दिग्गज कंपनियां जो हो गई दिवालिया

यह बात सच है की पैसा किसी एक का होकर नहीं रहता इस चक्कर में कई बड़ी नामी गिरामी कंपनी भी डूब चुकी हैं। जहाँ इन कंपनियों का बाजार पर कब्ज़ा हुआ करता था वहीँ आज ये दिवालिया घोषित हो चुकी हैं। आइये आपको भी बताते हैं कुछ ऐसी ही दिग्गज कंपनियों के बारे में जिनका एक समय पर बाजार पर कब्ज़ा था लेकिन आज इन कंपनियों की बैंड बज चुकी है।

1. नोकिया (Nokia) – किसी जमाने में मोबाइल का मतलब ही Nokia होता था। शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति हो जो Nokia कंपनी से अनजान हो क्योंकि Nokia कंपनी मोबाइल फ़ोन की शुरूआती कंपनियों में से एक है। Nokia फिनलैंड की कंपनी है जिसने लंबे समय तक मोबाइल बाजार में अपना कब्जा जमाए रखा लेकिन समय के साथ-साथ बाकी मोबाइल कंपनियों ने Nokia को टेक्नोलॉजी के मामले में पछाड़ दिया और इस तरह करीब 147 साल बाद Nokia कंपनी का नाम बाजार से हट गया। हालांकि अब Nokia कंपनी ने फिर से बाजार में वापसी की है लेकिन अभी भी इसकी स्थिति ऐसी नहीं है की वह बाजार पर अपना कब्जा जमा पाए।

2. एनरॉन (Enron) – अमेरिका की एनरॉन कंपनी बहुत जल्द सुर्खियों में आ गई थी। दरअसल इस कंपनी की शुरुआत 1985 में की गई थी और देखते-ही-देखते चंद सालों में यह 7वीं सबसे बड़ी कंपनी बन कर उभरी। लेकिन बाद में पता चला की इस कंपनी के सिर पर करीब 50 करोड़ डॉलर का कर्ज है और वह भी बाद में बढ़कर 63.8 करोड़ डॉलर हो गया है। इसके बाद यह कंपनी दिवालिया घोषित हो गई और दिवालिया घोषित होने का यह मामला अमेरिका का सबसे बड़ा मामला साबित हुआ।

3. कॉम्पैक (Compaq) – 90 के दशक की बात करें तो कंप्यूटर बाजार में कॉम्पैक कंपनी का बोलबाला था जिसने उस समय काफी बुलंदियों को छुआ। लेकिन जब 2002 में HP कंपनी कंप्यूटर बाजार में उतरी तो इसने कॉम्पैक कंपनी को भी पीछे छोड़ दिया। धीरे-धीरे कॉम्पैक कंपनी के कंप्यूटर की बिक्री काफी घट गई और आलम यह हुआ कि यह कंपनी दिवालिया हो गई। हालांकि इस कंपनी ने 20 साल तक कंप्यूटर बाजार में अपनी धाक जमाई लेकिन इसके बाद ये बाजार से गायब हो गई।

4. जनरल मोटर्स (General Motors) – एक समय मोटर कंपनियों में जनरल मोटर्स का बड़ा नाम चलता था। अपने समय में जनरल मोटर्स के सितारे बुलंदी पर थे जब इसके करीब 157 देशों में 2 लाख से भी ज्यादा कर्मचारी थे। लेकिन धीरे-धीरे हालात बदतर होते गए और इस कंपनी की कारों की बिक्री काफी कम हो गई। धीरे-धीरे यह कंपनी इतनी घाटे में चली गई कि 2009 में इस कंपनी को दिवालिया घोषित कर दिया गया। हालांकि वहां की सरकार ने जनरल मोटर्स की सहायता कर इसे दोबारा स्थापित किया लेकिन फिर भी यह कंपनी कुछ खास मुकाम हासिल नहीं कर पाई।

5. पोलरायड (Polaroid) – पहले इंस्टामैटिक कैमरे काफी ज्यादा चलन में थे और उसकी वजह ये थी की इससे फोटो खींचते ही तुरंत कैमरे से फोटो प्रिंट हो जाया करती थी। उस समय इंस्टामैटिक कैमरे पर पोलरायड कंपनी का कब्ज़ा था पोलरायड कंपनी ने कई इंस्टामैटिक कैमरे बाजार में उतारे और खासी मोटी कमाई भी की लेकिन जब से डिजिटल फोटोग्राफी का दौर आया तब से पोलरायड की हालत खराब हो गई और उसका बाजार कमजोर पड़ने लगा इसके फलस्वरूप 2001 में ये कंपनी दिवालिया घोषित हो गई।

6. डेल्टा एयरलाइंस (Delta Air Lines) – एक समय डेल्टा एयरलाइंस का बड़ा नाम हुआ करता था और इसे अमेरिका की सबसे सफल एयरलाइंस में भी गिना जाता था। लेकिन जब इंधन की कीमतें बढ़ी तो यह कंपनी ये वहन नहीं उठा पाई और धीरे-धीरे डेल्टा एयरलाइंस खत्म होने लगी। 2005 में आलम यह हुआ कि इस कंपनी को दिवालिया घोषित होना पड़ा। हालांकि 2007 में डेल्टा एयरलाइंस फिर से स्थापित हुई लेकिन कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाई।

7. ट्रंप एंटरटेनमेंट रिजॉर्ट (Trump Entertainment Resorts) – यह कंपनी अमेरिका के हाल के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की है। शुरुआत में यह कंपनी काफी मुनाफे में गई लेकिन 2008 में मंदी के समय कसीनो चलाने वाली इस कंपनी की हालत खराब हो गई और इसके दिवालिया होने की नौबत आ गई। आखिरकार 2009 में यह कंपनी दिवालिया घोषित कर दी गई और उस समय इस कंपनी पर 1.74 अरब डॉलर का कर्ज था। इससे पहले भी 2004 में यह कंपनी काफी घाटे में गई थी लेकिन 2008 में मंदी ने इस कंपनी की कमर तोड़ दी।

8. कोडैक (Kodak) – आपको रोल वाले कैमरा तो याद ही होंगे और इसमें एक कंपनी का राज था जिसका नाम है कोडैक। कोडैक कंपनी की शुरआत 19वीं सदी के आखिर दौर में हुई थी लेकिन 2012 तक आते आते इस कंपनी के दिवालिया होने की नौबत आ गई। इसके दिवालिया होने की वजह थी डिजिटल फोटोग्राफी जिसके बाद यह कंपनी बाजार से गायब हो गई और उस समय इस कंपनी पर करीब 6.75 अरब डॉलर का कर्ज था।

9. डेवू मोटर्स (daewoo motors) – आपने मटीज कार का नाम तो सुना ही होगा यह डेवू मोटर्स की ही कार थी। डेवू मोटर्स की शुरुआत दक्षिण कोरिया से साल 1982 में हुई थी लेकिन 1999 तक आते आते हैं यह कंपनी इतनी घाटे में गई थी यह बिक गई है। इस कंपनी को खरीदने वाली जनरल मोटर्स ही थी लेकिन उसका भी आलम यह रहा कि आगे चलकर वह भी दिवालिया घोषित हो गई।

10. IndyMac – IndyMac मोरगेज लोन देने वाली एक बड़ी कंपनी हुआ करती थी जो उधारकर्ताओं को बिना किसी संपत्ति या आय के बारे में पूर्ण दस्तावेज प्रदान किए बिना उधार देती थी। कंपनी की इस तरह की स्कीम बहुत लोकप्रिय हुई लेकिन डिफॉल्टर्स की संख्या तेजी से बढ़ने लगी और आखिरकार कंपनी को पतन की ओर ले गई। आगे चलकर आलम यह हुआ की जब यह कंपनी दिवालिया घोषित हुई तब इस कंपनी पर 200 से 500 बिलियन डॉलर का कर्ज हो चूका था।

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