एलोवेरा के फायदे और बेहतरीन उपयोग

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एलोवेरा एक ओषधीय पौधे के रूप में पूरे विश्व में विख्यात है। इसका उपयोग भारत में प्राचीन काल से ही होता आ रहा है। हमारे देश में इसकी 200 प्रजातियां पाई जाती है। जिसमे से 5 तरह के एलोवेरा का ही उपयोग ओषधि के रूप में होता है। वैसे पूरे विश्व में 500 प्रजातियां पाई जाती है। भारत में इसे घृतकुमारी या ग्वारपाठा के नाम से भी जाना जाता है। यह एक काँटेदार पौधा होने के बावजूद भी एलोवेरा के फायदे रोग निवारण गुण कूट-कूट के भरे है। इसे साइलेंट हिलर और चमत्कारी ओषधि कहा जाता है, जिस कारण ओषधि की दुनिया में इसे संजीवनी बूटी के नाम से भी जाना जाता है।

आयुर्वेदिक दवाओं के अलावा एलोवेरा का उपयोग एलोपेथिक दवाओं में भी होता है। इसके नित्य सेवन से बवासीर, डायबिटीज, गर्भाशय के रोग, जोड़ों का दर्द, मुहाँसे, खून की कमी को दूर करने में, सौंदर्य में, रूखी त्वचा, रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में, पेट की खराबी आदि कई रोगों के इलाज़ में एलोवेरा का कोई जवाब नही। शरीर के किसी भी अंग के कटने-जलने या चोट लगने पर एलोवेरा के जैल या गुदा को लगाने से घाव जल्दी भरता है और खुजली भी नही आती है।

एलोवेरा में 18 धातु, 15 एमीनो एसिड और 12 विटामिन पाये जाते है। प्राकृतिक रूप से यह ठंडी तासीर वाला पौधा है। हमारे शरीर को 21 अमीनो एसिड की जरूरत होती है जिनमें से 15 अमीनो एसिड केवल एलोवेरा में मिलते हैं। संक्षिप्त में इस पौधे के बारे में हम यह कह सकते है कि व्यक्ति को फिट रखने में यह महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है क्योकि इसके नित्य सेवन से शरीर में शक्ति व स्फूर्ति बनी रहती है।

आइये एलोवेरा के कुछ घरेलू उपायों को जानें और उपयोग में लाये :-

1. इसके गूदे का लेप पेट पर बाँधने से पेट के अंदर की गाठें गल जाती है।

2. सुबह खाली पेट 30 एम एल एलोवेरा के गूदे में 120 एम एल गुनगुना पानी मिलाकर पीने से कब्ज, शरीर के अन्य रोग और महिलाओं के मासिक धर्म के दौरान होने वाले कष्ट से आराम मिलता है।

3. इसके रस को आँखों में डालने से नेत्राभिश्यन्द नामक तकलीफ़ ठीक होती है।

4. छोटी-मोटी चोट लगने या जलने पर इसके जेल में विटामिन ई ऑयल मिलाकर लगाने से घाव जल्दी ठीक होता है।

5. ये इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है। इसमें विटामिन ए, बी, सी, डी, व कई तरह के मिनरल्स पाए जाते। अगर रोगों से बचना है तो रोज़ एलोवेरा जूस पिएं इससे शरीर की प्रतिरक्षा क्षमता बढ़ती है, पाचन क्रिया दुरुस्त रहती है, कमज़ोरी महसूस नही होती और पूरे दिन एनर्जी बनी रहती है।

6. इसके जूस में मेंहदी को मिलाकर बालों में लगाने से बाल चमकदार व मजबूत होते है, साथ ही रूसी भी ख़त्म होती है।

7. इसके स्लाइस को बीच में से काट कर चुटकी भर हल्दी डालकर चेहरे पर हल्के-हल्के रगडे और साफ कर ले। इससे चेहरे पर निखार आता है और त्वचा जवां दिखने लगती है। चेहरे से झुरिया, मुहाँसे और दाग-धब्बे भी दूर होते है।

8. नित्य इसके सेवन से थकान दूर होती है क्योकि यह शरीर में खून बढ़ाने के साथ खून का प्रवाह भी सही करता है जिससे उच्च रक्तचाप सामान्य रहता है और हार्ट अटैक की समस्या ना के बराबर हो जाती है।

9. इसमें एंटी-माइक्रोवाईल गुण होने के कारण एलोवेरा जूस को माउथ फ्रेशनर की तरह उपयोग में लाने से दाँत साफ रहते है, मुँह के किटाणु नष्ट होते है और मसूड़ों से खून आना बंद हो जाता है। अगर मुँह में छाले है तो वो भो ठीक हो जाते है।

10. रोज़ाना इसके जूस पीने से बढ़ा हुआ वज़न नियंत्रण में आ जाता है, बवासीर और अल्सर में भी जल्द आराम आता है। अगर आपकी आर्म डार्क है तो एलोवेरा जैल लगाये कुछ ही दिनों में बाहों के नीचे का कालापन पूरी तरह से ख़त्म हो जायेगा।

11. इसमें एंटी-बैक्टेरिया और एंटी-फंगल गुण होने के कारण यह खून में शर्करा का स्तर चमत्कारी रूप में बनाये रखता है जिससे टाइप 2 डायबिटीज कंट्रोल में रहता है, इसलिए रोजाना एलोवेरा जूस का सेवन करे।

12. कान में दर्द होने पर एलोवेरा के रस की कुछ बूँदें कान में डाले तुरंत आराम मिलेगा। एलोवेरा जैल को अर्थराइटिस के दर्द वाली जगह पर लगाने से राहत मिलती है क्योकि यह एक दर्द निवारक के रूप में भी काम आता है।

13. जोड़ों के दर्द में एलोवेरा के गूदे(पल्प) को गेहूँ के आटे में मिलाकर बाटी बना कर खाने से जोड़ों के दर्द की समस्या ख़त्म हो जाती है। शुद्ध एलोवेरा जैल में मुल्तानी मिट्टी, गुलाब जल या चंदन पाउडर को मिलाकर लगाने से त्वचा के कील-मुहांसे ठीक होते है और त्वचा भी नरम रहती है। प्रतिदिन एलोवेरा जूस पीने से आंते तंदुरुस्त रहती है, प्रोटीन लेने की क्षमता बढ़ती है और शरीर के नुक़सानदायक बैक्टेरिया भी कम होते है।

14. इसमें जैल या गूदे से बालों की जड़ों में मालिश करे फिर कुछ देर बाद बालों को धो ले। इससे बाल काले, घने, मजबूत तो होते ही है और गंजापन भी समाप्त होता है। यह एक बढ़िया हेयर कंडीशनर का काम करता है।

15. एक गिलास ठंडे नारियल पानी में 2-4 चम्मच एलोवेरा का रस मिलाकर पीने से शरीर को आंतरिक ठंडक मिलती है।

एलोवेरा स्वाद में कड़वा होते हुए भी इसके कण-कण में आश्चर्यजनक स्वस्थ रहने के कई गुण छिपे है। इसके जूस के अलावा इसकी सब्जी, अचार, दवाइयाँ भी बनाई जाती है। यह संपूर्ण शरीर का कायाकल्प करने की क्षमता रखता है। इसके जूस का नित्य सेवन करने से अस्थमा, सूजन, एक्जिमा, सनबर्न, स्किन इंफेक्शन, गर्भाशय के रोग, मोटापा, थकान, अल्सर, चर्म रोग, मधुमेह आदि कई बिमारियों में आराम मिलता है। रूप निखार में एलोवेरा के कई हर्बल प्रोडक्ट जैसे- एलोवेरा जैल, बॉडी लोशन, हेयर जैल, स्किन जैल, शैम्पू, फेशियल किट, साबुन, फेस वॉश, ब्यूटी क्रीम आदि प्रयोग में लाये जाते है।

एलोवेरा का इस्तेमाल बच्चों से बड़ों तक कोई भी कर सकता है। इसे आप अपने घर में गमलों में या खुली जगह पर बड़ी आसानी से लगा सकते है। इसके सेवन से हमारे शरीर की अंदरूनी सफाई होती है क्योकि इसमें शरीर को रोग मुक्त रखने के संपूर्ण गुण मौजूद है।

महिलायें इस बात का विशेष ध्यान रखे कि मासिक धर्म के समय, गर्भवती होने पर और बच्चें को अपना दूध पिलाने की अवधि तक एलोवेरा का किसी भी रूप में सेवन ना करे। ऐसी स्थितियों में एलोवेरा का सेवन स्त्रियों के लिए नुकसानदेह हो सकता है।

चीन, जापान और भारत में इसका उपयोग पारंपरिक चिकित्सा में किया जाता है। कड़वा होते हुए भी एलोवेरा ज़हरीला नही होता है इसलिए किसी भी रूप में इसका सेवन सुरक्षित है। एलोवेरा का नित्य सेवन एक उचित मात्रा में करे। बस, ज़रूरत है तो व्यस्त जिंदगी में से थोड़ा समय स्वयं के लिए निकालने का और इसे अपनाने का।

हमारा उद्देश्य आपका सामान्य ज्ञान बढ़ाना है। एलोवेरा के फायदे, एलोवेरा का इस्तेमाल कैसे और कितना करे उसके लिए आप अपने चिकित्सक से सलाह ज़रूर ले।

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