फर्राटेदार अंग्रेजी बोलने की आसान टिप्स

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अँग्रेज़ी यूँ तो एक भाषा है लेकिन जिन लोगों को इसका अभ्यास नहीं है, उनके लिए आज भी ये किसी मुश्किल से कम नहीं है। हर कोई चाहता है कि अपनी मूल भाषा के साथ साथ उस भाषा का भी प्रयोग कर सके जो हर क्षेत्र में प्रयुक्त होती है और अक्सर उससे अनजान होने के कारण आप उन अवसरों को प्राप्त करने से भी चूक जाते हैं जिनके लिए आपके पास पर्याप्त योग्यता तो है लेकिन अँग्रेज़ी भाषा का सही ज्ञान नहीं है। ऐसे में आप अंग्रेजी बोलना सिखाने वाली किताब तो ले आते हैं लेकिन एक अच्छी किताब के अलावा भी बहुत सी बातों का ध्यान रखना ज़रूरी होता है। तो चलिए, आज आपको बताते है कुछ ऐसे तरीके जो आपके लिए अंग्रेजी बोलने को बेहद आसान बना देंगे और कुछ ही दिनों के अभ्यास के बाद आप खुद को इंग्लिश बोलते हुए देख सकेंगे। आइये शुरू करते हैं –

स्टेप 1
खुद से कहिये – “ये आसान है” –
अब तक कई प्रयासों के बाद भी अगर आप अच्छी इंग्लिश नहीं बोल पाए है तो उसका पहला कारण यही है कि आप इस अंग्रेजी सीखने के लक्ष्य को बहुत बड़ा और कठिन मान बैठे है इसलिए इसमें असफल हो जाने का डर आपको सताता रहता है जिसकी वजह से सीखने पर आप पूरा ध्यान दे ही नहीं पाते हैं। इसलिए इस बार इस ग़लती को मत दोहराइये और खुद से कहिये कि ये बहुत आसान है और मैं इसे कर सकता हूँ। ऐसा करके आप अपने सारे डर को बाहर निकाल देंगे और सीखने के लिए पूरी तरह तैयार हो जायेंगे।

स्टेप 2
टेलीविज़न, अख़बार और मैगज़ीन करेंगे मदद –
इंग्लिश सीखने के लिए मोटी – मोटी किताबें लाकर रखने से कुछ नहीं होगा। आप अगर जल्द से जल्द इंग्लिश बोल पाने का सपना देखते हैं तो इसके लिए आपको टीवी और मैग्ज़ीन की तरफ रुख करना होगा। टीवी पर इंग्लिश मूवीज देखिये और इंग्लिश न्यूज़ चैनल्स को देखना और सुनना शुरू कीजिये, साथ ही इंग्लिश मैगज़ीन भी पढ़िए। न्यूज़पेपर भी इंग्लिश का ही लीजिये अपने हाथ में। शुरुआत में आपको लगेगा कि कुछ समझ नहीं आ रहा, लेकिन रोज़ाना अगर कुछ समय इन सभी चीज़ों को देंगे तो थोड़े ही दिन में आपको अंग्रेजी के शब्द समझ आने लगेंगे और आप अंग्रेजी शब्दों को सुनने-पढ़ने में अपना ध्यान लगा सकेंगे।

स्टेप 3
शब्दकोष बढ़ाना होगा –
किसी भी भाषा को बेहतर तरीके से जानने के लिए उस भाषा के शब्दों को समझना बेहद ज़रूरी होता है। आपके रोज़मर्रा में काम आने वाली चीज़ों को अंग्रेजी में क्या कहते हैं, ये पता लगाइये। इसके लिए आप अपनी इंग्लिश स्पीकिंग की किताब या इंटरनेट की सहायता ले सकते हैं, साथ ही रोज़ाना अखबार, टीवी और मैगज़ीन पढ़ते समय उसमें से 5-10 शब्दों को एक नोटबुक में लिख लीजिये और उनके अर्थ डिक्शनरी या इंटरनेट से खोज निकालिये। ऐसा करने से हर नए दिन के साथ आपके इंग्लिश के शब्दों की संख्या बढ़ती जायेगी और आप खुद को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित महसूस करेंगे।

स्टेप 4
सोचिये अंग्रेजी में –
आप जानते है कि हमारे दिमाग में अनगिनत विचार हर समय चलते रहते हैं और आप ये भी जानते हैं कि हमारे दिमाग में इतनी पावर है कि जिस चीज़ की आदत इसे डाल दी जाए उसे ये तुरंत अपना लेता है। बस ऐसा ही आपको इंग्लिश के मामले में करना है। अब से सोचना ही इंग्लिश में शुरू कीजिये। हाँ शुरुआत में आपको काफी मुश्किल होगी लेकिन लक्ष्य पाने के लिए जब कदम बढ़ा ही दिया है तो डरना कैसा। आप अपने विचारों को अंग्रेजी में ही सोचिये, चाहे वो ग्रामर के स्तर पर ग़लत ही क्यों न हो क्योंकि अभी आपका टारगेट सही अंग्रेजी बोलना नहीं है बल्कि अंग्रेजी में सोचने की आदत डालना है।

स्टेप 5
आईने के सामने प्रैक्टिस कीजिये –
रोज़ाना इंग्लिश को पढ़ने-सुनने के बाद आईने के सामने खुद से अंग्रेजी बोलने का अभ्यास कीजिये। सिर्फ सोचने और पढ़ने से ही आपको लक्ष्य नहीं मिलेगा क्योंकि आपको अंग्रेजी में बोलना भी तो आना चाहिए। रोज़ पढ़े गए कुछ वाक्यों के आधार पर खुद को एक विषय दीजिये जिस पर 5 मिनट आईने के सामने बोलने की कोशिश कीजिये जैसे आपके मित्र, आपका पसंदीदा भोजन, आपका व्यक्तित्व, आपका परिवार, आपका लक्ष्य। इसमें मुश्किल आना सामान्य बात है लेकिन आप रुके बिना लगातार कोशिश करते रहिये।

स्टेप 6
दोस्तों से इंग्लिश में बात करिये –
आईने के सामने अभ्यास करने के बाद आप ये जान गए हैं कि आप इंग्लिश बोल सकते हैं और आपकी झिझक भी काफी कम हो चुकी है। अब आप अपने ख़ास दोस्तों से अंग्रेजी में बात करना शुरू कर सकते हैं। अगर आपके वो दोस्त भी आपके साथ अंग्रेजी बोलने का अभ्यास कर रहे हैं तो क्या कहना। ऐसे में आप दोनों की स्थिति एक समान होने के कारण आप एक दूसरे की मनः स्थिति को अच्छे से समझ सकेंगे और इंग्लिश बोलते समय अटकने की स्थिति में मदद करेंगे। लेकिन अगर ये प्रैक्टिस आपने अकेले शुरू की है तो भी आप इसका अभ्यास दोस्तों के सामने कर सकते हैं। आपके अच्छे दोस्तों के सामने जब आप अंग्रेजी में बोलने का प्रयास करेंगे तो वो आपका मज़ाक बनाने की बजाये आपको प्रेरित ही करेंगे।

स्टेप 7
परफेक्शन के बारे में मत सोचिये-
अभी अंग्रेजी बोलना आपने शुरू ही किया है, ऐसे में अगर आप खुद से ये अपेक्षा करेंगे कि आपसे कोई ग़लती न हो और इंग्लिश में कही गयी हर बात आपको समझ भी आ जाये तो ऐसा सोचकर आप खुद के लिए मुश्किल खड़ी कर लेंगे। कोई भी तुरंत दक्ष नहीं बन जाता, सिर्फ प्रैक्टिस करके ही आप अपनी इंग्लिश बोलने की स्किल्स को बेहतर बना सकते हैं लेकिन अगर इतनी जल्दी परफेक्शन की आस लगाएंगे तो ना केवल निराशा हाथ लगेगी बल्कि शुरुआती दिनों में की गयी मेहनत भी बेकार चली जायेगी। इसलिए आप बिना झिझके, धीरे- धीरे, लोगों के बीच इंग्लिश बोलना शुरू कीजिये। ग़लतियाँ होंगी लेकिन धीरे धीरे आपकी इंग्लिश फर्राटेदार और ग्रामर के स्तर पर सटीक बैठने लगेगी। इसलिए खुद की भावनाओं को अब इंग्लिश में व्यक्त करना शुरू कर दीजिये।

आप जानते हैं कि कोई भी काम आसान नहीं होता और ना ही कोई काम कठिन होता है। आपको तो ये भी मालूम है कि अगर सही तरीके से सही दिशा में अभ्यास किया जाए तो कठिन से कठिन चीज़ को भी आसानी से समझा जा सकता है। ज़रुरत है तो सिर्फ एक ईमानदार प्रयास की। तो बस, देर किस बात की। अभी से इस आसान सी भाषा को सीखने का अभ्यास शुरू कर दीजिये और ये सोचना बंद कर दीजिये कि लोग क्या कहेंगे। खुद पर यकीन रखिये और अभी इसी पल खुद से कहिये – लेट्स स्टार्ट।

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