बवासीर क्या है?

बवासीर या पाइल्स की समस्या पहले ज्यादा उम्र के लोगों को ही हुआ करती थी लेकिन आजकल जंक फूड खाने की आदत और अनहेल्दी रुटीन ने पाइल्स की प्रॉब्लम को इतना बढ़ा दिया है कि आज हर उम्र के बहुत से लोग इस बीमारी के शिकार हो गए हैं। पाइल्स होने पर गुदा या मलाशय की नसों में सूजन और तनाव आ जाता है जिससे मलत्याग में बहुत तकलीफ हो सकती है। ऐसे में बवासीर या पाइल्स से जुड़ी जानकारी आपको भी लेनी चाहिए ताकि इसके होने के कारण और बचाव के उपाय जानकर आप अपनी सेहत का ख्याल रख सके। तो चलिए, आज आपको बताते हैं बवासीर के बारे में।

बवासीर के कारण – गुदा की चारों तरफ की नसों में जब दबाव पड़ता है तो खिंचाव होने से उनमें सूजन आ जाती है जिससे बवासीर विकसित हो जाता है। इन कारणों से नसों में दबाव पड़ता है-

  • मलत्याग करते समय जोर लगाना
  • लम्बे समय तक कब्ज की समस्या रहना
  • टॉयलेट में लम्बे समय तक बैठे रहना

इनके अलावा बढ़ती उम्र, प्रेगनेंसी, मोटापा और आनुवंशिकता भी बवासीर का कारण बन सकती हैं।

बवासीर के लक्षण-

  • मल त्याग करने में दर्द होना
  • मल त्याग के दौरान ब्लीडिंग होना
  • गुदा के पास मस्से होना
  • गुदा के आसपास बार-बार खुजली होना
  • गुदा से बलगम जैसा स्राव निकलना

बवासीर से बचाव के उपाय – बवासीर से बचाव के लिए मल का नरम रहना जरुरी होता है ताकि उसे आसानी से बाहर निकाला जा सके। इसके लिए ये उपाय किये जाने चाहिए-

  • पानी पर्याप्त मात्रा में पीएं ताकि मल नरम होकर आसानी से बाहर निकल सके।
  • टॉयलेट में ज्यादा समय तक ना बैठे ताकि गुदा के आसपास के हिस्सों पर अनावश्यक दबाव ना पड़े।
  • फाइबर युक्त आहार लें जिनमें हरी-पत्तेदार सब्जियां और साबुत अनाज शामिल हो।
  • मल त्याग की जरुरत महसूस होने पर उसे अनदेखा ना करें क्योंकि ऐसा करने पर मल सख्त हो सकता है।
  • नियमित व्यायाम की आदत भी मल त्याग की प्रक्रिया को आसान बना सकती है।
  • लगातार बैठे रहने की बजाये थोड़ी-थोड़ी देर में टहलने की आदत डालें।

बवासीर से बचाव के लिए इन सभी प्रयासों पर गौर करें और अगर बवासीर का कोई भी लक्षण नज़र आये तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें ताकि इस तकलीफ को जल्द से जल्द दूर किया जा सके।

उम्मीद है कि ये जानकारी आपको पसंद आयी होगी और आपके लिए फायदेमंद भी साबित होगी।

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