भारी जल क्या है?

आइये जानते हैं भारी जल क्या है। ये तो आप भी जानते हैं कि जल जीवन के लिए बहुत जरुरी है लेकिन क्या आपको पता है कि जल के भी बहुत से प्रकार होते हैं और भारी जल उन्हीं में से एक है।

ऐसे में क्यों ना आज जल से जुड़े इस दिलचस्प पहलू के बारे में जानें। तो चलिए जागरूक पर जानते हैं भारी जल क्या है।

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भारी जल क्या है?

पानी का एक अणु (H2O) हाइड्रोजन के दो परमाणुओं और ऑक्सीजन के एक परमाणु के मिलने से बनता है। हाइड्रोजन के तीन रूप होते हैं- साधारण हाइड्रोजन, ड्यूटेरियम और ट्राइटियम। हाइड्रोजन के ये रूप इसके समस्थानिक कहलाते हैं।

भारी जल ड्यूटीरियम का ऑक्साइड होता है और प्रकृति में बहुत ही कम मात्रा में पाया जाता है। ऐसे में भारी पानी को अलग करना बहुत जटिल और महँगी प्रक्रिया साबित होता है।

भारी जल की खोज वैज्ञानिक यूरे ने 1932 में की थी और जल के वैद्युत अपघटन से भारी जल प्राप्त करने की विधि खोजी थी। अपने साथियों ब्राउन, डगेट के साथ मिलकर यूरे ने पांच पदों में पूरी होने वाली प्रक्रिया से भारी जल बनाया।

इस प्रक्रिया के अंत में प्राप्त हुयी शुद्ध भारी हाइड्रोजन को ऑक्सीजन के साथ जलाकर 100% भारी जल प्राप्त किया जाता है।

इसके अलावा न्यूजीलैंड में भी साधारण जल के प्रभावी आसवन से भारी जल प्राप्त करने की विधि खोजी गयी है। भारी पानी का सबसे ज्यादा उपयोग परमाणु भट्टी में होता है। भारी जल साधारण जल से किस तरह अलग है-

  • साधारण पानी 100 डिग्री सेल्सियस पर उबलता है और 0 डिग्री सेल्सियस पर बर्फ बन जाता है लेकिन भारी पानी 101.42 डिग्री सेल्सियस पर उबलता है और 3.802 डिग्री सेल्सियस पर जमता है।
  • शुद्ध भारी पानी में मछलियां दम तोड़ देती हैं।
  • भारी पानी जलीय पौधों और जीवों के शरीर के विकास में बाधा बनता है।
  • भारी पानी में बीज अंकुरित नहीं हो पाते हैं।
  • साधारण पानी के बिना जीवन की कल्पना संभव नहीं है जबकि भारी पानी जीवन के लिए विषकारी साबित हो सकता है।

उम्मीद है जागरूक पर भारी जल क्या है कि ये जानकारी आपको पसंद आयी होगी और आपके लिए फायदेमंद भी साबित होगी।

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