भारत के 10 सबसे प्रसिद्ध और प्राचीन मंदिर

भारत विभिन्नताओं का देश है जहाँ अलग अलग धर्म के लोग रहते हैं और हर धर्म की अपनी अलग पहचान और संस्कृति है। यहाँ सभी धर्मों को एक सामान सम्मान दिया जाता है। अगर बात करें हिन्दू धर्म की तो दुनिया भर में करीब 900 मिलियन हिन्दू धर्म को मानने वाले लोग रहते हैं लेकिन हिन्दुओं की सबसे ज्यादा संख्या भारत में ही है। भारत प्राचीन समय से ही हिन्दू बाहुल्य देश रहा है और यही कारण है की यहाँ मंदिरों की भी भरमार है। यहाँ कई प्राचीन मंदिर हैं जो हजारों साल पुराने हैं। तो आइये आज आपको बताते हैं भारत के कुछ ऐसे ही प्राचीन और प्रसिद्द मंदिरों के बारे में।

काशी विश्वनाथ मंदिर (वाराणसी, उत्तर प्रदेश) – उत्तर प्रदेश के वाराणसी में स्थित ये मंदिर एक प्राचीन मंदिर है जिसका निर्माण 1780 में अहिल्याबाई द्वारा कार्य गया था। भगवान शिव के नाम से प्रसिद्ध इस मंदिर की हिन्दू धर्म में काफी मान्यता है।

भगवान जगन्नाथ मंदिर (पुरी, ओडिशा) – भगवान जगन्नाथ मंदिर भी काफी प्रसिद्द और प्राचीन मंदिर है जिसका निर्माण 12वीं सदी में हुआ था। धर्म गुरुओं का मानना है यहाँ देवी लक्ष्मी ने महाप्रसाद बाँटा और जिसने भी इस प्रसाद को ग्रहण किया उनको आध्यात्मिक ज्ञान की प्राप्ति हुई थी।

वेंकटेश्वर तिरुपति बालाजी मंदिर (आंध्र प्रदेश) – तिरुपति बालाजी मंदिर में हिन्दू धर्म के लोगों की काफी मान्यता है और इसी कारण यहाँ दर्शन के लिए हर साल करीब 40 मिलियन श्रद्धालु आते हैं। इस मंदिर का निर्माण कृष्णदेव राय के शासन काल में किया गया था। आपको बता दें की ये मंदिर भारत का दूसरा सबसे धनी मंदिर है।

वैष्णो देवी मंदिर (जम्मू) – जम्मू की पहाड़ी की चोटी पर स्थित माता वैष्णो देवी के इस मंदिर की भी काफी मान्यता है। यहाँ हर साल लगभग 8 लाख भक्तों की संख्या आती है।

सोमनाथ मंदिर (गुजरात) – भगवान शिव के प्रथम ज्योतिर्लिंग के रूप में मान्यता प्राप्त सोमनाथ मंदिर देश के सबसे प्रसिद्द मंदिरों में से एक है। कहा जाता है की भगवान शिव के अभिशाप से मुक्त होने के बाद ही चंद्रदेव ने इस मंदिर का निर्माण कराया था।

कामख्या देवी मंदिर (असम) – असम में स्थित ये मंदिर 51 शक्ति पीठों में से सबसे पुराना मंदिर है। यहाँ श्रद्धालु अपनी इच्छाओं की प्राप्ति के लिए आस्था के तौर पर देवी पर बकरियों की बलि चढ़ाते हैं।

महाबोधि मंदिर परिसर (बिहार) – बिहार का महाबोधि मंदिर परिसर ही वो स्थान है जहाँ भगवान बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति हुई थी। यहाँ हिन्दू और बौद्ध धर्म को मानने वाले लोगों की भारी भीड़ आती है।

सिद्धिविनायक मंदिर (महाराष्ट्र) – भगवान गणेश के इस सुप्रसिद्ध मंदिर का निर्माण 1801 में किया गया था। आपको बता दें की इस मंदिर परिसर की छत सोने से निर्मित है और यहाँ के लकड़ी के दरवाजे अष्टविनायक की छवियों को तराश कर बनाये गये हैं।

रामनाथस्वामी मंदिर (रामेश्वरम, तमिलनाडु) – भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक इस मंदिर की ख़ास मान्यता है। इस मंदिर के गर्भगृह में एक सीता देवी द्वारा निर्मित और एक भगवान हनुमान द्वारा निर्मित, दो शिवलिंग हैं।

शिर्डी साईं बाबा मंदिर (महाराष्ट्र) – साईं बाबा का ये मंदिर भारत का तीसरा सबसे धनी मंदिर है। शिर्डी में ही साईं बाबा का जन्म हुआ था। यहाँ हर साल लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं और आपको बता दें की यहाँ हर साल करीब 35 करोड़ रूपये दान के रूप में आते हैं।

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