ये 5 योगासन बच्चों को कराएं, बच्चे बनेंगे बुद्धिमान

योग से होने वाले अनगिनत फायदों के बारे में तो आप जानते ही हैं लेकिन शायद अभी तक आप ये नहीं जानते थे कि योग करना ना केवल आपके लिए आसान है बल्कि बच्चे भी योगासन बहुत आसानी से कर सकते हैं और ऐसा करने से ना केवल उनका शरीर स्वस्थ और एक्टिव बनता है बल्कि उनकी बुद्धि भी तेज़ होती है।

हर माता-पिता चाहते हैं कि उनके बच्चे तन और मन से स्वस्थ रहें और हर कदम पर सफल होते चले जाएं। ऐसे में अगर बच्चों को योग करवाया जाएँ तो इस ख़्वाहिश को भी बड़ी आसानी से पूरा किया जा सकता है। ऐसे में क्यों ना आज, ऐसे योगासन की बात की जाएँ जिन्हें करने से बच्चों की बुद्धि भी कुशाग्र होती है। तो चलिए, आज जानते हैं बच्चों के लिए बेहतरीन योगासन के बारे में –

ॐ का उच्चारण – ॐ का उच्चारण करने से ध्यान केंद्रित करने की शक्ति का विकास होता है। इसके उच्चारण से ना केवल मानसिक शांति मिलती है बल्कि मस्तिष्क में रक्त का संचार भी बढ़ जाता है। इसे करने के लिए सुखासन में बैठकर हाथों को ज्ञानमुद्रा में रखें। इसके बाद लम्बी साँस लेकर ॐ का उच्चारण करते हुए साँस छोड़ें। ऐसा 3-5 बार करें।

ब्राह्मरी – आजकल बच्चों में भी थकान और तनाव का रहना आम बात हो गयी है जिसकी वजह से बच्चे ना तो अपना ध्यान पढ़ाई में अच्छे से लगा पाते हैं और ना ही खेलकूद में सक्रिय रूप से भाग ले पाते हैं। ऐसे में बच्चों के बचपन को खुशनुमा बनाने का बहुत आसान सा तरीका है ब्राह्मरी करवाना। इसे करने से वोकल कॉर्ड्स मजबूत बनते हैं, नींद की कमी भी दूर हो जाती है और गुस्सा, थकान और तनाव भी दूर हो जाता है। इसे करने के लिए सुखासन में बैठें और आँखे बंद करके सांस लें, कानों में ऊँगली डालकर हम्म्म्म्म की आवाज़ से सांस छोड़ें। थोड़े से अभ्यास के बाद बच्चों के लिए ऐसा कर पाना बहुत आसान हो जाएगा।

त्रिकोणासन – पूरी बॉडी को स्ट्रेच करने के लिए एक बेहतरीन आसन है त्रिकोणासन जिसमें हाथ, पैर, कूल्हे, रीढ़ की हड्डी और सीना मज़बूत होते हैं। इसके साथ-साथ नर्वस सिस्टम भी बेहतर बनता है।

इस आसन को करने के लिए सीधे खड़े हों, फिर पैरों के बीच में 2 फिट का गैप करें। दोनों हाथों को साइड में ले जाएँ। अब धीरे-धीरे दायी ओर झुकें और दायें हाथ से दायें पैर को छूने की कोशिश कीजिए। आपका बायां हाथ एकदम ऊपर की तरफ सीधा होना चाहिए और बायां घुटना भी सीधा रहना चाहिए। इस स्थिति में कुछ देर रुकें, फिर सामान्य स्थिति में आयें। यही क्रिया दूसरे हाथ से भी दोहरायें।

भुजंगासन – इस आसन को करने से बच्चों की रीढ़ की हड्डी और पीठ मजबूत बनती है और हाथ की मांसपेशियों के मजबूत बनने से बच्चों को लिखने में काफी मदद मिलती है। इसके अलावा ये आसन करने से पाचन क्रिया भी बेहतर होती जाती है और फेफड़ें भी मजबूत बनते हैं।

इस आसन को करने के लिए पेट के बल लेट जाएँ। अब दोनों हथेलियों को सीने के पास रखें। अब साँस लेते हुए सिर, कंधे और सीने को ऊपर की ओर उठाएं। सांस छोड़ते हुए सिर को नीचे लाएं। थोड़ी देर रिलैक्स करें और इसी क्रिया को दोहराएं।

वृक्षासन – वृक्षासन करने से मस्तिष्क में स्थिरता और संतुलन आता है और एकाग्रता बढ़ने के अलावा शरीर का संतुलन भी बनता है।

इस आसन को करने के लिए सीधे खड़े हो जाएँ। अब दाएं घुटने को मोड़ते हुए अपने दाएं पंजे को बायीं थाइज़ पर रखें और बाएं पैर को सीधा रखते हुए संतुलन बनायें रखें। संतुलन बन जाने के बाद गहरी साँस लेकर, दोनों हाथों को नमस्कार मुद्रा में रखें। कुछ देर इसी स्थिति में रहने के बाद हाथों को नीचे ले आएं और दाएं पैर को भी सीधा कर लें। अब दूसरे पैर से भी वही क्रिया दोहराएं।

दोस्तों, अब आप जान चुके हैं कि बच्चों के लिए स्वस्थ शरीर और तेज़ दिमाग पाना कितना आसान है और अगर आप बच्चों के साथ इन आसनों का अभ्यास करेंगे तो उनके लिए ऐसा कर पाना ना केवल आसान हो जाएगा बल्कि उन्हें इसमें मज़ा भी आने लगेगा इसलिए अगर आप चाहते हैं कि आपके बच्चे खुशमिज़ाज, स्वस्थ और तेज़ दिमाग वाले बने तो उनके साथ योगासन का अभ्यास शुरू कर दीजिये और बहुत आसानी से अपनी फैमिली को एक हेल्दी और हैप्पी फैमिली बना लीजिये।

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“ऑफिस में आसान व्यायाम से बने रहिये फिट”

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