तुलसी के हैरान कर देने वाले फायदे और उपयोग

हमारी भारतीय संस्कृति में तुलसी का विशेष महत्व है। यह पौधा मन और तन दोनो को स्वच्छ रखता है। तुलसी का पूरा पौधा किसी न किसी रूप में आयुर्वेदिक दवाइयों को बनाने में उपयोग में लिया जाता है। यह हमारे लिए सिर्फ़ आस्था का प्रतीक ही नही है बल्कि स्‍वास्थ्य का खज़ाना भी है। यह एक ऐसी वनस्पति है जो अपनी औषधीय गुणों के कारण आयुर्वेद दवाओें में सर्वोपरी है। आपके घर में अगर तुलसी का पौधा लगा हुआ है तो आप निश्चिंत हो जायें क्योंकि इसके नित्य सेवन से जुखाम, खाँसी, पेट दर्द, दमा, कब्ज, निमोनिया आदि अनगिनत बिमारियों का इलाज छुपा हुआ है। आइए जानते हैं तुलसी के उपयोग और फायदे क्या है।

जैसा कि हम सब जानते है भारत में सदियों से ही तुलसी के औषधीय गुणों को बहुत महत्ता दी गई है। आधुनिक युग में भी कई वैज्ञानिकों ने तुलसी पर शोध कर के इसमें उपस्थित गुणों की पुष्टि की है। तुलसी को पुरे विश्व में ओसियम सेंटम के नाम से जाना जाता है। इसके 22 प्रकार होते है, उसमे मुख्यतया श्यामा तुलसी, राम तुलसी, श्वेत तुलसी, गंध तुलसी, बन तुलसी प्रमुख है, जो आसानी से हर जगह उपलब्ध है। इसमें 27 प्रकार के खनिज पाए जाते हैं। इसकी महक से साधारण मच्छर ही नही बल्कि मलेरिया के मच्छर भी भागते है क्योंकि इसके पौधे में प्रबल विधुत-शक्ति होती है, जो पौधे के चारों तरफ दो सौ गज दायरे में फैली होती है। तुलसी की लकड़ी को माला के रूप में धारण करने से संक्रामक रोगों का भय भी नही रहता। इसके हज़ारों गुणों मे से कुछ गुणों पर हम रोशनी डालते है, जिसका लाभ आपको पूर्ण रूप से मिल सके। तो आइये जाने कि इसका सेवन किस बिमारी में कैसे किया जाये।

  1. लिवर संबंधी समस्या – इसकी 10-12 पत्तियां गर्म पानी से धोकर रोज सुबह खाने से लिवर की समस्याओं में बहुत फ़ायदा होता है।
  2. पेट दर्द में – एक चम्मच तुलसी की पत्तियों को पानी के साथ मिला कर गाढ़ा पेस्ट बना ले और नाभि व पेट के आस-पास इस लेप को लगा दे, आराम मिलेगा।
  3. पाचन समस्या – गैस (कब्ज) या दस्त की समस्या होने पर 200 मि० ली० पानी में 10-15 तुलसी की पत्तियों को डालकर उबालें और काढ़ा बना ले फिर उस काढ़े में चुटकी भर सेंधा नमक मिला के पी ले।
  4. बुखार आने पर – दो कप पानी में एक चम्मच तुलसी के पत्तों का चूर्ण और एक चम्मच इलायची पाउडर मिलाकर उबालें और काढ़ा बना ले और दिन में 2-3 बार पिएं। पानी एक कप रह जायें तब तक उबालें। स्वाद के लिए आप चाहें तो दूध और चीनी भी मिला सकते है।
  5. सर्दी-खांसी – इसकी पत्तियां कफ को साफ करने मे सहायक है। इसकी पत्तियों को थोड़ी-थोड़ी देर में अदरक के साथ चबाने से सर्दी-खांसी में राहत मिलती है।
  6. सांस संबधी समस्या – शहद, अदरक और तुलसी के पत्तों को एक गिलास पानी में उबाल कर काढ़ा बना के पिएं। इस काढ़े से ब्रोंकाइटिस, दमा, कफ और सर्दी में राहत मिलती है।
  7. हृदय रोग – ऐसे रोगियों को इसका सेवन नित्य करना चाहिए, क्योंकि यह खून में कोलेस्ट्रॉल का स्तर घटाती है।
  8. कान में दर्द – इसके पत्तों को सरसों के तेल में भून ले और लहसुन का रस मिला कर थोड़ा ठंडा कर के कान में 2-3 बूँद डालें, दर्द में तुरंत आराम मिलेगा।
  9. बवासीर में – इसके बीज के चूर्ण को ताज़ा दही के साथ लेने से खूनी बवासीर में आराम मिलता है।
  10. चर्म रोग – इसमें थाइमॉल नामक तत्व पाया जात है, जो त्वचा रोगों को दूर करने में सहायक है। जैसे दाद खांज, खुजली और त्वचा के अन्य रोगों में इसकी ताज़ा पत्तियों को संक्रमित त्वचा पर रगड़ें तथा तुलसी के अर्क को प्रभावित जगह पर लगाएं। इससे इंफेक्शन भी नही फैलता और कुछ ही दिनों में रोग भी दूर हो जाता है।
  11. चक्कर आने पर – शहद में इसकी पत्तियों का रस मिला कर चाटने से चक्कर आने बंद हो जाते है।
  12. रूप संवारे – तुलसी और नींबू के रस को बराबर मात्रा में मिला कर लेप बना लें और चेहरे पर लगाए, इससे झाइयां व फुंसियां भी ठीक होती है साथ ही चेहरे की रंगत भी बढ़ती है।
  13. दस्त और उल्टी में – अदरक का रस, छोटी इलायची व तुलसी के पत्तों के रस को बराबर मात्रा में लेने से उल्टी नही होती। तुलसी के पत्तों को भूने जीरे के साथ शहद में मिलाकर दिन में तीन बार चाटने से दस्त में आराम मिलता है।

इसमें इतने गुण होते है कि सारे गुणों के बारे में बताना असंभव है। इसका सेवन नित्य खाली पेट अवश्य करें। इसका सेवन बच्चें से बड़ों तक कोई भी कर सकता है। इसके नित्य सेवन से सांसो की दुर्गंध, लिवर में पथरी, केंसर, तनाव, ब्लड-प्रेशर, वायरल आदि अनेको बिमारियों में भी आराम मिलता है।

एक बात का ख़याल रखे खाली पेट तुलसी लेने के बाद तुरंत दूध ना पिएं। इसको दाँतों से ना चबाए, सीधे निगल ले क्योंकि इसमें पारा का अंश होता है जो हमारे दाँतों की परत को नुकसान पहुँचाता है। नित्य इसके सेवन से हमारी रोग-प्रतिरोधक क्षमता में भी वृद्धि होती है। पीने के पानी में भी कुछ पत्तियां तुलसी की डालकर रखने से वो पानी भी गुणकारी हो जाता है।

तुलसी के उपयोग और फायदे के लिए आप अपने चिकित्सक की सलाह भी ले सकते हैं, वो आपको आपकी ज़रूरत के हिसाब से संपूर्ण जानकारी देंगे।

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