असम के पर्यटन स्थल

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आइये जानते हैं असम के पर्यटन स्थल के बारे में। भारत के पूर्वोत्तर का गेटवे कहलाने वाला असम प्राचीन काल में प्राग्ज्योतिषपुर के नाम से जाना जाता था। थाईलैंड की अहोम जाति ने जब इस क्षेत्र पर अपना कब्जा कर लिया तब इसका नाम असम/आसाम रख दिया गया और तब से इस क्षेत्र पर थाई संस्कृति का प्रभाव भी दिखाई देने लगा।

असम में प्रकृति के खूबसूरत नज़ारों को करीब से महसूस करने के लिए बहुत से स्थान मौजूद हैं। यहाँ चाय के बागान, खूबसूरत वादियां और हरे-भरे जंगल आपके मन को मोह लेंगे। ऐसे में क्यों ना, आपको असम की सैर करवाई जाये। तो चलिए जागरूक पर आज असम के पर्यटन स्थल की सैर पर चलते हैं।

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असम के पर्यटन स्थल

माझुली द्वीप – माझुली द्वीप ब्रह्मपुत्र नदी से जुड़ा है। ये विश्व में किसी भी नदी पर स्थित सबसे लम्बा नदी द्वीप है। कई बार पर्यटक ब्रह्मपुत्र नदी से माजुली द्वीप तक नाव की सवारी का आनंद भी लेते हैं।

काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान – असम के नौगांव जिले में स्थित काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान एक सींग वाले गैंडे के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ हाथियों के झुण्ड, सियार, हिरण, सांभर और तेंदुएं जैसे जानवरों को देखकर आप रोमांचित हो जायेंगे।

पोबीतरा वन्यजीव अभयारण्य – असम के मारीगांव जिले में स्थित ये अभयारण्य गुवाहाटी से 50 किलोमीटर दूर नौगांव और कामरूप जिले की सीमा पर स्थित है। ये अभयारण्य एक सींग वाले गैंडे के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ एशियाई बफैलो, तेंदुए और जंगली भालू भी देखे जा सकते हैं।

गुरुद्वारा – श्री गुरु तेगबहादुर का प्रसिद्ध गुरुद्वारा धुबरी गांव के बीच, ब्रह्मपुत्र नदी के उत्तर पूर्वी घाट पर बना हुआ है। इस स्थान पर गुरु तेगबहादुर 1505 में आये थे।

शिवसागर – असम का ये नगर ब्रह्मपुत्र की सहायक नदी दिखू के किनारे स्थित है। इस नगर में शिवसागर झील के किनारे स्थित शिवडोल मंदिर भगवान शिव को समर्पित है जिसका निर्माण 1734 में अहोम राजा स्वर्गदेव सिबा सिंह की रानी ने करवाया था। सतह से 195 फीट की ऊंचाई पर स्थित इस शिवडोल मंदिर को भारत का सबसे ऊँचा मंदिर माना जाता है।

कामाख्या शक्तिपीठ – असम में गुवाहाटी के पश्चिम में 8 किलोमीटर दूर नीलांचल पर्वत पर कामाख्या शक्तिपीठ स्थित है। इस शक्तिपीठ को माता के सभी शक्तिपीठों में से सर्वोत्तम माना जाता है।

शक्तिपीठ से जुड़ी कहानी कुछ इस तरह है कि माता सती के प्रति भगवान शिव के मोह को भंग करने के लिए भगवान विष्णु ने अपने सुदर्शन चक्र से माता सती के मृत शरीर के 51 भाग कर दिए और जिस-जिस स्थान पर उनके शरीर के अंग गिरे, वो स्थान शक्तिपीठ बन गए।

हाफलांग – असम का एक पहाड़ी पर्यटन स्थल हाफलांग है जो गुवाहाटी से 345 किलोमीटर की दूरी पर है। यहाँ स्थित हाफलांग झील इतनी खूबसूरत है जिसके कारण इस पहाड़ी क्षेत्र को असम का स्कॉटलैंड कहा जाता है।

इस झील के पास एक गरम पानी का स्रोत भी है। इस टूरिस्ट स्पॉट पर आप खूबसूरत नज़ारों का आनंद लेने के साथ ग्लाइडिंग, पैराग्लाइडिंग और ट्रैकिंग का लुत्फ भी उठा सकते हैं।

तेजपुर – गुवाहाटी से 180 किलोमीटर दूर तेजपुर, सोनितपुर जिले में स्थित है। इस स्थान को असम के खूबसूरत शहरों में गिना जाता है और इसका असम के इतिहास में विशेष महत्त्व रहा है।

यहाँ अग्निगढ़ किला एक बेहतरीन टूरिस्ट स्पॉट है। यहाँ भोमोरागुरी में शिलालेख भी देखा जा सकता है और यहाँ से कुछ दूरी पर ओरांग राष्ट्रीय उद्यान भी स्थित है।

गुवाहाटी – असम के पूर्वोत्तर राज्यों की वाणिज्यिक राजधानी गुवाहाटी है। असमिया भाषा में ‘गुवा’ का अर्थ होता है अखरोट और ‘हाटी’ का अर्थ बाजार होता है। इस शहर को पूर्वोत्तर राज्यों का दरवाजा भी कहा जाता है।

यहाँ घूमने के लिए बहुत से स्थान हैं। यहाँ नवग्रह मंदिर, बालाजी मंदिर, ब्रह्मपुत्र नदी, उमानंद मंदिर, गुवाहाटी तारामंडल, कलाक्षेत्र म्यूजियम और चिड़ियाघर जैसे कई टूरिस्ट स्पॉट्स हैं।

अब आप जान गए होंगे कि भारत के इस पूर्वोत्तर राज्य असम में कितने खूबसूरत और दिल खुश कर देने वाले टूरिस्ट स्पॉट्स हैं। ऐसे में आप भी जल्दी से असम यात्रा का प्लान बनाइये और वहां के चाय के बागानों और हरी-भरी वादियों में खो जाइये।

उम्मीद है असम के पर्यटन स्थल कि ये जानकारी आपको रोचक लगी होगी और आपके लिए फायदेमंद भी साबित होगी।

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