गुड़ के फायदे और औषधीय गुण

सर्दियों का मौसम आते ही स्वास्थ्य से जुड़ी बहुत सारी गुणकारी चीज़ों को खाने का सिलसिला शुरू हो जाता है। यूं तो हम पूरे वर्ष अपनी सेहत का ख्याल रखते ही है, लेकिन सर्दियों की तो बात ही कुछ ओर है। ऐसी ही बहुत सारी गुणकारी चीज़ों में एक नाम है गुड़, जिसे प्राकृतिक मिठाई के रूप में सदियों से जाना जाता है। दिखने में यह चाहें जैसा भी हो, लेकिन सेहत के लिहाज से इसमें गुणों का ख़जाना है। गुड़ को Jaggery के नाम से जाना जाता है। आइए जानते हैं गुड़ के फायदे और इससे जुड़ी जानकारी।

गन्ने के ताजे रस से गुड़ और चीनी दोनों बनाई जाती है। लेकिन चीनी बनाने की प्रक्रिया में लौह तत्व, पोटेशियम, गंधक, फासफोरस और कैल्शियम जैसे कई तत्व नष्ट हो जाते है। जबकि गुड़ की प्रक्रिया में ये सारे तत्व पूर्ण रूप से मौजूद होते है। क्योकि ये प्राकृतिक रूप से तैयार होता है, इसे बनाने में किसी भी तरह के रसायन का प्रयोग नही होता। जिस कारण इसे अपने मूल गुणों को खोना भी नही पड़ता। गुड़ लवण, मैग्नेशियम, आयरन और विटामिन-ए,बी का बेहतर स्त्रोत है। इसलिए सेहत के आधार पर चीनी का बढ़िया विकल्प है। क्योकि गुड़ चीनी का एक कच्चा प्रकार ही है, इस लिहाज से इसका सेवन भी लाभप्रद है। इसकी तासीर गर्म होती है। इसलिए सर्दियों के मौसम में गुड़ के फायदे अधिक है, वैसे तो गुड़ का सेवन पूरे वर्ष किया जा सकता है।

भारत और दक्षिण एशिया में गुड़ का उपयोग बड़े पैमाने पर होता है। प्राचीन भारत की आयुर्वेद चिकित्सा प्रणाली ने इसको औषधीय रूप में माना है। इसको नियमित खाने की आदत से गले और फेफड़ों के संक्रमण, सुखी खांसी, पाचन क्रिया, जुखाम, कफ जैसी बहुत सी मौसमी बिमारियों से भी राहत मिलती है। चीनी शरीर में अम्ल पैदा करती है, जिससे अनेकों तरह के वातरोग पैदा होते है। चीनी को पचाने में अधिक समय तो लगता ही है, साथ ही 500 कैलोरी उर्जा भी खर्च होती है। जबकि गुड़ खाने से शरीर में क्षार पैदा होता है, जो पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है। इसको को पचाने में सिर्फ़ 100 कैलोरी उर्जा ही लगती है। गुड़ तेज़ी से चीनी की तरह रक्त में नही मिलता है, इस कारण चीनी के बजाय गुड़ का सेवन ज़्यादा स्वास्थ्यवर्धक है।

तो आइये जाने गुड़ के फायदे और औषधीय गुण –

  1. पाचन शक्ति – ये भोज्य पदार्थो को पचाने में अति सहायक है। भोजन के उपरांत कम से कम 20 ग्राम ज़रूर खाएँ। बिमारियाँ आपसे दूर रहेगी। यह चयापचय को दुरुस्त और शरीर में खून को साफ भी रखता है।
  2. सर्दी-खांसी – इसकी तासीर गर्म होती है। सर्दी-खांसी व जुखाम जैसी समस्या होने पर इसकी चाय या लड्डू का प्रयोग करे। गुड़, अदरक और तुलसी का गरमा गरम काढ़ा पीने से जल्द लाभ मिलता है।
  3. सांस-संबंधी – यह शरीर के तापमान को कंट्रोल में रखता है, इसमे एंटी एलर्जिक तत्व होता है। 5 ग्राम गुड़ को समान मात्रा में सरसों तेल में मिलाकर खाने से सांस-संबंधी रोग नही होते। इस कारण ऐसे मरीजों के लिए इसका सेवन बहुत ही लाभकारी है।
  4. जोड़ों का दर्द – प्रतिदिन इसके एक टुकड़े को थोड़ी सी अदरक के साथ खाने से सर्दियों के मौसम में जोड़ों का दर्द नही सताता है।
  5. थकान या कमजोरी – इसको खाने से रक्त में शुगर का स्तर तुरंत नही बढ़ता और यह पचता भी जल्दी है। इसलिए प्रतिदिन इसके सेवन से थकान, कमजोरी या चक्कर जैसी समस्या नही होती है, क्योकि ये शरीर को तुरंत उर्जा प्रदान करता है।
  6. त्वचा के लिए – ये शरीर में खून को बढ़ाने में सहायक है। यह खून से टॉक्सिन को हटाता है, जिससे रक्त संचार सुचारू रूप से होता है और त्वचा में चमक आती है। कील-मुहाँसे भी नही होते है।
  7. कान दर्द – घी में इसको को मिलाकर खाने से कान दर्द में आराम आता है।
  8. एनीमिया – प्रतिदिन इसको खाने से शरीर में खून की कमी नही रहती है क्योकि यह आयरन का एक सस्ता सुलभ और अच्छा स्त्रोत है। यह हीमोग्लोबिन की मात्रा बढ़ाने में भी सहायक है। महिलाओं में आयरन की कमी ज़्यादा होती है, इसलिए महिलाओं को इसका सेवन प्रतिदिन करना चाहिए।
  9. गैस की समस्या – रोज सुबह खाली पेट थोड़ा सा गुड़ चूसने से गैस की तकलीफ़ दूर होती है।
  10. अस्थमा – गुड़ और काले तिल के लड्डू सर्दियों में खाने से शरीर में आवश्यक गर्मी बनी रहती है, जिससे सर्दी में अस्थमा की शिकायत भी नही रहती।
  11. गले की समस्या – गले में जलन, खराश या आवाज़ भारी होने पर पके चावल में इसको मिलाकर खाने से आवाज़ खुल जाती है और गले से संबंधित दूसरी तकलीफ़ भी दूर हो जाती है।
  12. पीलिया – पांच ग्राम सौंठ में दस ग्राम गुड़ मिलाकर खाने से पीलिया से काफी राहत मिलती है।

इसके अलावा इसके के नियमित सेवन से पेट की अन्य समस्या, माइग्रेन, लू लगने पर, वजन कम करने में, हड्डियों को मजबूत बनाने में , खट्टी डकारें, मासिकधर्म, भूख ना लगना, स्मरण शक्ति, दमा, कब्ज, दिल संबंधी आदि अनेकों समस्याओं में बेहद लाभकारी ह। गुड़ और बाजरे का खिचड़ा मिलाकर खाने से नेत्र ज्योति बढ़ती है। खट्टी डकारें आने पर गुड़ को काले नमक के साथ मिलाकर चाटे। ऐसे ही अनगिनत गुड़ के फायदे होते है सेवन से।

प्राचीन ग्रन्थों में कहाँ गया है गुड़ के नित्य सेवन से बुढ़ापा जल्द नही झलकता तथा मानसिक रोग भी दूर रहते है। कहाँ जाता है पुराना गुड़ ज़्यादा लाभकारी होता है। लेकिन पुराना गुड़ ना मिलने पर नये गुड़ को कुछ देर धूप में रखे दे फिर उपयोग में लाने से नया गुड़ भी पुराने जितना गुणकारी हो जाता है। खाने में स्वादिष्ट होने के साथ-साथ सेहत के लिहाज से गुणों की ख़ान है गुड़। बाजार में इससे बनी कई तरह की चीज़ें आसानी से प्राप्त हो जाती है। स्वाद के अनुसार आप अपने आहार चार्ट में गुड़ को किसी भी रूप में अपना सकते है। इसे आप समस्त परिवार को पूरे वर्ष खिलाएँ और खाएँ।

इसको खरीदते वक्त एक बात का विशेष ख्याल रखे। सफेद, साफ-सुथरा और सुंदर दिखने वाले गुड़ में सुपर-फॉस्फेट रसायन होता है जो स्वास्थ्य के लिहाज से हानिकारक है। इसलिए गहरे रंग का, बदसूरत सा दिखने वाला गुड़ ही खरीदे जो कि असली होता है। ज़रा सी सावधानी आपके सेहत की रक्षा करती है। गुड़ लाभकारी होने के साथ स्वास्थ्य के लिए आवश्यक भी है। इसे आप किसी भी मौसम में कभी भी खा सकते है। सर्दियों का मौसम गुड़ के लिया ज़्यादा श्रेष्ठ माना गया है। चीनी को सफेद धीमा ज़हर माना जाता है और गुड़ को अमृत कहाँ गया है। संक्षिप्त में कहे तो गुड़ खाद्य पदार्थ कम और औषधि ज़्यादा है।

हमारा उद्देश्य आपका सामान्य ज्ञान बढ़ाना है। संपूर्ण गुड़ के फायदे के लिए आप अपने आहार चिकित्सक से सलाह ज़रूर ले। कोई भी प्रयोग आजमाने से पहले अपनी सूझ-बुझ का इस्तेमाल जरूर करे। सदैव खुश रहे और स्वस्थ रहे।

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