ऑटोफैगी क्या है?

अक्टूबर 20, 2018

ऑटोफैगी का नाम शायद ही आपने कभी सुना हो लेकिन कैंसर के बारे में तो आप जानते हैं ना। इस कैंसर का इलाज करने में काम आने वाली तकनीक ऑटोफैगी है जो कैंसर के अलावा कुष्ठ रोग का भी इलाज कर सकती है। कैंसर इंसान को शारीरिक और मानसिक रूप से कमजोर बना देता है और इसका इलाज समय रहते भी कराया जाए तो बहुत महंगा और तकलीफदेह होता है। ऐसे में ऑटोफैगी के जरिये भविष्य में कैंसर के इलाज को आसान बनाने का विकल्प सामने आया है। चिकित्सा का नोबेल पुरस्कार जीतने वाले जापान के साइंटिस्ट योशिनोरी ओहसुमी को ऑटोफैगी के मैकेनिज्म को खोजने के लिए ही साल 2016 में ये पुरस्कार दिया गया है। इस खोज से कैंसर और कई जटिल बीमारियों का इलाज आसान तरीके से कर पाना सम्भव हो जाएगा। आइये जानते है ऑटोफैगी क्या है।

ऑटोफैगी एक ग्रीक शब्द है जिसका अर्थ है – स्वयं का भक्षण करना यानि स्वयं को खा लेना। ये एक ऐसी सामान्य मनोवैज्ञानिक प्रक्रिया है जो शरीर में कोशिकाओं को नष्ट करने के लिए जिम्मेदार होती है।

ऑटोफैगी का कांसेप्ट 1960 में तब सामने आया, जब ये पाया गया कि कोशिकाएं अपने तत्वों को मेम्ब्रेन से जोड़कर उसे खुद ही नष्ट कर देती हैं। 90 के दशक में योशिनोरी ने ऑटोफैगी के आवश्यक जीन की पहचान करने के लिए बेकर की यीस्ट का इस्तेमाल किया और ये बताया कि इंसानों में भी कोशिकाओं का भक्षण इसी तरह से होता है।

ऑटोफैगी से इन बीमारियों का इलाज संभव होगा-

ऑटोफैगी कोशिकीय समस्थापन रखरखाव, कोशिकीय विभेदन, भ्रूणता जैसी कई महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं में हिस्सा लेती है। तनाव की प्रक्रिया में ऑटोफैगी तेजी से कोशिकाओं में प्रवेश करके हानिकारक जीवाणुओं से सुरक्षा करती है और कोशिका को होनी वाली क्षति और बढ़ती उम्र से सम्बंधित बीमारियों से निपटने में भी सक्षम होती है।

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