आइये जानते हैं भारत के ऐतिहासिक स्थल के बारे में। भारत एक विविधता सम्पन्न देश है जिसका इतिहास, सभ्यता और संस्कृति इतनी समृद्ध है कि पूरी दुनिया में भारत देश अपने गौरवशाली इतिहास और सम्पन्न धरोहर के लिए जाना जाता है।

यहाँ बहुत से भव्य ऐतिहासिक स्थल, किले, महल और मंदिर स्थित है जो इस देश की विविधता की झांकी दिखाते हैं। ऐसे में क्यों ना आज, भारत के ऐतिहासिक स्थलों के बारे में जानकारी ली जाये। तो चलिए, आज भारत के ऐतिहासिक स्थलों के बारे में जानते हैं।

भारत के ऐतिहासिक स्थल

ताजमहल – भारत की शान कहा जाने वाला ताजमहल प्रेम का प्रतीक माना जाता है। सफेद संगमरमर से तैयार ताजमहल को शाहजहां ने अपनी पत्नी मुमताज महल की याद में 1632 ईस्वी में बनवाया था। इसे बनने में 22 साल का समय लगा था और इसकी नायाब खूबसूरती के कारण ही इसे दुनिया के सात अजूबों में शामिल किया गया था।

भारत के ऐतिहासिक स्थल 1

कुतुब मीनार – उत्तर भारत में स्थित कुतुब मीनार मुस्लिम वास्तुकला का बेहतरीन उदाहरण है। इसका निर्माण बलुआ पत्थर से किया गया था। इस मीनार का नाम भारत के पहले मुस्लिम शासक कुतुबुद्दीन ऐबक के नाम पर कुतुबमीनार रखा गया। ईंटों से बनी विश्व की सबसे ऊँची इस मीनार की ऊँचाई 73 मीटर है। इस मीनार के चारों ओर बने अहाते में भारतीय कला के बेहतरीन नमूने देखे जा सकते हैं।

लाल किला – मुग़ल शासक शाहजहां ने जब दिल्ली को अपनी राजधानी बनाया, तब लाल किले का निर्माण करवाया। उस समय इस किले का नाम किला-ए-मुबारक रखा गया। ये ऐतिहासिक किला लगभग 10 साल में बनकर तैयार हुआ। हर साल 15 अगस्त को इसी किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री देश को सम्बोधित करते हैं।

फतेहपुर सीकरी – मुग़ल शासक अकबर के शासन काल में मुगलों की राजधानी फतेहपुर सीकरी शहर था जो हिन्दू और मुस्लिम वास्तुशिल्प का अनूठा नमूना है। यहाँ स्थित बुलंद दरवाजा इस शहर की पहचान रहा है। साथ ही इस शहर में सूफी संत सलिल चिश्ती का घर भी था।

हवामहल – राजस्थान की राजधानी जयपुर में स्थित हवामहल एक अद्वितीय पांच मंजिला इमारत है जिसका निर्माण 1798 में महाराजा सवाई प्रतापसिंह ने करवाया था। इस खूबसूरत इमारत में 953 छोटी-छोटी जालीदार खिड़कियां हैं जिन्हें झरोखा कहा जाता है। इन खिड़कियों से ही राजघराने की महिलाएं महल से बाहर होने वाली गतिविधियों को देखा करती थी। वेंचुरी प्रभाव के चलते इन जालीदार झरोखों से हमेशा ठंडी हवा महल के अंदर आती रहती है इसलिए इस इमारत को हवामहल कहा जाता है।

भारत के ऐतिहासिक स्थल 2

साँची स्तूप – मध्य प्रदेश में स्थित साँची के स्तूप बौद्ध धर्म का पालन करने वालों के लिए एक महत्वपूर्ण और विशेष धार्मिक स्थल है। इस स्थान पर भगवान बुद्ध के अवशेष रखे हुए हैं। इस ऐतिहासिक स्थल का निर्माण सम्राट अशोक ने 3 शताब्दी ईसा पूर्व करवाया था।

कोणार्क मंदिर – बंगाल की खाड़ी के तट पर स्थित ये सूर्य मंदिर ओडिशा के पुरी शहर से 35 किलोमीटर दूर स्थित है। इस मंदिर का निर्माण गंग वंश के महान राजा नरसिम्हादेव-1 ने करवाया था। भारत का ये प्रसिद्ध ऐतिहासिक स्थल अपनी प्राचीन वास्तुकला के लिए विश्वभर में मशहूर है।

खजुराहो मंदिर – मध्य प्रदेश के छतरपुर में खजुराहों के मंदिर स्थित हैं जिनका निर्माण चंदेल राजाओं ने करवाया था। इन मंदिरों का निर्माण 950 ईस्वी से 1050 ईस्वी के बीच हुआ। इस ऐतिहासिक स्थल को यूनेस्को द्वारा विश्व विरासत की सूची में शामिल किया गया था।

चारमीनार – हैदराबाद में स्थित इस ऐतिहासिक स्मारक का निर्माण 1591 ई. में सुल्तान मुहम्मद कुली कुतुब शाह ने करवाया था। मुसी नदी के पूर्वी तट पर निर्मित ये स्मारक भारत के प्रमुख स्मारकों में शामिल है।

हुमायूँ का मकबरा – भारत के प्रसिद्ध ऐतिहासिक स्थलों में से एक है हुमायूँ का मकबरा, जो भारतीय और ईरानी वास्तुकला का बेहतरीन उदाहरण है। इस मकबरे का निर्माण हुमायूँ की बीवी हमीदा बानू बेगम ने 15वीं शताब्दी में अपने पति के लिए करवाया था। यहाँ मकबरे के साथ एक खूबसूरत उद्यान भी स्थित है।

स्वर्ण मंदिर – पंजाब के अमृतसर में स्थित ये मंदिर सिख धर्म का एक प्रमुख स्थल है। इसे हरमिंदर साहिब और स्वर्ण मंदिर नामों से जाना जाता है। इस गुरूद्वारे का नक्शा लगभग 400 साल पहले खुद गुरु अर्जुन देव जी ने तैयार किया था। यहाँ हर साल हर धर्म के लोग आते हैं। इस गुरूद्वारे का बाहरी हिस्सा सोने का बना हुआ है इसलिए इस मंदिर को स्वर्ण मंदिर भी कहा जाता है।

उम्मीद है जागरूक पर भारत के ऐतिहासिक स्थल कि ये जानकारी आपको पसंद आयी होगी और आपके लिए फायदेमंद भी साबित होगी।

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