बच्चों की हैंडराइटिंग सुधारने की टिप्स

दिसम्बर 30, 2017

एक अच्छी और सुन्दर हैंडराइटिंग सभी को आकर्षित करती है जबकि ख़राब हैंडराइटिंग को देखना कोई भी पसंद नहीं करता। आज के इस कंप्यूटर युग में बच्चे अपना ज़्यादातर समय कंप्यूटर के सामने ही बिताते हैं और उनमें लिखने की प्रवृत्ति भी काफी कम हुयी है। ऐसे में अच्छी हैंडराइटिंग लिखना उन्हें ना तो आसानी से आ पाता है और ना ही वो इसे इतना ज़्यादा महत्व देते हैं लेकिन अच्छी हैंडराइटिंग का महत्व कभी भी कम नहीं हो सकता इसलिए अगर आप चाहते हैं कि आपके बच्चों की हैंडराइटिंग अच्छी हो जाए तो इसके लिए आपको कुछ आसान से उपाय करने होंगे। तो चलिए, आज आपको बताते हैं बच्चों की हैंडराइटिंग सुधारने के कुछ तरीके–

बच्चों को अच्छी हैंडराइटिंग का महत्व बताये – आपके द्वारा किया गया कोई भी प्रयास तब तक सफल नहीं हो सकता जब तक बच्चे साफ़ और अच्छी हैंडराइटिंग का महत्व ना समझ जाएँ इसलिए सबसे पहले उन्हें समझाइये कि अच्छी हैंडराइटिंग एग्जाम पेपर में उन्हें अच्छे मार्क्स दिलाने में मददगार साबित होगी और क्लास-वर्क और होम-वर्क में अच्छी हैंडराइटिंग उन्हें टीचर से शाबाशी भी दिला सकती है। इन छोटे-छोटे प्रयासों से हो सकता है कि बच्चे हैंडराइटिंग के महत्व को समझ लें।

how-to-improve-child-handwritting2 बच्चों की हैंडराइटिंग सुधारने की टिप्स

उनका कॉन्फिडेंस बढ़ाइए – अच्छी हैंडराइटिंग का महत्व समझ लेने के बाद, बच्चों द्वारा किये जाने वाले प्रयासों पर उनकी तारीफ करिये। पहले ही प्रयास में सुन्दर हैंडराइटिंग नहीं बनाई जा सकती, इस बात को समझिये और उनके हर छोटे-छोटे प्रयासों में उनका साथ देने के अलावा उनकी तारीफ़ करके कॉन्फिडेंस भी बढ़ाइए।

उदाहरण दीजिये – बच्चे उदाहरण से बहुत जल्दी सीखते हैं इसलिए उन्हें ऐसे लोगों के बारे में बताइए जिनकी हैंडराइटिंग बिलकुल अच्छी नहीं हुआ करती थी लेकिन प्रैक्टिस करने से उन लोगों की हैंडराइटिंग भी आज बहुत अच्छी और सुन्दर हो गयी है। ऐसे कुछ लोगों के उदाहरण, बच्चों को प्रयास करने के लिए प्रेरित करेंगे और वो अपनी कोशिशों में जल्दी सफल होने लगेंगे।

पढ़ते समय बैठने की व्यवस्था सही रखिये – अक्सर हैंडराइटिंग बिगड़ने का कारण ग़लत जगह बैठकर लिखना होता है जिसकी वजह से शब्दों की बनावट बिगड़ जाती है। ऐसे में बच्चों के बैठने के कुर्सी-टेबल सही होने चाहिए। टेबल की ऊंचाई इतनी होनी चाहिए जिस पर बच्चे आसानी से कोहनियां टिकाकर लिख सकें और कुर्सी भी ऐसी हो जिस पर बैठकर पैर जमीन पर टिक जाए।

पेंसिल सही तरीके से पकड़ना सिखाये – बच्चे अपनी पढ़ाई के शुरुआती दिनों में जैसे लिखना सीख जाते हैं उनकी हैंडराइटिंग वैसी ही हो जाती है। ऐसे में बच्चों को शुरू से ही पेंसिल सही तरीके से पकड़ना सिखाना चाहिए। पेंसिल को अंगूठे और दूसरी ऊँगली के बीच में रखकर, पेंसिल के ऊपरी हिस्से को पकड़कर लिखने का अभ्यास कराना चाहिए।

how-to-improve-child-handwritting1 बच्चों की हैंडराइटिंग सुधारने की टिप्स

राइटिंग टूल्स की मदद लें – अगर बच्चे को पेंसिल सही तरीके से पकड़ना नहीं आ रहा है तो राइटिंग टूल्स की मदद लें, जिसमें जम्बो पेंसिल और राइटिंग होल्डर्स आते हैं। इनसे प्रैक्टिस करने से बच्चों की राइटिंग सुधरने लगती है।

वर्णमाला का निरंतर अभ्यास कराएं – अच्छी हैंडराइटिंग नहीं होने की स्थिति में बच्चों को वर्णमाला के हर अक्षर का अभ्यास कराते रहना चाहिए। ऐसा करने से बच्चों की हैंडराइटिंग सुधरने लगती है और अक्षरों को पहचानना भी पहले की तुलना में आसान होता जाता है।

हवा में लिखने की प्रैक्टिस कराएं – बच्चों की हैंडराइटिंग अच्छी नहीं होने का एक कारण ये भी हो सकता है कि उनके हाथ और कंधे की मांसपेशियां ठीक से विकसित ना हुयी हों। ऐसे में बच्चों को हवा में लिखने का अभ्यास कराना चाहिए। ऊँगली से हवा में वाक्य लिखने का अभ्यास करने से बच्चों के हाथ और कंधे की मांसपेशियां मजबूत होती है जिससे हैंडराइटिंग भी सुधरने लगती है।

बार-बार लिखने की आदत डालें – कोई भी काम अगर लगातार किया जाए तो उसमें सुधार आता ही है इसलिए बच्चों में बार-बार लिखने की आदत डालें जिससे उनकी हैंडराइटिंग अपने आप ही सुधर जायेगी।

अब आप जान चुके हैं कि इन आसान से तरीकों को अपनाकर बच्चों की हैंडराइटिंग को सुधारा जा सकता है। तो बस, देर किस बात की ! आज ही से बच्चों को अच्छी हैंडराइटिंग का महत्व समझाइये और उनकी हर कोशिश में उनके साथ जुड़े रहिये, फिर देखिये उनकी हैंडराइटिंग भी बहुत जल्द सुधर जायेगी क्योंकि बच्चों के लिए कोई भी काम करना मुश्किल नहीं होता।

आपको यह लेख कैसा लगा? अगर इस लेख से आपको कोई भी मदद मिलती है तो हमें बहुत खुशी होगी। अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे। हमारी शुभकामनाएँ आपके साथ है, हमेशा स्वस्थ रहे और खुश रहे।

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