अपने बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ाएं इन आसान तरीकों से

ये तो आप जानते हैं कि बच्चे मन के सच्चे होते हैं और उन्हें जिस सांचे में ढाला जाये, वो उसी में ढल जाते हैं। ऐसे में माता-पिता की जिम्मेदारी बढ़ जाती है क्योंकि अपने बच्चे को किस रूप में ढालना हैं ये उन्हीं का चुनाव होता है और उन्हीं का दायित्व भी। पैरेंट्स होने का अर्थ यही है कि आप अपने नन्हे बच्चों को दिशा दिखाएँ और सही-ग़लत में फर्क करना सीखा सके ताकि वो अपने निर्णय खुद ले सकें और सही दिशा में आगे बढ़ सकें। इसके लिए बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ाना भी बहुत ज़रूरी होता है ताकि वो हर हाल में अपने आप को संभाल सके। तो चलिए, आज इसी बारे में बात करते हैं कि बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए आपको क्या करना चाहिए –

उनके छोटे-छोटे प्रयासों की तारीफ कीजिये – अगर आप चाहते हैं कि आपका बच्चा बड़ा होकर नाम कमाए तो इसके लिए आपको बचपन से ही उसकी छोटी-छोटी कोशिशों की तारीफ करनी होगी। जब अपनी हर कोशिश पर बच्चों को प्रशंसा मिलती है तो बच्चे और भी बेहतर प्रयास करने के लिए प्रेरित होते हैं और इस तरह हर बार उनका कॉन्फिडेंस बढ़ता जाता है और लगातार बेहतर करने की कोशिशें भी।

झूठी तारीफ करने से भी बचिए – अक्सर पेरेंट्स बच्चों को खुश करने के लिए उनकी झूठी तारीफ करने लगते हैं और अगर आप भी ऐसा ही करते हैं तो इस बात को समझिये कि झूठी तारीफ करके आप अपने बच्चे को भ्रमित कर रहे हैं जिसकी वजह से वो सही दिशा में पूरा प्रयास करने से चूक रहा है। ऐसे में उसमें बिना प्रयास करे ही अति-आत्मविश्वास आने लगेगा जो उसके लिए घातक साबित हो सकता है।

उनकी गलतियों को प्यार से सुधरवाइये – ग़लती करने पर बच्चों को सबके सामने डांटने की बजाये प्यार से समझाइये और उस ग़लती के बारे में खुलकर बात करिये, ताकि बच्चे उसका अर्थ समझ सके और आगे उसी ग़लती को ना दोहराये क्योंकि ये तो आप भी जानते हैं कि बच्चों को जब अच्छे से कोई बात समझाई जाती है तो वो समझ जाते हैं और ऐसा करने से उनमें हीनभावना आने की बजाए आत्मविश्वास आता है।

उन्हें फैसला लेने दीजिये – अगर आप चाहते हैं कि आपका बच्चा सही निर्णय लेने में सक्षम हो, तो शुरू से ही उसे अपने फैसले लेने दीजिये। इसके लिए आपको उसकी मदद करनी होगी। जिस भी विषय पर फैसला लेना हो, उसके हर पहलू के बारे में बच्चे को बताइये और साथ में अपनी राय भी दीजिये। इसके बाद उससे जुड़ा हर छोटे से छोटा फैसला लेने का अधिकार उसे दीजिये। यकीन मानिये वो बिलकुल सही फैसला लेगा क्योंकि उसे आपकी सलाह भी मिलती है और निर्णय लेने की आज़ादी भी और ऐसा होने पर उसका सेल्फ कॉन्फिडेंस भी बढ़ता जाता है।

उसे बताइये कि उसकी क्षमताएं असीमित है – अक्सर बच्चे एक-दूसरे को देखकर ही ये अनुमान लगा लेते हैं कि कोई कार्य उनकी क्षमता का है भी या नहीं और कई बार हारने के डर से भी वो किसी एक्टिविटी में भाग नहीं लेना चाहते। ये आपका दायित्व है कि आप उन्हें बताये कि हर बच्चे की अपनी क्षमताएं होती हैं और उन्हें आज़माने में झिझकना नहीं चाहिए। उनसे ये भी कहिये कि परिणाम चाहे जो भी हो, आप उनके साथ हैं। आपके ऐसा कहने के बाद बच्चे में कोशिश करने की इच्छा जागेगी और वो पूरे आत्मविश्वास के साथ अपनी क्षमताओं को आज़मायेगा।

how-to-build-Self-confidence-in-children2 अपने बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ाएं इन आसान तरीकों से

खुद के काम करने के लिए उन्हें प्रेरित कीजिये – पैरेंट्स के लिए बच्चे हमेशा ही छोटे रहते हैं लेकिन अगर आप अपने बच्चों का सेल्फ-कॉन्फिडेंस बढ़ाना चाहते हैं तो उन्हें अपने छोटे-छोटे काम करने के लिए प्रोत्साहित करते रहिये, अपना बैग खुद जमाना, खुद तैयार होने जैसे छोटे-छोटे काम करते रहने से बच्चों में खुद के प्रति यकीन बढ़ता जाता है।

उनकी तुलना करने से बचिए – बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ाना चाहते हैं तो सबसे पहले उनकी दूसरे बच्चों से तुलना करना बंद कर दीजिये और ना ही उनका मजाक उड़ाइये। अनजाने में की गयी ये गलतियां बच्चों के कोमल मन में हीन भावना भर देती है और दूसरे बच्चों के प्रति गुस्सा और नाराज़गी भी, जिससे उनका आत्म-विश्वास तेज़ी से गिरता जाता है और दूसरों के प्रति जलन और ईर्ष्या की भावना उनके स्वभाव को भी प्रभावित कर देती है।

उन्हें बताइये कि आपको उन पर गर्व है – बच्चों की हर उपलब्धि पर उन्हें बताइये कि उनके इस प्रयास से आप बेहद खुश है और आपको उन पर गर्व है। आपका अपने बच्चों से ऐसा कहना, उनके आत्मविश्वास को कई गुना बढ़ा देता है और वो इस गर्व और यकीन को बनाये रखने की हर संभव कोशिश करने लगते हैं।

उनके साथ समय बिताइए – अपने बच्चों को खुश और आत्म-विश्वास से भरा देखना चाहते हैं तो उनके साथ समय बिताइए। उनके दोस्त बनिए और उनसे जुड़े हर मसले पर खुल कर बात करिये, अपनी बातें भी उनके साथ शेयर कीजिये, उनके साथ खेलिए और ऐसा करके आप पाएंगे कि आपके बच्चे बहुत खुश रहने लगे हैं और उनकी प्रोग्रेस भी काफी अच्छी होती जा रही है।

असफल होने पर उनकी हिम्मत बढ़ाइए – अगर आप अपने बच्चों को सिर्फ जीतने के लिए बाध्य करेंगे तो उनका हारना तय है। उन्हें बताइये कि जीत-हार से ज़्यादा महत्व प्रतियोगिता में भाग लेने का होता है और अगर कोशिशों के बाद भी आपके बच्चे को सफल होने में मुश्किल महसूस होने लगें तो उसके साथ खड़े रहिये और उसका हौसला बढ़ाइए। ऐसा करके आप बच्चों का आत्मविश्वास फिर से बढ़ा देंगे और उसके बाद उसकी हिम्मत बढ़ना और अपना सौ प्रतिशत प्रयास करना निश्चित है।

बच्चों का मन कोमल होता है और उन्हें प्यार से संभालने की ज़रूरत भी होती है तभी उनका आत्मविश्वास बढ़ता है और वो आसानी से आगे बढ़ते जाते है। अब आपने ये तो जान लिया है कि बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ाने में उनकी मदद कैसे करें लेकिन अब ये चुनाव आप ही को करना होगा कि आप उनकी भावनाओं को समझकर उन्हें संभालना चाहते हैं या डांटकर उनके कॉन्फिडेंस को कम करना चाहते हैं, क्योंकि आप उनके पैरेंट्स हैं।

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“बिगडैल बच्चों का व्यवहार सुधारने के लिए अपनाएं ये टिप्स”

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