आइये जानते हैं बंगाल के पर्यटन स्थल के बारे में। भारत के पूर्वी भाग में स्थित पश्चिम बंगाल राज्य संस्कृति और परम्परा में समृद्ध है। इस राज्य को भारत की सांस्कृतिक राजधानी के रुप में भी पहचान प्राप्त है।

इस राज्य का अपना गौरवशाली इतिहास है और ये स्थान ऐसे कवियों, चित्रकारों, फिल्मकारों और विद्वानों से सम्बंधित है जिन्होंने दुनियाभर में ख्याति प्राप्त की।

इस राज्य में पर्यटन के लिए भी बहुत से मनोरम दर्शनीय स्थल हैं। ऐसे में पश्चिम बंगाल की यात्रा पर आपको भी जरूर चलना चाहिए। तो चलिए जागरूक पर आज आपको ले चलते हैं पश्चिम बंगाल के पर्यटन स्थल।

बंगाल के पर्यटन स्थल 1

बंगाल के पर्यटन स्थल

विक्टोरिया मेमोरियल – कोलकाता में स्थित ये सफेद रंग का भवन ब्रिटिश राज के अंतिम दिनों में बना था और इसे वास्तुकला का आलीशान और अनूठा नमूना कहा जाता है।

बंगीय साहित्य परिषद् – बंगाल की सांस्कृतिक और पारम्परिक विरासत के अवशेषों को संभालने का कार्य ये परिषद् करता है। इसकी स्थापना 1910 में की गयी थी। कोलकाता में स्थित ये परिषद् पर्यटकों को बंगाल की सांस्कृतिक यात्रा से रूबरू करवाता है।

यहाँ बहुत सी प्राचीन कलाकृतियां, धातु और पत्थर की मूर्तियां, सोने और चांदी के सिक्के, कला शिल्प का प्रदर्शन किया गया है।

शाहिद मीनार – शाहिद मीनार एक ऐतिहासिक स्मारक है जो 1848 में बनवाया गया था। ये स्मारक 1814 से 1816 तक चले नेपाल युद्ध में विजय का प्रतीक है। इसे शहीद स्तम्भ भी कहा जाता है और ये स्मारक युद्ध में अपने जीवन को बलिदान करने वाले शहीदों को समर्पित है।

विद्यासागर सेतु – इसे दूसरे हुगली पुल के नाम से भी जाना जाता है। इंजीनियरिंग के एक अनूठे निर्माण के रुप में जाना जाने वाला ये सेतु 1992 में बनाया गया और ये सेतु कोलकाता और हावड़ा के बीच लिंक का काम करता है।

हावड़ा पुल – पश्चिम बंगाल के फेमस टूरिस्ट स्पॉट्स में से एक है हावड़ा पुल। इस पुल को रविंद्र सेतु कहा जाता है। इस पुल की बनावट इतनी भव्य है कि देश-विदेश में इसे सराहा जाता है।

फोर्ट विलियम – फोर्ट विलियम ब्रिटिश राज के सैन्य कौशल का प्रमाण है। इसकी वास्तुकला देखकर आप रोमांचित हो जायेंगे। इस राज्य में दो फोर्ट विलियम हैं जिन्होंने ईस्ट इंडिया कंपनी के समय में भारतीय सेना की ताकत के रुप में काम किया।

श्री रामकृष्ण मठ – इस मठ को बेलूर मठ के नाम से भी जाना जाता है। इसकी स्थापना स्वामी विवेकानन्द ने की थी। ये मठ हुगली नदी के पश्चिमी तट पर स्थित है। इस स्थान की वास्तुकला में हिन्दू पौराणिक और इस्लामिक वास्तुकला का प्रभाव देखा जा सकता है।

दार्जिलिंग – पश्चिम बंगाल के इस नगर में आपको बेहद खूबसूरत नज़ारे देखने को मिलेंगे। इस स्थान को कुदरत का करिश्मा कहा जा सकता है क्योंकि बर्फ से ढकी सफेद पहाड़ियां, जंगल, नदियां और चाय के बागान किसी खूबसूरत सपने जैसे लगते हैं।

कालींपोंग – दार्जिलिंग से करीब एक घंटे की दूरी पर स्थित ये हिल स्टेशन समुद्र तल से 4000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। इस स्थान पर पश्चिम बंगाल की संस्कृति, खानपान और परंपरा को देखा जा सकता है।

डूअर्स – इसे द्वार भी कहा जाता है। ये स्थान भूटान की सीमा से लगा हुआ है और दार्जिलिंग से सटा ये इलाका चाय के बागानों, हरे-भरे जंगलों और नदियों के कारण पर्यटकों में काफी प्रसिद्ध है। यहाँ घूमते हुए जलदापाड़ा राष्ट्रीय उद्यान भी देखा जा सकता है।

पश्चिम बंगाल के खूबसूरत और मनोरम पर्यटन स्थलों को देखने के लिए एक बार पश्चिम बंगाल की सैर पर जरुर जाइये।

उम्मीद है बंगाल के पर्यटन स्थल कि ये जानकारी आपको पसंद आयी होगी और आपके लिए फायदेमंद भी साबित होगी।

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