्री मार्ग से भारत का रास्ता खोजा जा सकता है इसलिए कई मुश्किलें पार करने के बाद कोलम्बस को भारत की खोज में निकलने का अवसर मिल गया और 3 अगस्त 1492 को कोलम्बस तीन जहाजों के साथ भारत को खोजने निकल पड़ा।

कई हफ्ते समुद्र में मार्ग ढूंढते हुए गुजर जाने के बाद भी कोलम्बस और उसके साथियों को जमीन नज़र नहीं आयी। ऐसे में उसके साथियों का हौसला कमजोर पड़ने लगा और आगे चलकर समुद्र में मिले तूफान ने कोलम्बस की मुश्किलों को और बढ़ा दिया।

मुश्किलों को पार करते हुए आगे बढ़ने पर 12 अक्टूबर 1492 के दिन कोलंबस ने जमीन पर पैर रखा और उसे भारत समझकर इंडीज नाम दे दिया लेकिन असल में वो अमेरिका था जिसकी खोज कोलम्बस ने अनजाने में की थी।

हालांकि कोलम्बस वो पहला यूरोपीय व्यक्ति नहीं था जिसने अमेरिका की खोज की थी लेकिन उसने यूरोप और अमेरिका के बीच संपर्क बढ़ाया था। उसने अमेरिका की यात्रा चार बार की जिसका खर्चा स्पेन की रानी इसाबेला ने उठाया था।

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