एंटीबॉडी और एंटीजन के बीच क्या अंतर है?

अक्टूबर 20, 2018

एंटीबॉडी और एंटीजन के बारे में आपने कई बार पढ़ा होगा लेकिन एंटीबॉडी और एंटीजन के बीच क्या अंतर है, ये जानना भी जरुरी है इसलिए आज आपको बताते हैं कि एंटीबॉडी और एंटीजन क्या है और ये एक दूसरे से किस तरह अलग है। एंटीबॉडी ऐसे प्रोटीन यौगिक हैं जो हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली का हिस्सा हैं और शरीर को सुरक्षा प्रदान करते हैं। एंटीबॉडी इम्युनोग्लोब्युलिन (Ig) के नाम से भी जाने जाते हैं। सबसे सरल एंटीबॉडी (प्रतिरक्षी) Y आकार का होता है जिसमें 4 पॉलीपेप्टाइड शृंखला शामिल होती है। इन 4 शृंखलाओं में से 2 भारी शृंखला (H) होती है और दो हल्की शृंखला (L) कहलाती है। ये दोनों शृंखलाएँ एक-दूसरे से डाइसल्फाइड बंध से जुड़ी रहती हैं। भारी शृंखला में 440 एमिनो एसिड्स होते हैं जबकि हल्की शृंखला में लगभग 220 एमिनो एसिड्स होते हैं।

एंटीजन – एंटीजन ऐसे बाहरी तत्व होते हैं जो प्रतिरक्षा तंत्र को एंटीबॉडी बनाने के लिए प्रेरित करते हैं। एंटीजन बीमारी फैलाने वाले बैक्टीरिया, वायरस और फंजाई में से कोई भी हो सकता है। रक्तदान और वैक्सीन के जरिये शरीर में पहुँचाये गए एंटीजन कृत्रिम एंटीजन कहलाते हैं। एंटीजन अपनी विशिष्ट एंटीबॉडी से ही प्रतिक्रिया करता है और ये एंटीजन-एंटीबॉडी प्रतिक्रिया ही इम्युनिटी का आधार होती है।

एन्टीबॉडी और एंटीजन में अंतर – एंटीबॉडी प्रोटीन से बनी होती है जबकि एंटीजन प्रोटीन के अलावा कार्बोहाइड्रेट्स, लिपिड या न्यूक्लिक एसिड भी हो सकता है। एंटीजन शरीर में बीमारियां फैलाता है जबकि एंटीबॉडी एंटीजन को समाप्त करके शरीर की रोगों से सुरक्षा करता है।

एंटीबॉडी 5 प्रकार की होती है-

एंटीजन 3 प्रकार के होते हैं-

एंटीजन का जो हिस्सा एंटीबॉडी से प्रतिक्रिया करता है उसे एपिटोप कहते हैं जबकि एंटीबॉडी का जो हिस्सा एंटीजन के एपिटोप के साथ जुड़ता है उसे पेराटोप कहते हैं।

दोस्तों, उम्मीद है कि एंटीबॉडी और एंटीजन से जुड़ी ये जानकारी आपके लिए फायदेमंद साबित होती और आपको पसंद भी आयी होगी।

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