बच्चों को पढ़ाई करने के लिए प्रेरित कैसे करे?

बचपन की उम्र जहाँ खेलने-कूदने और मस्ती करने की होती है वहीं अपने फ्यूचर की नींव रखने का सही समय भी यही होता है। इस भोली उम्र में बच्चों में अगर पढ़ाई के प्रति रुझान विकसित हो जाए तो उनके लिए आगे बढ़ने का रास्ता आसानी से खुल जाता है जबकि बचपन से ही पढ़ाई से जी चुराने की स्थिति में आगे बढ़ना पहाड़ चढ़ने जैसा मुश्किल लग सकता है। ऐसे में जरुरी है कि शुरू से ही बच्चों को पढ़ाई करने और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया जाए इसलिए आज बात करते हैं ऐसे तरीकों के बारे में, जिनकी मदद लेकर आप अपने बच्चों को पढ़ाई करने के लिए प्रेरित कर सकेंगे। तो चलिए, जानते हैं ऐसे तरीकों के बारे में–

इसका महत्त्व बताएं – अक्सर पैरेंट्स बच्चों को केवल होमवर्क पूरा करने की हिदायत दिया करते हैं और स्कूल समय पर पहुँचने के लिए प्रेरित करते हैं जबकि इसके साथ-साथ ये भी जरुरी है कि बच्चों को पढ़ाई के महत्त्व के बारे में बताया जाएं। उन्हें समय-समय पर समझाया जाए कि इसी पढ़ाई के दम पर वो आगे चलकर कुछ बन पाएंगे और अपनी पसंद की लाइफ जी सकेंगे। इतना ही नहीं, पढ़ाई आपके व्यक्तित्व को कैसे निखारती है, ये जानना भी बच्चों के लिए बेहद जरुरी है इसलिए उन्हें इसका महत्त्व बताते रहिये।

बच्चों को पढ़ने का माहौल दीजिये – केवल स्कूल की किताबों में डूबे रहने से बच्चों में पढ़ने के प्रति रुझान विकसित नहीं हो सकेगा बल्कि उन्हें ऐसा माहौल दिया जाना जरुरी है जो पढ़ने में रूचि पैदा करता हो। इसके लिए आप चाहे तो बच्चों को कभी-कभी लाइब्रेरी ले जा सकते हैं जहाँ हर कोई किताबों की दुनिया में खोया रहता है। ऐसा माहौल देखकर बच्चे पढ़ाई के प्रति अपनी रूचि विकसित कर सकेंगे और अगर आप उनके साथ बैठकर कुछ पढ़े तो इसका तो कहना ही क्या!

डिसिप्लिन सिखाएं – डिसिप्लिन के बिना ना तो पढ़ाई करना संभव है और ना ही बेहतर लाइफ बनाना। ऐसे में बच्चों में बचपन से ही अनुशासन  विकसित करना जरुरी है। इसके लिए उन्हें हर काम को सही तरीके से और सही समय पर करना सिखाएं ताकि डिसिप्लिन में रहकर हर काम करना उनकी आदत बन जाएँ।

पढ़ने में इंटरेस्ट बढ़ाएं – स्कूल की किताबों के अलावा भी बच्चे मनोरंजन के लिए कई तरह की किताबें पढ़ा करते हैं। ऐसे में उन पर आपकी पसंद की किताबें पढ़ने का दबाव ना बनायें बल्कि उनके इंटरेस्ट वाली पसंदीदा किताबें ही उन्हें पढ़ने दें क्योंकि ये जरुरी नहीं कि आज के बच्चे आपके बचपन की पंचतंत्र की किताबें पढ़ें बल्कि उन्हें तो स्पाइडरमैन जैसी नए ज़माने की कहानियों में इंटरेस्ट होगा।

बच्चों के साथ शामिल हो जाएं – बच्चे अपने पसंद की किताबें ही क्यों ना पढ़ें, अगर आप उनके साथ शामिल हो जाएंगे तो ना केवल उन्हें ख़ुशी होगी बल्कि आपके बीच का बॉन्ड भी बहुत गहरा हो जाएगा और पढ़ने में बच्चों को पहले से कहीं ज्यादा मजा भी आने लगेगा। इसका मतलब ये हुआ कि अगर फैमिली साथ  बैठे और पढ़ी गयी बातों और कहानियों के बारे में बात करे तो बच्चे में पढ़ने के प्रति उत्साह अपने आप बढ़ता जाएगा इसलिए अपने बच्चों के साथ ऐसा बेहतरीन समय बिताने के लिए भी थोड़ा समय जरूर निकालिये।

रंग-बिरंगी किताबें लाएं – छोटे बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रेरित करना हो तो उन्हें तस्वीरों वाली रंग-बिरंगी किताबें लाकर देनी चाहिए जिनमें बहुत ही आसान भाषा में कहानियां हो और सीखने जैसी बातें बताई गयी हो। ऐसी किताबें उन्हें पढ़ने के लिए प्रेरित करेंगी, साथ ही उन्हें कुछ नया सीखते रहने का मौका भी मिलेगा।

दोस्तों, बच्चों के प्रभावी और मजबूत व्यक्तित्व के लिए ये जरुरी है कि बचपन से ही उनमें अच्छी आदतें डालना शुरू कर दिया जाये क्योंकि इसी उम्र में बच्चे तेजी से सीखते है और इस उम्र में अगर पढ़ने के प्रति रूचि बढ़ा दी जाएँ तो ना केवल स्कूल की पढ़ाई करना बल्कि अच्छी किताबें पढ़ने और नया सीखते रहने की आदत भी उनमें विकसित हो जाएगी। बस इसके लिए आपको उन्हें थोड़ा समय और साथ देना होगा और उम्मीद है कि इसके लिए आप पूरी तरह तैयार होंगे।

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