भगत सिंह की कही ये बातें जो हर किसी में जोश भर दे

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भगत सिंह मात्र 30 वर्ष की उम्र में अपने देश के लिए फांसी के फंदे पर झूल गए थे। भगत सिंह का जन्म 28 सितंबर 1907 को पंजाब के लायलपुर ज़िले के बंगा गांव में हुआ था और आगे चलकर इन्होंने देश को अंग्रेजों से आजाद कराने के लिए अपनी जी जान लगा दी और देश भक्ति की एक नई मिसाल बन गए। अपनी क्रांतिकारी गतिविधियों के चलते भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु तीनों देश भक्तों को अंग्रेजी सरकार द्वारा 23 मार्च 1931 को फांसी पर लटका दिया गया।

भगत सिंह उस समय सभी युवाओं के लिए एक प्रेरणा बन गए थे। भगत सिंह को फांसी 24 मार्च को सुबह दी जानी थी लेकिन जनता के भड़क जाने के डर से ब्रिटिश सरकार ने 23-24 मार्च की मध्यरात्रि को ही इन तीनों वीर जवानों को फांसी पर लटका दिया। इस घटना से पूरा देश बहुत गुस्से में था।

भगत सिंह को फांसी की सजा सुनाने पर पूरा देश शोक और चिंतन में था लेकिन जांबाज वीर जवान Bhagat Singh के माथे पर एक शिकन तक नहीं थी। भगत सिंह और उनके साथियों ने हंसते-हंसते फांसी के फंदे को चूमकर अपने गले लगा लिया।

भगत सिंह आज भी युवाओं के लिए एक प्रेरणा का स्रोत हैं और इनके द्वारा कई गई कुछ बातें ऐसी हैं जो आज भी हर किसी के दिल में जोश जगा दे। आइए आपको बताते हैं भगत सिंह के द्वारा कही गई जोश जगा देने वाली

कुछ अनमोल बातें हैं –

“जिंदगी तो अपने दम पर ही जी जाती है,
दूसरों के कंधों पर तो सिर्फ जनाजे उठाए जाते हैं।!”

“प्रेमी, पागल और कवि एक ही चीज से बने होते हैं।!”

“राख का हर एक कण मेरी गर्मी से गतिमान है
मैं एक ऐसा पागल हूं जो जेल में भी आजाद है।!”

“किसी भी इंसान को मारना आसान है
परंतु उसके विचारों को नहीं।!”

“दिल से निकलेगी न मरकर भी वतन की उल्फत
मेरी मिट्टी से भी खुशबू ए वतन आएगी।!”

“अपने दुश्मन से बहस करने के लिए
उसका अभ्यास करना बहुत जरूरी है।!”

“सीने पर जो जख्म हैं, सब फूलों के गुच्छे हैं
हमें पागल ही रहने दो, हम पागल ही अच्छे हैं।!”

“लिख रहा हूं मैं अंजाम जिसका कल आगाज आएगा
मेरे लहू का हर एक कतरा इंकलाब लाएगा।!”

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