बेनामी संपत्ति क्या होती है आसान शब्दों में समझें

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आपने टीवी, अखबारों या कई लोगों से बेनामी संपत्ति के बारे में सुना होगा। क्या आप जानते हैं कि बेनामी संपत्ति क्या होती है? बेनामी संपत्ति का नाम सुनकर कुछ लोगों के दिमाग में यह विचार आता है कि यह बिना नाम वाली संपत्ति होती है। लेकिन यह सच नहीं है। कुछ महीनों पहले आपने देश के प्रधानमंत्री द्वारा बेनामी संपत्ति पर रोकथाम लगाने पर सख़्त कानून लाने की बात पढ़ी या सुनी होगी। चलिए जानते हैं आखिर बेनामी संपत्ति क्या है और यह मुद्दा इतना संवेदनशील क्यों है कि देश के प्रधानमंत्री को इसमें दखल देना पड़ गया-

बेनामी संपत्ति क्या है –

  1. जब कोई व्यक्ति दूसरे व्यक्ति के नाम से संपत्ति खरीदता है और उसके नाम से पेपर बनवाता है लेकिन उसकी कीमातर खुद चुकाता है, तो उसे बेनामी संपत्ति कहा जाता है। यह दूसरा व्यक्ति उसके बच्चे, पत्नी, रिश्तेदार या सहयोगी हो सकते हैं।
  2. ऐसी ज्वाइंट प्रॉपर्टी को भी बेनामी संपत्ति माना जा सकता है जिसकी कीमत किसी एक व्यक्ति ने चुकाई है जबकि उसके हिस्सेदार की आय का स्रोत ज्ञात ना हो।
  3. कुछ लोग अपने कालेधन को सफेद करने के लिए अपने रिश्तेदारों और नौकर के नाम से भी संपत्ति खरीद लेते हैं जबकि उनकी आय का स्रोत ज्ञात नहीं होता है।
  4. कुछ लोग इनकम टैक्स से बचने के लिए दूसरे नामों से बैंकों में एफडी करा लेते हैं, इसे भी बेनामी संपत्ति कहा जा सकता है।

आसान शब्दों में ऐसे समझें – सरल भाषा में कहा जाए, तो बेनामी संपत्ति वो होती है, जिसे जिस व्यक्ति के नाम से खरीदा गया है, उसका भुगतान उस व्यक्ति ने नहीं किया है। लेकिन भविष्य में इस संपत्ति का लाभ भुगतान करने वाले व्यक्ति को ही मिलता है। उदाहरण के लिए आप कोई जमीन खरीदना चाहते हैं लेकिन आप उसे अपने नाम नहीं खरीदना चाहते, तो आपने उसे अपने भाई के नाम खरीद ली। इसे बेनामी संपत्ति कहा जाएगा क्योंकि कीमत आपने चुकाई है लेकिन मालिक आपका भाई है। आपको बता दें कि बेनामी संपत्ति में चल अचल दोनों तरह की संपत्ति शामिल हैं।

बेनामी संपत्ति क्यों लेते हैं लोग – बेनामी संपत्ति खरीदने के पीछे सिर्फ एक ही मकसद होता है और वो है इनकम टैक्स के दायरे से बचना।

कब पास हुआ कानून? – बेनामी संपत्ति पर रोक लगाने के लिए सरकार ने बेनामी लेनदन (पाबंदी) अधिनियम 1988 में पारित किया था। इस कानून के तहत बेनामी लेनदेन पर 3 साल की जेल और जुर्माना या दोनों का प्रावधान था।

संशोधन कानून के तेहत बेनामी संपत्ति रखने वालों के लिए सजा – बेनामी संपत्ति लेनदेन निषेध अधिनियम के अनुसार, बेनामी संपत्ति के तहत लेन-देन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी और दोषी पाए जाने पर एक से सात साल की सजा हो सकती है। इसके अलावा बाजार मूल्य के हिसाब से 25 प्रतिशत तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है। इतना ही नहीं गलत जानकारी देने पर छह महीने से लेकर पांच साल की सजा और बाजार मूल्य के हिसाब से 10 प्रतिशत तक का जुर्माना भी हो सकता है।

बेनामी संपत्त‍ि क्या नहीं है?

  • पत्नी, बच्चों, माता-पिता के नाम खरीदी गई संपत्त‍ि और आय के घोषित स्रोत के जरिये चुकाई गई कीमत बेनामी संपत्त‍ि के दायरे में नहीं आती है।
  • पत्नी, बच्चों, और भाई-बहन के नाम खरीदी गई ज्वाइंट प्रॉपर्टी, जो आय के ज्ञात स्रोतों से खरीदी गई हो, बेनामी संपत्त‍ि नहीं है।

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